कोलकाता: पश्चिम बंगाल से एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर उनके कोलकाता स्थित आवास के पास चाकू से हमला करने की कोशिश की गई है। यह घटना मंगलवार शाम करीब 6 बजे की है, जब वह कालीघाट में ‘मिलन संघ दुर्गा पूजा पंडाल’ का उद्घाटन करने जा रही थीं। सुरक्षाकर्मियों और वहां मौजूद पार्टी कार्यकर्ताओं ने मुस्तैदी दिखाते हुए आरोपी महिला को तुरंत दबोच लिया।
क्या है पूरा मामला?
प्रत्यक्षदर्शियों और टीएमसी नेताओं के अनुसार, ममता बनर्जी अपने घर से पैदल ही पूजा पंडाल की तरफ बढ़ रही थीं। इसी दौरान एक महिला अचानक गाली-गलौज करते हुए हिंसक तरीके से उनकी तरफ बढ़ने लगी।
- सड़क पर लेटकर हंगामा: महिला अचानक सड़क पर लेट गई और ड्रामा करने लगी। उसने चिल्लाते हुए दावा किया कि वह पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की भतीजी है और उन्हें ‘पिसी’ (बुआ) कहकर पुकार रही थी।
- साड़ी खींचने का प्रयास और चाकू बरामद: टीएमसी नेताओं का आरोप है कि महिला के कपड़ों में एक धारदार चाकू छिपा हुआ था, जिससे उसने हमला करने का प्रयास किया। इस दौरान उसने ममता बनर्जी की साड़ी खींचने की भी कोशिश की।
- नशे में होने का आरोप: शुरुआती जानकारी के अनुसार, आरोपी महिला की पहचान तनिष्ठा साहा के रूप में हुई है, जो कथित तौर पर इलाके में सिविक वॉलंटियर रह चुकी है। दावा किया जा रहा है कि घटना के वक्त वह पूरी तरह से नशे की हालत में थी।
पुलिस की कार्रवाई और एफआईआर
घटना के तुरंत बाद वहां मौजूद टीएमसी कार्यकर्ताओं ने महिला को पकड़ा और कालीघाट पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस आरोपी महिला को हिरासत में लेकर लगातार पूछताछ कर रही है और घटना के समय का वीडियो फुटेज भी खंगाल रही है। इस मामले में टीएमसी की वरिष्ठ नेता और पूर्व राज्यसभा सांसद डोला सेन ने कालीघाट थाने में आधिकारिक शिकायत (FIR) दर्ज कराई है।
सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल, साजिश की आशंका
ममता बनर्जी को Z+ श्रेणी की सुरक्षा मिली हुई है। इतने कड़े सुरक्षा घेरे के बावजूद उनके घर के ठीक बाहर एक संदिग्ध महिला का हथियार (चाकू) लेकर पहुंच जाना सुरक्षा तंत्र पर बड़े सवाल खड़े करता है।
एफआईआर दर्ज कराने वाली नेता डोला सेन और टीएमसी नेता साकेत गोखले ने इस घटना पर गहरी चिंता व्यक्त की है। साकेत गोखले ने सोशल मीडिया पर लिखा कि बंगाल में तीन बार मुख्यमंत्री रह चुकीं इतनी वरिष्ठ नेता भी सुरक्षित नहीं हैं। टीएमसी नेताओं ने इस पूरी घटना के पीछे किसी गहरी राजनीतिक साजिश की आशंका भी जताई है और पुलिस से मामले की हर एंगल से गहन जांच करने की मांग की है।
