नेपाल के पहाड़ी और जलग्रहण क्षेत्रों (Catchment Areas) में बीते 24 घंटों से जारी मूसलाधार बारिश आफत बनकर भारतीय राज्यों की ओर बढ़ रही है। पहाड़ों पर हुए अत्यधिक जलभराव के कारण सीमा पार की नदियों का जलस्तर अचानक खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। नेपाल से आने वाले इसी पानी के भारी दबाव को देखते हुए बिहार सरकार ने सीमावर्ती इलाकों में ‘हाई अलर्ट’ घोषित कर दिया है। वहीं, उत्तर प्रदेश के तराई वाले जिलों में बाढ़ का पानी घुसने की आशंका के चलते बड़े पैमाने पर रेस्क्यू और इवेक्युएशन ऑपरेशन शुरू कर दिया गया है। इसी बीच, मौसम विभाग ने मध्य प्रदेश और राजस्थान के कई हिस्सों में अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।
बिहार: उफान पर कोसी-गंडक, सीमावर्ती जिलों में हाई अलर्ट जारी
नेपाल की पहाड़ियों से उतरने वाला पानी उत्तर बिहार के मैदानी इलाकों में तेजी से फैल रहा है। कोसी, गंडक, बागमती और कमला बलान जैसी नदियां कई स्थानों पर चेतावनी बिंदु को पार कर चुकी हैं।
- 24 घंटे निगरानी: जल संसाधन विभाग ने सभी जिलाधिकारियों और अभियंताओं को तटबंधों (Embankments) की चौबीसों घंटे कड़ी निगरानी करने के निर्देश दिए हैं ताकि किसी भी संभावित दरार या रिसाव को तुरंत रोका जा सके।
- राहत टीमें मुस्तैद: पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, और सुपौल जैसे संवेदनशील जिलों में एनडीआरएफ (NDRF) और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमों को मोटर बोट्स के साथ तैनात कर दिया गया है।
उत्तर प्रदेश: महराजगंज और कुशीनगर के संवेदनशील गांव कराए जा रहे खाली
नेपाल सीमा से बिल्कुल सटे उत्तर प्रदेश के महराजगंज और कुशीनगर जिलों में बाढ़ का संकट सबसे पहले गहराया है। नारायणी और गंडक नदियों के बढ़ते जलस्तर ने तटीय इलाकों में रहने वाले ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है।
- युद्धस्तर पर रेस्क्यू: स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमों ने दोनों जिलों के निचले और बेहद संवेदनशील गांवों को खाली कराना शुरू कर दिया है।
- राहत शिविरों में शिफ्टिंग: ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर बने सरकारी राहत कैंपों में भेजा जा रहा है। लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए प्रशासनिक नावों और लाउडस्पीकर के जरिए मुनादी (घोषणा) का सहारा लिया जा रहा है ताकि कोई भी पीछे न छूटे।
मध्य प्रदेश और राजस्थान: मौसम विभाग ने जारी किया भारी बारिश का कड़ा अलर्ट
उत्तर भारत के साथ-साथ देश के मध्य और पश्चिमी राज्यों में भी मानसूनी सिस्टम अत्यधिक सक्रिय हो गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आगामी 24 से 48 घंटों के लिए चेतावनी जारी की है:
- मध्य प्रदेश: चंबल, ग्वालियर और महाकोशाल संभाग के कई जिलों में मूसलाधार बारिश का अनुमान है। स्थानीय प्रशासन को बांधों के जलस्तर पर नजर रखने और जलभराव वाले निचले इलाकों से लोगों को दूर रखने की हिदायत दी गई है।
- राजस्थान: पूर्वी और दक्षिणी राजस्थान के जिलों (जैसे कोटा, बारां और झालावाड़) में भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका जताई गई है, जिससे अचानक आने वाली बाढ़ (Flash Floods) जैसी परिस्थितियां बन सकती हैं।
प्रशासन ने सभी प्रभावित राज्यों के नागरिकों से अपील की है कि वे नदियों, बांधों और जलभराव वाले क्षेत्रों के पास जाने से पूरी तरह बचें और केवल आधिकारिक आपदा नियंत्रण कक्ष की सूचनाओं पर ही भरोसा करें।
