Sunday, September 6, 2026

TOP NEWS

“कमाई का महा-मौका! खुलने...

प्राइमरी मार्केट में महा-धमाका! अगले हफ्ते खुलने जा रहे हैं 11 मेनबोर्ड IPO,...

“Infinix Hot 70 Pro...

बजट स्मार्टफोन मार्केट में Infinix का महा-धमाका! बेहद कम दाम में मिल रहे...

सरकार से सवाल पूछना...

पंडित राजा रूपौलिहासरकार से सवाल पूछना क्या ‘दिमागी नक्सल’ है?स्कूलों की बदहाली पूछो...

सहारनपुर: कलेक्ट्रेट में ढहाई...

सहारनपुर: कलेक्ट्रेट में ढहाई गई मस्जिद के मलबे से निकला 20 फीट गहरा...
Homeगुजरातक्राइम सीन रीक्रिएशन या सरेआम इंसाफ? गुजरात में लिव-इन पार्टनर के हत्यारे...

क्राइम सीन रीक्रिएशन या सरेआम इंसाफ? गुजरात में लिव-इन पार्टनर के हत्यारे को पुलिस ने रस्सी से बांधकर पीटा, वीडियो वायरल

क्राइम सीन रीक्रिएशन या सरेआम इंसाफ? गुजरात में लिव-इन पार्टनर के हत्यारे को पुलिस ने रस्सी से बांधकर पीटा, वीडियो वायरल

भावनगर: चिराग सोनी
गुजरात के भावनगर से पुलिसिया कार्रवाई का एक सनसनीखेज वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। यहाँ पुलिस एक हत्या के आरोपी को ‘क्राइम सीन रीक्रिएट’ (Crime Scene Reconstruction) कराने के लिए घटनास्थल पर लेकर पहुंची थी। लेकिन इसके बाद जो हुआ, उसने पुलिस की कार्यप्रणाली और मानवाधिकारों पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिसकर्मियों ने आरोपी को रस्सियों से बांधा, सड़क पर घसीटा और सार्वजनिक रूप से लाठियों से उसकी बेरहमी से पिटाई कर दी।

गुजरात पुलिस का फैसला ऑन द स्पॉट

बस स्टैंड पर की थी लिव-इन पार्टनर की हत्या
यह पूरा मामला एक सनसनीखेज हत्याकांड से जुड़ा है। आरोपी की पहचान फैसल उर्फ खटकी लखानी के रूप में हुई है। आरोप है कि फैसल ने भावनगर के एसटी बस स्टैंड पर अपनी लिव-इन पार्टनर काजल बरैया की डंडे से पीट-पीटकर बेरहमी से हत्या कर दी थी। अस्पताल में इलाज के दौरान काजल ने दम तोड़ दिया, जिसके बाद पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी को दबोच लिया था।

यह भी पढ़े

एमपी: सागर में नकली शराब का कहर, जहरीले घूंट ने ली 9 की जान; 25 से ज्यादा बीमार

सरेआम बरसाईं लाठियां, पुलिस ने किया कार्रवाई का बचाव
जांच के सिलसिले में नीलमबाग पुलिस आरोपी को उसी बस स्टैंड पर लेकर गई थी, जहाँ वारदात हुई थी। स्थानीय सूत्रों और वायरल वीडियो के अनुसार, पुलिस ने आरोपी को रस्सी से जकड़कर जनता के सामने करीब 10 मिनट तक पीटा। इस कार्रवाई पर विवाद बढ़ने के बाद पुलिस अधिकारियों ने अपना पक्ष रखा है। पुलिस का कहना है कि आरोपी ने सरेआम एक महिला की क्रूरता से जान ली थी, जिससे समाज में डर का माहौल था। अपराधियों के मन में कानून का खौफ पैदा करने और जनता का विश्वास बहाल करने के लिए पुलिस को यह सख्त कदम उठाना पड़ा।

सरकारी गाइडलाइंस की उड़ीं धज्जियां?
यह घटना इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि यह सीधे तौर पर सरकारी नियमों का उल्लंघन नजर आती है। गुजरात के गृह विभाग ने हाल ही में एक सख्त सर्कुलर जारी किया था, जिसमें स्पष्ट रूप से कहा गया है कि पुलिस किसी भी आरोपी को सार्वजनिक रूप से प्रताड़ित (जैसे उठक-बैठक कराना, पीटना या घसीटना) नहीं कर सकती। ऐसा करने वाले पुलिसकर्मियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई का प्रावधान है। ऐसे में भावनगर पुलिस का यह कदम कानूनी दायरे और मानवाधिकारों को लेकर एक नई बहस को जन्म दे चुका है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments