पति को गला घोंटकर मारा, फिर बिस्तर पर छोड़ा सांप; मेरठ कोर्ट ने रविता और उसके प्रेमी को सुनाई फांसी की सजा
मेरठ। उत्तर प्रदेश के मेरठ से एक बेहद चौंकाने वाला और ऐतिहासिक अदालती फैसला सामने आया है। जिला एवं सत्र न्यायालय ने अपने पति की बेरहमी से हत्या करने और वारदात को सांप के काटने (सर्पदंश) की दुर्घटना दिखाने की कोशिश करने वाली महिला रविता और उसके प्रेमी अमरदीप को फांसी की सजा (सजा-ए-मौत) सुनाई है।
कानून का सख्त संदेश: 3 दिन में 4 दोषियों को मौत की सजा
मेरठ की जिला अदालत ने पिछले तीन दिनों के भीतर एक नया इतिहास रचते हुए कुल चार दोषियों को फांसी की सजा दी है। इससे ठीक दो दिन पहले, यानी 14 अक्टूबर को चर्चित ‘नीले ड्रम वाले हत्याकांड’ में मुख्य आरोपी मुस्कान रस्तोगी और उसके साथी साहिल शुक्ला को फांसी की सजा सुनाई गई थी। इसके बाद अब शुक्रवार, 16 अक्टूबर को एडिशनल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस जज (ADJ-12) जयवीर सिंह नागर की अदालत ने रिश्तों को शर्मसार करने वाले इस ‘सांप कांड’ में भी दोनों मुख्य आरोपियों को मौत की सजा सुनाकर समाज में एक कड़ा संदेश दिया है।
क्या था पूरा मामला और कैसे रची गई थी साजिश?
अभियोजन पक्ष और पुलिस जांच के अनुसार, यह पूरी खौफनाक वारदात मेरठ के भावनपुर/बहसूमा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले अकबरपुर सादात गांव में घटित हुई थी।
- गला घोंटकर हत्या: 12 अप्रैल 2025 की रात को रविता ने अपने प्रेमी अमरदीप के साथ मिलकर अपने पति अमित कश्यप उर्फ मिक्की कश्यप की घर के भीतर ही गला दबाकर और दम घोंटकर हत्या कर दी।
- सांप से डसवाने का नाटक: इस जघन्य हत्याकांड को एक प्राकृतिक या आकस्मिक मौत का रूप देने के लिए आरोपियों ने ₹1000 में एक जहरीला सांप खरीदा था। हत्या के तुरंत बाद उन्होंने अमित के मृत शरीर के पास और बिस्तर पर उस जिंदा सांप को छोड़ दिया। अगली सुबह अमित का शव बिस्तर पर मिला और उसकी कमर के पास वह सांप भी फंसा हुआ था।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुला ‘नागिन बीवी’ का राज
परिजनों के अड़ने पर जब पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा, तो डॉक्टरों की रिपोर्ट ने पूरी साजिश का पर्दाफाश कर दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में साफ हुआ कि अमित के शरीर में कोई सांप का जहर (Snake Venom) मौजूद ही नहीं था, बल्कि उसकी मौत नाक-मुंह दबाने और गला घोंटने के कारण दम घुटने से हुई थी। इसके बाद पुलिस ने मुस्तैदी से जांच करते हुए अवैध संबंधों और ₹20 लाख के इंश्योरेंस के लालच में रची गई इस साजिश का खुलासा कर दोनों आरोपियों को जेल भेजा था।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान रो पड़े दोषी
शुक्रवार को जब अदालत ने अपना ऐतिहासिक फैसला सुनाया, तब सुरक्षा कारणों से दोनों आरोपी रविता और अमरदीप वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जेल से ही अदालत की कार्यवाही से जुड़े हुए थे। जज द्वारा फांसी की सजा का ऐलान करते ही दोनों दोषी फूट-फूटकर रोने लगे। रविता ने अपने 3 छोटे बच्चों की दुहाई देते हुए रहम की गुहार लगाई, लेकिन अदालत ने इसे ‘रैरेस्ट ऑफ रेयर’ (दुर्लभ से दुर्लभतम) श्रेणी का अपराध मानते हुए दोनों को फंदे पर लटकाने का आदेश जारी कर दिया। बच्चों की परवरिश को लेकर कोर्ट ने जिला प्रशासन (DM) को आवश्यक निर्देश दिए हैं।


