( संवाददाता प्रफुल्ल तंवर )
भस्म आरती के लिए उमड़ा आस्था का जनसैलाब
उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में सावन माह के चौथे सोमवार को आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। बाबा महाकाल के भस्म आरती दर्शन के लिए तड़के से ही हजारों श्रद्धालु मंदिर पहुंचे। सावन सोमवार के चलते मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ नजर आई।

भस्म आरती के लिए मंदिर के कपाट तड़के 2:30 बजे खोले गए। इसके बाद सभा मंडप में भगवान शिव के गण वीरभद्र के कान में स्वस्ति वाचन कर आज्ञा ली गई। चांदी का पट खोलकर कर्पूर आरती की गई। वहीं नंदी हॉल में नंदी महाराज का स्नान, ध्यान और विधि-विधान से पूजन किया गया। इसके बाद भगवान महाकाल का जल से अभिषेक कर दूध, दही, घी, शक्कर, शहद और फलों के रस से तैयार पंचामृत से पूजन-अभिषेक किया गया। भस्म आरती के दौरान बाबा महाकाल का विशेष श्रृंगार किया गया। रजत चंद्र, त्रिशूल, मुकुट और आभूषणों के साथ भांग, चंदन और ड्रायफ्रूट से श्रृंगार किया गया और भगवान को भस्म अर्पित की गई।
बाबा महाकाल को शेषनाग का रजत मुकुट, रजत मुंडमाल, रुद्राक्ष की माला और फूलों की माला धारण कराई गई। इसके बाद फल और मिठाई का भोग लगाया गया। सावन के चौथे सोमवार पर बाबा महाकाल के राजा स्वरूप के दर्शन और भस्म आरती देखने के लिए देशभर से श्रद्धालु उज्जैन पहुंचे। मंदिर परिसर में हर ओर ‘जय श्री महाकाल’ के जयकारे गूंजते रहे।


