नई दिल्ली। देश में आगामी त्योहारों के सीजन में चीनी की जमाखोरी (Hoarding) रोकने और आम जनता को बढ़ती कीमतों से राहत देने के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने चीनी डीलरों, थोक विक्रेताओं और बड़े खुदरा विक्रेताओं के लिए चीनी की स्टॉक सीमा (Stock Limit) तय कर दी है।
नए सरकारी आदेश के मुताबिक, अब कोई भी डीलर एक निश्चित मात्रा से अधिक चीनी का स्टॉक नहीं रख सकेगा। यह कदम आगामी त्योहारी सीजन (Navratri, Diwali) के दौरान बाजार में चीनी की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने और कीमतों को काबू में रखने के उद्देश्य से उठाया गया है।
15 सितंबर से लागू होंगे नए नियम
खाद्य और उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, यह कानून 15 सितंबर से पूरे देश में प्रभावी हो जाएगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि त्योहारों के दौरान चीनी की मांग बढ़ जाती है, जिसका फायदा उठाकर कुछ कारोबारी मुनाफाखोरी की कोशिश करते हैं। इसी को रोकने के लिए यह सख्त कदम उठाया गया है।
स्टॉक लिमिट से जुड़ी मुख्य बातें:
- 2000 क्विंटल की सीमा: कोई भी चीनी डीलर या थोक व्यापारी एक समय में अधिकतम 2000 क्विंटल से ज्यादा चीनी का स्टॉक नहीं रख पाएगा।
- 30 दिनों की समय सीमा: कारोबारी खरीदे गए चीनी के स्टॉक को अपने पास 30 दिनों से अधिक समय तक जमा करके नहीं रख सकते। उन्हें इस अवधि के भीतर स्टॉक को बाजार में निकालना होगा।
- साप्ताहिक घोषणा: सभी डीलरों और मिलों को अपने स्टॉक की जानकारी सरकार के तय पोर्टल पर नियमित रूप से अपडेट करनी होगी।
क्यों लिया गया यह फैसला?
- कीमतों को नियंत्रित करना: बाजार में चीनी की सप्लाई लगातार बनी रहने से इसके दाम आम उपभोक्ताओं के बजट में रहेंगे।
- कृत्रिम कमी को रोकना: कुछ व्यापारी त्योहारी सीजन में अधिक मुनाफे के चक्कर में चीनी को दबा लेते हैं, जिससे बाजार में कृत्रिम कमी (Artificial Shortage) पैदा हो जाती है। नए नियमों से इस पर पूरी तरह लगाम लगेगी।
- त्योहारों पर बड़ी राहत: रक्षाबंधन और गणेश उत्सव के बाद अब आगामी बड़े त्योहारों जैसे दुर्गा पूजा, दशहरा और दिवाली के दौरान मिठाई और अन्य खाद्य सामग्रियों की कीमतों को बढ़ने से रोका जा सकेगा।
उल्लंघन करने पर होगी सख्त कार्रवाई
सरकार ने सभी राज्यों के मुख्य सचिवों और खाद्य कप्तानों को इस आदेश को कड़ाई से लागू करने के निर्देश दिए हैं। यदि कोई भी डीलर या व्यापारी तय सीमा (2000 क्विंटल) से अधिक चीनी रखता है या 30 दिन से ज्यादा स्टॉक जमा करता है, तो उसके खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम (Essential Commodities Act) के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। दोषी पाए जाने पर भारी जुर्माने के साथ-साथ स्टॉक जब्त करने और जेल तक की सजा का प्रावधान है।


