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आईआईटी बॉम्बे छात्र खुदकुशी मामला: सीनियर प्रोफेसर पर SC/ST एक्ट के तहत एफआईआर, मुंबई क्राइम ब्रांच को सौंपी गई जांच

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भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) बॉम्बे के पवई परिसर में बीटेक द्वितीय वर्ष के 19 वर्षीय छात्र साहिल वाकोडे की खुदकुशी के मामले ने एक बड़ा मोड़ ले लिया है। इस गंभीर घटना के बाद छात्रों के भारी आक्रोश, परिसर में लगातार जारी विरोध-प्रदर्शन और कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए मुंबई पुलिस ने मामले की जांच क्राइम ब्रांच (Crime Branch) को सौंप दी है। पुलिस ने पीड़ित परिवार की शिकायत पर संस्थान के एक वरिष्ठ प्रोफेसर सूर्यनारायण दुल्ला सहित अन्य अधिकारियों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने और SC/ST एक्ट के तहत नामजद एफआईआर (FIR) दर्ज की है।

परिवार के गंभीर आरोप और पुलिस की कार्रवाई

मृतक छात्र साहिल वाकोडे के माता-पिता ने संस्थान के दावों को सिरे से खारिज करते हुए बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। साहिल के पिता रविंद्र वाकोडे और मां सोनाली का कहना है कि उनका बेटा किसी परीक्षा के दबाव या नकल की वजह से परेशान नहीं था। उनका आरोप है कि सीनियर प्रोफेसर सूर्यनारायण दुल्ला (Suryanarayan Dulla) पिछले तीन महीनों से साहिल को लगातार जातिसूचक शब्द कहकर मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे। परिवार के अनुसार, घटना वाले दिन भी साहिल को करियर बर्बाद करने, सस्पेंड करने और हॉस्टल से बाहर निकालने की सीधी धमकी दी गई थी, जिससे आहत होकर उसने यह आत्मघाती कदम उठाया।

परिजनों के भारी दबाव और इंसाफ की मांग को लेकर करीब 7 घंटे तक शव को स्वीकार करने से इनकार कर दिया गया था। इसके बाद, मुंबई पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा लिखित में जांच क्राइम ब्रांच को ट्रांसफर करने और निष्पक्ष तफ्तीश के आश्वासन के बाद ही परिवार ने शनिवार देर रात शव को स्वीकार किया। अब एसीपी (ACP) रैंक के अधिकारी इस पूरे मामले की कमान संभाल रहे हैं।

परिसर में भारी आक्रोश, परीक्षाएं स्थगित

घटना की खबर फैलते ही आईआईटी पवई परिसर का माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया। संस्थान के विभिन्न छात्र संगठनों और लगभग 400 से अधिक छात्रों ने एकजुट होकर प्रशासन के खिलाफ देर रात तक कैंडल मार्च निकाला और जोरदार नारेबाजी की। छात्रों का आरोप है कि परिसर में आरक्षित वर्ग के छात्रों के साथ लगातार भेदभाव की घटनाएं सामने आ रही हैं और प्रशासन इस पर मूकदर्शक बना रहता है।

छात्रों के बढ़ते गुस्से और परिसर में कानून-व्यवस्था की स्थिति को बिगड़ने से रोकने के लिए आईआईटी बॉम्बे प्रशासन ने आपातकालीन कदम उठाते हुए फिलहाल चल रही सभी मिड-सेमेस्टर परीक्षाओं को तत्काल प्रभाव से स्थगित (Postpone) कर दिया है।

संस्थान का रुख और आगामी जांच

आईआईटी बॉम्बे प्रशासन का कहना है कि 18 सितंबर को मिड-सेमेस्टर परीक्षा के दौरान साहिल को मोबाइल फोन पर कथित रूप से ChatGPT का इस्तेमाल करते हुए पकड़ा गया था। प्रशासन के मुताबिक, छात्र को केवल समझाया गया था और कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की गई थी। बहरहाल, अब मामला पुलिस की सबसे पेशेवर विंग (क्राइम ब्रांच) के पास होने के कारण, अधिकारी हॉस्टल के डिजिटल रिकॉर्ड्स, छात्र के मोबाइल फोन और प्रोफेसर व पीड़ित के बीच के पिछले संवादों को खंगाल रहे हैं। छात्र संगठन और पीड़ित परिवार अब आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग पर अड़े हुए हैं।


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