Friday, October 23, 2026

TOP NEWS

Gwalior Madrasa Raid: ग्वालियर...

ग्वालियर में बिना मान्यता चल रहे दारुल कुरान मदरसे पर बाल आयोग और CWC की बड़ी छापेमारी। बंद कमरे से मिलीं 8 बच्चियों समेत 26 बच्चे रेस्क्यू; मदरसा सील, जांच जारी।

इंदौर मेट्रो: हाईकोर्ट का...

• इंदौर हाईकोर्ट ने मेट्रो स्टेशन के लिए पेड़ों की कटाई पर बड़ा निर्देश दिया है। हजारों तोतों की सुरक्षा के लिए पक्षी विशेषज्ञों की निगरानी में काम होगा और मेट्रो प्रशासन को हर साल रिपोर्ट देनी होगी।

मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने...

मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने अपनी विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 1 को दी 20 करोड़...

Jio IPO ने रचा...

Jio IPO ने रचा इतिहास! 1 करोड़ से अधिक आवेदन पाने वाला दुनिया का पहला पब्लिक इश्यू बना। जानें कितना मिला सब्सक्रिप्शन और लिस्टिंग पर कितने प्रतिशत मुनाफे की है उम्मीद।
Homeमध्य प्रदेशMP Semiconductor Summit 2026: मध्य प्रदेश में चिप, बैटरी और डेटा सेंटर...

MP Semiconductor Summit 2026: मध्य प्रदेश में चिप, बैटरी और डेटा सेंटर पर ₹15,000 करोड़ का मेगा निवेश

मध्य प्रदेश को देश का अगला बड़ा हाई-टेक और डिजिटल विनिर्माण केंद्र बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक ऐतिहासिक छलांग लगाई है। इंदौर में आयोजित दो दिवसीय ‘मध्य प्रदेश सेमीकंडक्टर समिट-2026’ के माध्यम से राज्य में चिप (सेमीकंडक्टर), अत्याधुनिक हाइपरस्केल डेटा सेंटर्स और एडवांस बैटरी टेक्नोलॉजी पर ₹15,000 करोड़ से अधिक के निवेश का खाका तैयार किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में हुए इस ऐतिहासिक समझौते से राज्य में 20,000 से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने की उम्मीद है। इस पूरे विजन के तहत इंदौर को देश के अगले ‘सिलिकॉन वैली’ यानी ग्लोबल हाई-टेक हब के रूप में स्थापित किया जा रहा है।

सेमीकंडक्टर और चिप डिजाइनिंग में ऐतिहासिक निवेश (Chip Designing and Semiconductor Sector)

चिप डिजाइन और एडवांस्ड सेमीकंडक्टर पैकेजिंग के क्षेत्र में मध्य प्रदेश को करीब ₹5,800 करोड़ से अधिक के सीधे निवेश प्रस्ताव मिले हैं, जिससे प्रदेश के 10,000 से अधिक तकनीकी युवाओं को रोजगार मिलेगा। इस समिट के सबसे बड़े आकर्षण के रूप में पारस सेमीकंडक्टर्स (Paras Semiconductors) ने इंदौर-उज्जैन कॉरिडोर में 50 एकड़ भूमि पर ₹6,200 करोड़ की लागत से भारत की पहली अत्याधुनिक ‘3D AI चिप पैकेजिंग सुविधा’ स्थापित करने का समझौता किया है। यह वही एडवांस्ड तकनीक है जिसका उपयोग वैश्विक स्तर पर NVIDIA और AMD जैसी कंपनियां अपने एआई एक्सीलरेटर के लिए करती हैं।

इसके अलावा स्पिनट्रॉनिक्स एआई (Spintronics AI) ₹1,800 करोड़ और लालवाला इंडस्ट्रीज ₹1,200 करोड़ का निवेश चिप मैन्युफैक्चरिंग और डिजाइन में करने जा रही हैं। इंदौर के आईटी कॉम्प्लेक्स और पारदेसीपुरा में कई कंपनियों को प्लग-एंड-प्ले वर्कस्पेस आवंटित भी कर दिया गया है ताकि वे जल्द से जल्द अपना काम शुरू कर सकें।

हाइपरस्केल डेटा सेंटर्स और एआई इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार (Hyperscale Data Centers and AI Expansion)

डिजिटल डेटा, क्लाउड कंप्यूटिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए सरकार ने बड़े डेटा सेंटर प्रोजेक्ट्स को हरी झंडी दी है। इसके तहत साइटेक आरआई (Scintech RI) ग्वालियर के गंगा मालनपुर में ₹6,415 करोड़ के भारी-भरकम निवेश से 50 मेगावाट (MW) क्षमता का हाइपरस्केल डेटा सेंटर स्थापित करने जा रही है, जिसके लिए सरकार द्वारा भूमि आवंटन पत्र भी जारी कर दिया गया है।

