क्राइम ब्रांच के तत्कालीन TI समेत 4 पर लोकायुक्त की FIR: केस रफा-दफा करने के नाम पर महिला से वसूले थे 1.20 लाख रुपए
इंदौर। इंदौर क्राइम ब्रांच में पदस्थ रहे तत्कालीन थाना प्रभारी (TI) सुजीत श्रीवास्तव सहित चार पुलिसकर्मियों पर लोकायुक्त ने भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया है। आरोपियों ने एक शिकायत की जांच के सिलसिले में बुलाए गए युवक को छोड़ने और उस पर कोई कानूनी कार्रवाई न करने के एवज में उसकी मां से 1.20 लाख रुपए की रिश्वत ऐंठी थी।
लोकायुक्त पुलिस ने शिकायत के सत्यापन और मिले तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर सोमवार (24 अगस्त) को भ्रष्टाचार निवारण संशोधन अधिनियम की धारा 7 और BNS की धारा 61(2) के तहत यह केस दर्ज किया है।
कार्रवाई न करने और छोड़ने की एवज में मांगी थी घूस
मामला तुलसी नगर निवासी प्रीति हजारी की शिकायत से जुड़ा है। उन्होंने 2 अप्रैल 2026 को लोकायुक्त में आवेदन देकर बताया था कि उनके बेटे प्रांजल हजारी को एक शिकायत के सिलसिले में क्राइम ब्रांच कार्यालय बुलाया गया था। वहां तत्कालीन TI सुजीत श्रीवास्तव और अन्य पुलिसकर्मियों ने प्रांजल पर कार्रवाई न करने और उसे छोड़ने के बदले 1.20 लाख रुपए की मांग की थी।
50 हजार UPI से लिए, 70 हजार कैश ऐंठे
शिकायत के मुताबिक 20 मार्च को दबाव बनाकर प्रांजल से 50,800 रुपए ‘दीपक पटेल’ नामक व्यक्ति के खाते में ऑनलाइन (UPI) ट्रांसफर करवाए गए थे। इसके बाद बाकी बचे 70,000 रुपए नकद लिए गए। शिकायतकर्ता महिला ने इस लेन-देन से जुड़े पुख्ता तकनीकी सबूत लोकायुक्त को सौंपे थे।
3 आरोपी अब भी क्राइम ब्रांच में ही पदस्थ
लोकायुक्त द्वारा की गई प्राथमिक जांच और डिजिटल साक्ष्यों की पुष्टि में रिश्वतखोरी के आरोप सही पाए गए, जिसके बाद तत्कालीन TI समेत चारों के खिलाफ FIR दर्ज की गई। लोकायुक्त के अनुसार, मामले में नामजद तीन पुलिसकर्मी वर्तमान में भी क्राइम ब्रांच इंदौर में ही अपनी सेवाएं दे रहे हैं।


