Explore the website

Looking for something?

Friday, April 17, 2026

Enjoy the benefits of exclusive reading

TOP NEWS

लापरवाही पर कार्रवाई: आंगनवाड़ी...

डिंडोरी जिले में आंगनवाड़ी केंद्र के निरीक्षण में लापरवाही पाए जाने पर जिला...

474 अंक लाकर सुमित...

शहपुरा - माध्यमिक शिक्षा मंडल की हाई स्कूल सर्टिफिकेट परीक्षा 2026 में शहपुरा...

नगर परिषद् सभा कक्ष...

सोमवार को नगर परिषद् शहपुरा के सभा कक्ष में आयोजित नव नियुक्त मनोनीत...

एनएच-45 सड़क दुर्घटना :...

डिंडोरी जिले के बजाग तहसील अंतर्गत गाड़ासरई थाना क्षेत्र के किकरा तालाब गांव...
Homeमध्य प्रदेशGWALIOR : भिंड कलेक्टर ने मांगी माफी, हाई कोर्ट ने दिखाई सख्ती,...

GWALIOR : भिंड कलेक्टर ने मांगी माफी, हाई कोर्ट ने दिखाई सख्ती, IAS अधिकारियों को दी बड़ी नसीहत

लोकेश शर्मा

हाई कोर्ट (MP High Court)की एकल पीठ ने भिंड कलेक्टर (Bhind Collector) संजीव श्रीवास्तव के खिलाफ दर्ज अवमानना को समाप्त कर दिया। कोर्ट ने कहा कि आइएएस अधिकारियों (IAS Officers) को अपने तौर तरीके बदलने होंगे। यदि आदेश से संतुष्ट नहीं है तो उसे चुनौती देना चाहिए या फिर लागू करना चाहिए। अधिकारियों को अपनी गलत धारणाओं के चलते आदेशों को दबाए रखने का कोई अधिकार नहीं है।

भिंड कलेक्टर को लेकर कोर्ट ने की थी गंभीर टिप्पणी

ज्ञात है भिंड कलेक्टर को लेकर कोर्ट ने गंभीर टिप्पणी की थी। कोर्ट ने कहा था, पीडब्ल्यूडी के खिलाफ आरआरसी को निष्पादित करने में खुद को असहाय बता रहे हैं। राज्य शासन को राज्य शासन को सोचने का समय है कि ऐसे अधिकारी को फील्ड में तैनात किया जाना चाहिए या नहीं। कलेक्टर ने जो स्पष्टीकरण दिया है, वह चौंकाने वाला है।

ये है मामला

कोर्ट ने आश्चर्य जताते हुए कहा कि आरआरसी (रेवेन्यू रिकवरी सर्टिफिकेट) निष्पादन योग्य थी, उसमें कोई बाधा नहीं थी, लेकिन उसे कलेक्टर लागू नहीं कर रहे थे। खुद की गलत बयानी के कारण अवमानना दर्ज हो गई। वास्तव में भिंड कलेक्टर खुद संकट में आए तो उन्होंने आरआरसी (रेवेन्यू रिकवरी सर्टिफिकेट) का निष्पादन कर दिया।

कलेक्टर ने कोर्ट से मांगी माफी

कलेक्टर शुक्रवार को खुद पैरवी के लिए उपस्थित हुए। उन्होंने न्यायालय से माफी मांगते हुए पालन प्रतिवेदन रिपोर्ट पेश कर दी। श्रम न्यायालय में आरआरसी जमा भी कर दी। कोर्ट ने कलेक्टर का पक्ष सुनने के बाद कहा कि उन्हें सतर्क रहने की जरूरत है। न्यायालय को गुमराह करने का प्रयास न करें। इसके साथ ही अवमानना की कार्रवाई को समाप्त किया जाता है।

नारायण शर्मा
एन टी वी टाइम न्यूज में मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ के लिए काम करता हूं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Exit mobile version