- सुलगा मिडिल ईस्ट: अमेरिका ने ईरान के लारक द्वीप, बंदर अब्बास और कोश्म द्वीप पर IRGC के 100 से अधिक रडार और मिसाइल ठिकानों को किया ध्वस्त।
- ईरान का पलटवार: जवाब में ईरान ने जॉर्डन और बहरीन में अमेरिकी मरीन और फिफ्थ फ्लीट (Fifth Fleet) के ठिकानों पर दागीं मिसाइलें।
- डोनाल्ड ट्रम्प की हुंकार: बोले- “होर्मुज स्ट्रेट हमारे कब्जे में है, तेल की सप्लाई रुकने नहीं देंगे, दोबारा हमला हुआ तो ईरान को मिटा देंगे”।
- हाई अलर्ट पर कई देश: जॉर्डन, कुवैत और बहरीन ने अपने एयरस्पेस बंद किए; वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल।
वाशिंगटन/तेहरान: पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) बारूद के ढेर पर बैठ चुका है और दुनिया एक नए महायुद्ध के मुहाने पर खड़ी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के सीधे आदेश पर अमेरिकी वायुसेना और नौसेना ने ईरान के तटीय और सैन्य ठिकानों पर अब तक का सबसे बड़ा हमला किया है। इसके तुरंत बाद बौखलाए ईरान ने जॉर्डन, बहरीन और कुवैत में मौजूद अमेरिकी मिलिट्री बेसों को बैलिस्टिक मिसाइलों और आत्मघाती ड्रोनों से निशाना बनाया है। इस बीच, व्हाइट हाउस से राष्ट्रपति ट्रम्प ने गरजते हुए कहा है कि अब ईरान के साथ किसी भी समझौते की जरूरत नहीं है और दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ पर अब अमेरिका का पूरा कंट्रोल है।
आधी रात को गूंजे धमाके: अमेरिका का ‘ऑपरेशन ईरान’
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक, होर्मुज स्ट्रेट में अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों पर ईरान की ओर से बढ़ते खतरों को देखते हुए यह सैन्य कार्रवाई की गई। अमेरिकी स्टेल्थ फाइटर जेट्स और युद्धपोतों ने ईरान की ‘इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स’ (IRGC) के कमांड सेंटर्स को निशाना बनाया। इस हमले में ईरान के सिरीक और तटीय इलाकों में रडार सिस्टम और एंटी-शिप मिसाइल लॉन्चर्स पूरी तरह तबाह हो गए। स्थानीय मीडिया के अनुसार, हमलों के दौरान कुछ नागरिक इलाकों को भी नुकसान पहुंचा है।
ईरान का ‘ऑपरेशन पनिशमेंट’: जॉर्डन और बहरीन दहले
अमेरिकी एयरस्ट्राइक के जवाब में ईरान के सुप्रीम लीडर के आदेश पर IRGC ने मिडिल ईस्ट के चार देशों में फैले अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइलें दाग दीं। जॉर्डन स्थित अमेरिकी मरीन बेस ‘कैंप टिटिन’ पर ईरान ने 13 भारी बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। जॉर्डन की सेना ने 10 मिसाइलों को हवा में ही मार गिराया, जबकि 3 मिसाइलें खाली इलाकों में गिरीं। वहीं बहरीन में अमेरिकी नौसेना के फिफ्थ फ्लीट के ठिकाने पर ईरान ने दर्जनों आत्मघाती ड्रोन भेजे, जिसके बाद पूरे बहरीन में सायरन बजने लगे और नागरिकों को बंकरों में जाने की सलाह दी गई। इसके अलावा कुवैत के ‘अली अल-सालेम एयरबेस’ और इराक के इरबिल स्थित अमेरिकी कैंपों पर भी रॉकेट हमले दर्ज किए गए हैं।
“नो डील्स विथ ईरान”: ट्रम्प की दोटूक चेतावनी
इस तनाव के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने साफ कर दिया कि अमेरिका अब ईरान के किसी भी शांति समझौते या एमओयू (MOU) को स्वीकार नहीं करेगा। ट्रम्प ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि हम नियंत्रण अपने हाथ में ले रहे हैं। अमेरिकी नौसेना की मौजूदगी के कारण होर्मुज स्ट्रेट अब पूरी तरह सुरक्षित है और वहां से कमर्शियल जहाज सुरक्षित गुजर रहे हैं। ट्रम्प ने चेतावनी दी कि यदि ईरान ने अपनी हरकतों को नहीं रोका, तो अमेरिका उसे ऐसी चोट पहुंचाएगा जो उसने इतिहास में कभी नहीं देखी होगी।
वैश्विक बाजार और भारत पर असर
कच्चे तेल (Crude Oil) की वैश्विक सप्लाई लाइन यानी होर्मुज स्ट्रेट में जारी इस बारूदी जंग के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार और ग्लोबल एनर्जी मार्केट में भारी खलबली मच गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह तनाव लंबा खिंचता है, तो दुनिया भर में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में भारी उछाल आ सकता है, जिससे भारत सहित कई विकासशील देशों के घरेलू बाजारों में महंगाई का दबाव बढ़ेगा।