इस महा-परियोजना के अलावा इंदौर और भोपाल में भी कई वैश्विक टेक कंपनियों के सहयोग से एआई-सक्षम डेटा ओएसिस और आधुनिक क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर नेटवर्क विकसित किए जा रहे हैं। यह डेटा सेंटर्स आने वाले समय में देश और दुनिया की बड़ी डिजिटल कंपनियों के डेटा को सुरक्षित रखने और एआई प्रोसेसिंग को रफ्तार देने का काम करेंगे।

एडवांस्ड बैटरी और क्लीन एनर्जी क्लस्टर का निर्माण (Advanced Battery and EV Cluster)

भविष्य की ऊर्जा जरूरतों और इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) के बाजार को ध्यान में रखते हुए मध्य प्रदेश सरकार ने ग्रीन एनर्जी और बैटरी स्टोरेज तकनीक पर बहुत बड़ा दांव खेला है। इसके तहत यूनो इकोसिस्टम (Uno Ecosystem) भोपाल के नजदीक ₹2,000 करोड़ के निवेश से एक विशाल ‘लिथियम-सेल और बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS)’ उत्पादन इकाई स्थापित करने जा रही है, जिससे अकेले इस प्रोजेक्ट से 2,000 से ज्यादा सीधे रोजगार मिलेंगे।

इसके अतिरिक्त, केन्स इलेक्ट्रॉनिक्स (Kaynes Electronics) ₹310 करोड़ और मीना सर्किट्स (Meena Circuits) ₹400 करोड़ का निवेश इंदौर के नजदीक पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र में इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम डिजाइन और मैन्युफैक्चरिंग (ESDM) क्लस्टर विकसित करने के लिए कर रही हैं। पीथमपुर को अब पूरी तरह से क्लीन एनर्जी और एडवांस बैटरी मैन्युफैक्चरिंग के एक बड़े हब के रूप में अपग्रेड किया जा रहा है।

इंदौर बनेगा हाई-टेक उद्योगों का नया हब (Indore as the Next Tech Hub)

इंदौर को देश का प्रमुख तकनीकी केंद्र बनाने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की विशेष कार्ययोजना लागू की है। इंदौर के सुपर कॉरिडोर पर 3 लाख वर्गफीट का एक नया हाई-टेक आईटी पार्क विकसित किया जा रहा है। निवेशकों को आकर्षित करने के लिए सरकार अपनी आकर्षक सेमीकंडक्टर नीति के तहत लैंड अलॉटमेंट से लेकर 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति तक की प्रक्रिया को सिंगल-विंडो क्लियरेंस के जरिए त्वरित गति दे रही है ताकि प्रशासनिक लालफीताशाही को पूरी तरह खत्म किया जा सके।

इसके साथ ही डीप-टेक रिसर्च को बढ़ावा देने के लिए करीब 100 एकड़ के क्षेत्र में एक विशेष ‘फोटोनिक्स और क्वांटम टेक्नोलॉजी सेंटर’ स्थापित करने की योजना तैयार की गई है। सरकार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास के लिए एनवीडिया (NVIDIA) और गूगल प्ले इंडिया जैसी वैश्विक टेक दिग्गज कंपनियों के साथ रणनीतिक स्तर पर मिलकर काम कर रही है।

स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और ब्रेन ड्रेन पर रोक (Employment Opportunities and Skill Development)

यह मेगा निवेश न केवल मध्य प्रदेश की अर्थव्यवस्था को एक नई ऊंचाई पर ले जाएगा, बल्कि स्थानीय आईटी पेशेवरों, इंजीनियरों और तकनीकी छात्रों को अपने ही राज्य में विश्वस्तरीय नौकरियां प्रदान करेगा। युवाओं के स्किल डेवलपमेंट और ट्रेनिंग के लिए मध्य प्रदेश स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन ने सेमीकंडक्टर लैबोरेटरी (SCL) मोहाली, सेमी इंडिया (SEMI India) और इंटरनेशनल सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री ग्रुप लंदन जैसी 5 बड़ी वैश्विक संस्थाओं के साथ एमओयू (MoU) साइन किया है।

चिप डिजाइनिंग, वीएलएसआई (VLSI) डिजाइनिंग और एआई रिसर्च के लिए राज्य में एक विशेष ‘सेमीकंडक्टर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ भी बनाया जा रहा है। इससे मध्य प्रदेश के होनहार युवाओं को रोजगार के लिए दूसरे राज्यों या विदेशों में नहीं जाना पड़ेगा और राज्य में ‘ब्रेन ड्रेन’ की समस्या पर पूरी तरह रोक लगेगी।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments