भोपाल: मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों की सूरत और शैक्षणिक स्तर को बदलने के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। राजधानी भोपाल के रवींद्र भवन में आयोजित एक राज्य स्तरीय कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्कूल शिक्षा विभाग को लेकर कई ऐतिहासिक घोषणाएं की हैं। प्रदेश में युवाओं को रोजगार देने और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के उद्देश्य से शिक्षा विभाग में जल्द ही 20,000 नए पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके साथ ही ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों में आधुनिक शिक्षा का विस्तार करने के लिए बड़े नीतिगत फैसले लिए गए हैं।
खुलेंगे 200 नए सांदीपनि स्कूल, आधुनिक सुविधाओं से होंगे लैस
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में बताया कि मध्य प्रदेश के बच्चों को निजी स्कूलों जैसी विश्वस्तरीय सुविधाएं देने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। वर्तमान में राज्य में 369 सांदीपनि स्कूल सफलतापूर्वक संचालित किए जा रहे हैं। अब इस श्रृंखला को आगे बढ़ाते हुए प्रदेश में 200 नए सांदीपनि स्कूल और खोले जाएंगे। इन स्कूलों में स्मार्ट क्लासरूम, आधुनिक कंप्यूटर लैब और खेलकूद की बेहतरीन व्यवस्थाएं होंगी, जिससे बच्चों का सर्वांगीण विकास हो सके।
आदिवासी इलाकों में बनेंगे 200 नए विद्यालय भवन
दूरदराज के ग्रामीण और जनजातीय बहुल इलाकों में शिक्षा की पहुंच आसान बनाने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सरकार ने घोषणा की है कि आदिवासी क्षेत्रों में 200 नए विद्यालय भवनों का निर्माण कराया जाएगा। ये भवन जनजातीय कार्य विभाग के अंतर्गत तैयार किए जाएंगे। इसका सीधा उद्देश्य यह है कि आदिवासी अंचलों के छात्र-छात्राओं को पढ़ाई के लिए अपने गांवों से दूर न जाना पड़े और उन्हें उनके ही क्षेत्र में सुरक्षित और पक्के स्कूल भवन मिल सकें।
950 से अधिक आश्रितों को मिली अनुकंपा नियुक्ति
इस गरिमामयी कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने संवेदनशीलता दिखाते हुए विभाग के दिवंगत कर्मचारियों के परिवारों को बड़ा संबल दिया। मंच से ही 954 पात्र आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति पत्र सौंपे गए। इन नियुक्तियों में मुख्य रूप से 661 सहायक ग्रेड-3, 31 प्राथमिक शिक्षक और 262 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के पद शामिल हैं, जिससे लंबे समय से लंबित इन मामलों का त्वरित निपटारा हुआ है।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि वर्तमान वित्तीय वर्ष में स्कूल शिक्षा विभाग का बजट बढ़ाकर 38 हजार करोड़ रुपये कर दिया गया है। सरकार का पूरा ध्यान अब रिक्त पदों को तेजी से भरने और हर बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाने पर केंद्रित है। युवाओं के लिए इन 20 हजार पदों पर भर्ती की विस्तृत गाइडलाइन और नोटिफिकेशन जल्द ही विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी किया जाएगा।


