मुरझाने लगी वन विभाग की मां की बगिया तो एक बेटे ने स्वयं के खर्चे से वन विभाग की भूमि पर लगवाए 5000 दुर्लभ किस्म सहित पौधे और न्यायपालिका द्वारा रोपे बीजों के लिये पानी की व्यवस्था के प्रयास किये शुरू
जितेन्द्र चौहान अमझेरा
लगभग चार माह पूर्व अपनी माता कमला देवी शर्मा के निधन पर अमझेरा के शर्मा परिवार द्वारा वन विभाग को 5000 पौधे सौंपे थे जिन्हें वन विभाग ने अमझेरा मे ही विभाग की जमीन पर लगाया था वही धार न्यायालय विभाग द्वारा भी उक्त जमीन पर उच्च किस्म के बीज रोपे गए थे। बारिश में जहां लगे 5000 पौधे जिनमे औषधि गुणों सहित कई दुर्लभ प्रजाति के साथ ही रोपे गए बीज आकार लेने लगे , इसी दौरान जिले में अल्प वर्षा की स्थिति निर्मित हो गई जिसके चलते अब यह पौधे मुरझाने की कगार पर है , इन पौधों को समय पर पानी मिलना बहुत जरूरी है परंतु वन विभाग में ऐसा कोई प्रावधान नहीं कि पर्यावरण सुरक्षा के लिए लगाए पौधों में बारिश के अलावा पानी की व्यवस्था की जा सके , जिसको लेकर शर्मा परिवार द्वारा धार जिला कलेक्टर राजीव रंजन मीणा को प्रभारी मंत्री के नाम पर ज्ञापन भी सोपा गया था , जिसमें वन विभाग की उक्त भूमि पर लगे दुर्लभ किस्म के पौधों सहित अन्य पौधों के लिए पानी की व्यवस्था की जावे , प्रशासन की ओर से कोई सकारात्मक नतीजा नहीं दिखा , जिसको लेकर निजी प्रयासों से परिवार द्वारा जेसीबी के माध्यम से वन विभाग द्वारा पूर्व में बारिश के पानी को रोकने के लिए खोदे गए गड्डो को गहरा करवा कर पॉलिथीन की कोडिंग करवा कर स्वयं के खर्चे से टैंकरों द्वारा इन गड्डो में पानी भरवा कर मजदूरों के माध्यम से मुरझाते इन पौधों में जान डालने के प्रयास किया जा रहे हैं , परिवार के अविनाश शर्मा ने बताया कि वन विभाग के माध्यम से लगाए गए 5000 पौधे केवल लोक दिखावा नहीं है , हमारी मां की पर्यावरण में गहरी आस्था थी और हम पर्यावरण के माध्यम से मां की स्मृति को चिरस्थाई बनाना चाहते हैं ताकि यह पौधे वृक्ष का आकार ले और पर्यावरण संतुलन बना रहे , असंख्य जीवन को आश्रय मिले , साथ ही शुद्ध प्राण वायु के साथ जल संरक्षण में भी इन पौधों की महत्वपूर्ण भूमिका बने , क्योंकि मां और प्रकृति हमें सब कुछ देती है जिसे हम लगातार बर्बाद करते आ रहे हैं , वन विभाग के पास लगाए गए पौधों को गर्मी के इस दौर सहित आने वाले जल संकट के दौर में पानी देने का कोई प्रावधान नहीं है , जबकि प्रभारी मंत्री कैलाश विजयवर्गीय व जिले की सांसद केंद्रीय राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर इन पौधा रोपण आयोजन समापन के दौरान अमझेरा आए थे और उन्होंने जल व्यवस्था को लेकर अधिकारियों को निर्देशित भी किया था , हम लगातार प्रशासन स्तर पर प्रयास कर रहे हैं , परंतु वर्तमान में दिन-ब-दिन पौधे मुरझाते जा रहे हैं ऐसे में जल्द ही यहां के लिए पानी की व्यवस्था नहीं की गई तो पर्यावरण संरक्षण को लेकर मां की स्मृति में किए गए प्रयास सहित न्यायालय विभाग द्वारा रोपे गए बीजों के व्रक्षो के आकार की कल्पना बेकार होगी , यहां से नजदीक ही मेस्को डेम है जिसकी दूरी लगभग 3000 फिट है जहां से कुछ पाइप लाइन की व्यवस्था हमने भी करने की बात कही है परंतु अभी तक कोई सकारात्मक नतीजा नहीं आए हैं , अतः स्वयं खर्च वहन कर वर्तमान में इन पौधों को सुरक्षित रखने के प्रयास किया जा रहे हैं तथा उम्मीद करते हैं कि प्रशासन जल्द ही कोई रास्ता निकालेगा। ऐसे में सवाल खड़ा होता है कि जहां देश के प्रधानमंत्री एक पेड़ मां के नाम मुहिम चला लोगो से पौधा रोपण का आह्वान करते आ रहे हैं तो धार में मां की स्मृति में 5000 पौधे एक परिवार ने वन विभाग माध्यम से लगा दिए अब उनकी सुरक्षा को लेकर प्रशासन क्या करेगा , वही सरकारों द्वारा पर्यावरण बचाने और पौधारोपण को लेकर तमाम दावे किए जाते आ रहे हैं पर उनकी सुरक्षा और उनके भविष्य को लेकर कई सारे सवाल उठ रहे हैं।


