MP Govt Jobs Reservation: मध्य प्रदेश में सरकारी नौकरियों के नियमों में बड़ा बदलाव, 20% आरक्षण का नया प्रस्ताव तैयार
भोपाल:
मध्य प्रदेश में सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण और बड़ी खबर सामने आ रही है। राज्य सरकार युवाओं को रोजगार के नए और बेहतर अवसर देने के लिए भर्ती नियमों में एक ऐतिहासिक संशोधन करने जा रही है। सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) और गृह विभाग के स्तर पर हुई उच्च स्तरीय बैठकों के बाद प्रशासनिक स्तर पर सरकारी नौकरियों में 20 फीसदी (20%) आरक्षण देने का एक नया प्रस्ताव पूरी तरह तैयार कर लिया गया है। इस बड़े नीतिगत बदलाव (Policy Change) को जल्द ही अंतिम मंजूरी के लिए कैबिनेट के समक्ष पेश किया जाएगा।
वर्दीधारी सेवाओं में मिलेगा सीधा फायदा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस नए प्रस्ताव के तहत विशेष रूप से पुलिस, होमगार्ड, जेल प्रहरी, और वन विभाग जैसी वर्दीधारी सेवाओं (Uniformed Services) के भर्ती नियमों में संशोधन किया जा रहा है। सरकार का मुख्य उद्देश्य देश की सेवा कर लौटने वाले अग्निवीरों (Agniveers) को सीधे तौर पर मुख्यधारा के रोजगार से जोड़ना है। पहले इस कोटे के तहत 10% आरक्षण का प्रावधान विचाराधीन था, लेकिन युवाओं के व्यापक हित और रोजगार के अवसरों को बढ़ाने के लिए अब इसे सीधे तौर पर बढ़ाकर 20% करने का ड्राफ्ट तैयार किया गया है।
युवाओं के बीच सोशल मीडिया पर वायरल हुई खबर
जैसे ही प्रशासनिक गलियारों से इस 20% आरक्षण नीति के ड्राफ्ट की खबर बाहर आई, प्रदेश के प्रतियोगी परीक्षाओं (Competitive Exams) की तैयारी कर रहे छात्रों और युवाओं के बीच यह तेजी से चर्चा का विषय बन गई है। MPPSC, व्यापमं (MPESB), और पुलिस भर्ती की तैयारी करने वाले लाखों उम्मीदवार इस फैसले के आधिकारिक ऐलान का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से न केवल युवाओं को सरकारी सेवा में आने का बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा, बल्कि पुलिस और सुरक्षा बलों को पहले से प्रशिक्षित और अनुशासित कार्यबल मिल सकेगा।
क्या होंगे इस नए बदलाव के मुख्य बिंदु?
- 20% का विशेष कोटा: सीधी भर्ती के पदों पर योग्य उम्मीदवारों के लिए एक निश्चित प्रतिशत (20%) आरक्षित किया जा सकता है।
- भर्ती नियमों में संशोधन: गृह विभाग और सामान्य प्रशासन विभाग मिलकर पुरानी पुलिस भर्ती नियमावली में बदलाव के लिए कानूनी रूपरेखा तैयार कर चुके हैं।
- कैबिनेट की मुहर का इंतजार: ड्राफ्ट पर सभी संबंधित विभागों की सहमति बन चुकी है, और कैबिनेट की अगली बैठक में इस पर अंतिम मुहर लग सकती है।
इस बड़े फैसले से आने वाले समय में मध्य प्रदेश के रोजगार परिदृश्य और सरकारी परीक्षाओं के कट-ऑफ पैटर्न पर भी काफी असर देखने को मिल सकता है।
