MP मानसून अलर्ट: जबलपुर-सतना समेत प्रदेश के 22 जिलों में आज भारी बारिश, सतना में स्कूल-कॉलेज बंद; कल भोपाल-ग्वालियर में एंट्री
मध्य प्रदेश में मानसून का नया और शक्तिशाली सिस्टम पूरी तरह एक्टिव हो गया है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के लिए कई संभागों में मूसलाधार बारिश की चेतावनी जारी की है।
NTV TIME ब्यूरो, भोपाल:
मध्य प्रदेश में मानसून की गतिविधियों ने एक बार फिर रफ़्तार पकड़ ली है। बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी और राज्य के ऊपर बनी मजबूत मौसमी प्रणालियों के कारण प्रदेश में एक नया ‘स्ट्रॉन्ग सिस्टम’ सक्रिय हो गया है। इसके प्रभाव से आज जबलपुर, सागर, रीवा और शहडोल संभाग समेत मध्य प्रदेश के 22 जिलों में भारी से अति भारी बारिश होने की संभावना है।
विंध्य क्षेत्र में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते नदी-नाले उफान पर आ गए हैं। जलभराव और छात्र-छात्राओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सतना जिला प्रशासन ने आज जिले के सभी शासकीय और अशासकीय स्कूल-कॉलेजों में छुट्टी घोषित कर दी है।
उफान पर नदियां, निचले इलाकों में अलर्ट
पूर्वी मध्य प्रदेश और बुंदेलखंड के हिस्सों में बीते 24 घंटों से रुक-रुक कर तेज बारिश का दौर जारी है। सतना और चित्रकूट के आसपास जलस्तर तेजी से बढ़ा है, जिसके कारण मंदाकिनी सहित अन्य स्थानीय नदियां उफान पर हैं। ग्रामीण इलाकों के कई रपटे और पुल पानी में डूब चुके हैं, जिससे कुछ मार्गों पर आवागमन प्रभावित हुआ है। स्थानीय प्रशासन ने नदी किनारे बसे गांवों और निचले रिहायशी इलाकों में मुनादी कराकर लोगों को सतर्क रहने की हिदायत दी है।
कल से भोपाल, ग्वालियर और उज्जैन में बदलेगा मौसम
मौसम विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों के अनुसार, यह मानसूनी सिस्टम वर्तमान में पूर्वी मध्य प्रदेश पर केंद्रित है, जो धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा है। आज पूर्वी हिस्सों को सराबोर करने के बाद, कल से इसका असर मध्य, उत्तरी और पश्चिमी मध्य प्रदेश में देखने को मिलेगा। कल से राजधानी भोपाल, ग्वालियर, उज्जैन और इंदौर संभाग के जिलों में तेज बौछारें पड़ने और गरज-चमक के साथ बारिश का दौर शुरू होने का अनुमान है।
कोटे की 74% बारिश पूरी
इस साल मध्य प्रदेश में मानसून की स्थिति काफी बेहतर रही है। अब तक राज्य में सीजन की कुल औसत बारिश का लगभग 74 प्रतिशत कोटा पूरा हो चुका है। सितंबर की शुरुआत में सक्रिय हुए इस नए कड़े सिस्टम के कारण आने वाले एक-दो हफ्तों में राज्य के उन बांधों और जलाशयों के भी पूरी तरह भरने की उम्मीद है, जहां अब तक पानी का स्तर थोड़ा कम था।
मौसम विभाग और प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे जलभराव वाले पुल-पुलियों को पार करने का जोखिम न उठाएं और भारी आकाशीय बिजली की स्थिति में सुरक्षित स्थानों पर रहें।


