भोपाल: मध्य प्रदेश में ‘स्वामित्व योजना’ को लेकर सरकार और पटवारियों के बीच चल रहा विवाद अब बेहद गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है। राज्य सरकार ने कर्तव्य में लापरवाही और सरकारी आदेशों की अवहेलना करने के आरोप में प्रदेश भर के 102 पटवारियों पर बड़ी दंडात्मक कार्रवाई की है। प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए 27 पटवारियों को सेवा से बर्खास्त कर दिया है, जबकि 75 पटवारियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड (निलंबित) कर दिया गया है।
इस बीच, पटवारी संघ और सरकार के बीच सुलह के लिए डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल के साथ होने वाली महत्वपूर्ण बैठक भी टल गई है, जिससे गतिरोध और बढ़ गया है।
क्यों अड़े हैं पटवारी? जानिए क्या है पूरा विवाद
केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी स्वामित्व योजना (SVAMITVA Scheme) के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को उनकी संपत्तियों की मुफ्त रजिस्ट्री और मालिकाना हक दिया जाना है। इस प्रक्रिया के तहत होने वाली रजिस्ट्रियों में पटवारियों को ‘निष्पादक’ (Executor) के रूप में हस्ताक्षर करने के निर्देश दिए गए हैं।
पटवारी इसी नियम का पुरजोर विरोध कर रहे हैं। पटवारी संघ का तर्क है कि वे जमीन के वास्तविक मालिक या विक्रेता नहीं हैं, इसलिए दस्तावेजों पर सीधे तौर पर पक्षकार बनकर हस्ताक्षर नहीं करेंगे। पटवारियों को डर है कि भविष्य में जमीन को लेकर कोई भी कानूनी विवाद या गड़बड़ी होने पर वे सीधे अदालती मामलों और कानूनी अड़चनों में फंस सकते हैं।
किस जिले और संभाग में कितनी हुई कार्रवाई?
सरकार ने प्रदेश के अलग-अलग संभागों और जिलों में काम का बहिष्कार करने वाले पटवारियों को चिन्हित कर यह कड़ी कार्रवाई की है:
- देवास, आगर-मालवा और रतलाम: इन जिलों में प्रोबेशन पीरियड (परिवीक्षा अवधि) पर चल रहे 27 पटवारियों की सेवा सीधे समाप्त (बर्खास्त) कर दी गई है।
- ग्वालियर संभाग: यहाँ कर्तव्य में लापरवाही बरतने के आरोप में 19 पटवारियों को सस्पेंड किया गया है।
- जबलपुर संभाग: इस क्षेत्र में 17 पटवारियों पर निलंबन की गाज गिरी है।
- रीवा संभाग: नियमों की अवहेलना करने पर यहाँ 15 पटवारियों को निलंबित किया गया है।
- सागर संभाग: राजस्व कार्य का बहिष्कार करने के चलते यहाँ 13 पटवारियों को सस्पेंड किया गया है।
- गुना जिला: पटवारी संघ के जिलाध्यक्ष सहित 4 पटवारियों को सस्पेंड किया गया है, जबकि 52 अन्य पटवारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है
आम जनता पर पड़ेगा सीधा असर, काम ठप होने की चेतावनी
मध्य प्रदेश पटवारी संघ के प्रांताध्यक्ष के नेतृत्व में प्रदेश भर के लगभग 24 हजार पटवारियों ने सरकार के इस कदम के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पटवारियों ने सभी सरकारी ऑफिशियल व्हाट्सएप ग्रुप छोड़ दिए हैं और डिजिटल राजस्व कार्यों को पूरी तरह बंद कर दिया है।
यदि सरकार और पटवारियों के बीच यह गतिरोध जल्द नहीं सुलझा, तो ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में आम जनता से जुड़े कई जरूरी काम पूरी तरह ठप हो सकते हैं:
- जमीन का नामांतरण (Mutation) और सीमांकन का काम रुक जाएगा।
- पीएम किसान सम्मान निधि और लाड़ली बहना योजना का भौतिक सत्यापन प्रभावित होगा।
- छात्रों और नागरिकों के आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र से जुड़ी जरूरी जांच अटक जाएगी।
- जमीन की रजिस्ट्री और गिरदावरी का काम पूरी तरह प्रभावित होगा।
पटवारी संघ ने साफ चेतावनी दी है कि अगर बर्खास्त और निलंबित किए गए साथियों को तुरंत बहाल नहीं किया गया, तो वे प्रदेशव्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने को मजबूर होंगे। वहीं, शासन ने सभी जिला कलेक्टरों को सख्त निर्देश दिए हैं कि योजना की मियाद खत्म होने से पहले काम को हर हाल में पूरा कराया जाए।


