इंदौर: शहर में अभी चर्चित ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी की हत्या का मामला शांत भी नहीं हुआ था कि उनके सबसे करीबी दोस्त और बिजनेस पार्टनर अर्पित चौहान (34 वर्ष) की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से एक बार फिर सनसनी फैल गई है।
यह घटना इंदौर के अन्नपूर्णा थाना क्षेत्र की है, जहां अर्पित अपने साले के मकान में मृत पाए गए। अर्पित मूल रूप से एरोड्रम क्षेत्र के अरिहंत नगर के रहने वाले थे।
दुख-सुख का साथी और रघुवंशी परिवार का संबल
मेघालय के शिलॉन्ग में हुई राजा रघुवंशी की हत्या के बाद अर्पित ने न सिर्फ शोक संतप्त परिवार को संभाला, बल्कि उनके पूरे ट्रांसपोर्ट कारोबार की कमान भी अपने हाथों में ले ली थी। राजा के भाई विपिन रघुवंशी ने बताया कि दोनों के बीच 8 से 10 साल पुरानी गहरी दोस्ती थी। राजा की शादी की शॉपिंग से लेकर कपड़ों के चयन और सुख-दुख में अर्पित हमेशा साए की तरह साथ रहते थे। राजा की मौत के बाद काम को आगे बढ़ाने के लिए रघुवंशी परिवार ने अर्पित के खाते में 14.50 लाख रुपये भी ट्रांसफर किए थे।
जांच के घेरे में तीन मुख्य बिंदु:
अन्नपूर्णा थाना पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस इस मामले की जांच मुख्य रूप से तीन पहलुओं पर कर रही है:
- सोशल मीडिया पर आखिरी स्टेटस: घटना से करीब एक घंटे पहले अर्पित ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक रहस्यमयी पोस्ट शेयर की थी। उन्होंने लिखा था— “नियंत्रण बहुत जरूरी है, अगर आमदनी कम हो तो खर्चों पर और आमदनी ज्यादा हो तो शब्दों पर।” पुलिस इस मैसेज के पीछे के संदर्भ को तलाश रही है।
- पारिवारिक विवाद: शुरुआती जांच में सामने आया है कि अर्पित का अपनी पत्नी के साथ विवाद चल रहा था। उनके परिवार में पत्नी के अलावा एक 3 साल की मासूम बेटी और छोटा भाई है।
- काम का दबाव और प्रताड़ना: परिजनों का आरोप है कि ट्रांसपोर्ट बिजनेस को लेकर कुछ लोग अर्पित को लगातार परेशान और प्रताड़ित कर रहे थे, जिसके चलते वे भारी मानसिक तनाव में थे।
पुलिस फिलहाल अर्पित के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल्स, चैट और वित्तीय लेन-देन के रिकॉर्ड खंगाल रही है ताकि इस आत्मघाती कदम के पीछे की असली वजह का पता लगाया जा सके।
