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मध्य प्रदेश में खाद वितरण की व्यवस्था में बड़ा बदलाव: अब किसान खुद जनरेट कर सकेंगे टोकन, 24 घंटे में मिलेगी डिलीवरी

मध्य प्रदेश में खाद वितरण की व्यवस्था में बड़ा बदलाव: अब किसान खुद जनरेट कर सकेंगे टोकन, 24 घंटे में मिलेगी डिलीवरी
भोपाल:
मध्य प्रदेश के किसानों को अब रासायनिक खाद के लिए लंबी लाइनों में लगने और घंटों इंतजार करने से मुक्ति मिलने जा रही है। राज्य सरकार ने खाद वितरण प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी और किसान-अनुकूल बनाने के लिए एक नई डिजिटल व्यवस्था लागू करने का फैसला किया है। नई प्रणाली के तहत किसान अब स्वयं ही खाद का टोकन जनरेट कर सकेंगे, जिससे उन्हें मात्र 24 घंटे के भीतर खाद की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।
टोकन के साथ मिलेगी खाद की पूरी जानकारी
इस नई डिजिटल व्यवस्था की सबसे खास बात यह है कि टोकन जनरेट करते समय ही किसानों को यह स्पष्ट रूप से पता चल जाएगा कि उन्हें कौन सी खाद (जैसे यूरिया, डीएपी या एनपीके) और किस मात्रा में मिलेगी। इसके अलावा, किस वितरण केंद्र पर खाद उपलब्ध है और उन्हें किस समय केंद्र पर पहुंचना है, इसकी पूरी जानकारी भी टोकन पर ही दर्ज रहेगी। इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि खाद की कालाबाजारी और कालाबाज़ारी की गुंजाइश भी समाप्त होगी।
लंबी कतारों और अव्यवस्था से मिलेगी निजात
आमतौर पर रबी और खरीफ फसलों की बुआई के सीजन में खाद केंद्रों पर किसानों की भारी भीड़ जमा हो जाती थी, जिससे कई बार कानून-व्यवस्था की स्थिति निर्मित हो जाती थी। नई टोकन व्यवस्था लागू होने से वितरण केंद्रों पर अव्यवस्था खत्म होगी और किसानों को सम्मानजनक तरीके से निर्धारित समय सीमा में खाद प्राप्त हो सकेगी।
प्रशासन की तैयारी और पारदर्शी निगरानी
कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इस डिजिटल पोर्टल और प्रक्रिया को बेहद सरल रखा गया है ताकि ग्रामीण इलाकों के किसान भी इसे आसानी से इस्तेमाल कर सकें। सरकार की योजना इसके माध्यम से राज्य में खाद के स्टॉक, मांग और आपूर्ति की रियल-टाइम निगरानी करने की भी है, जिससे भविष्य में किसी भी जिले में खाद की किल्लत पैदा न हो।

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