नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को राजधानी के ‘यशोभूमि’ कन्वेंशन सेंटर में 10वें इंडिया मोबाइल कांग्रेस (IMC 2026) का भव्य उद्घाटन किया। इस दौरान देश-विदेश की दिग्गज टेलीकॉम कंपनियों को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने भारत की डिजिटल क्रांति की सफलता का पूरा खाका दुनिया के सामने रखा।
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में साफ कहा कि मोबाइल फोन अब सिर्फ मनोरंजन या बातचीत का साधन नहीं रह गया है, बल्कि यह देश के आम नागरिक के हाथ में सुशासन (Good Governance) और सशक्तिकरण का सबसे बड़ा हथियार बन चुका है।
डिजिटल पारदर्शिता से भ्रष्टाचार पर लगाम: ₹5 लाख करोड़ की बचत
भाषण की सबसे बड़ी बात डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) पर रही। पीएम मोदी ने बताया कि सरकार ने तकनीक का सही इस्तेमाल करके अब तक लाभार्थियों के बैंक खातों में सीधे ₹50 लाख करोड़ ट्रांसफर किए हैं।
पारदर्शिता के इस डिजिटल सिस्टम की वजह से बिचौलियों और लीकेज का रास्ता पूरी तरह बंद हो गया है। पीएम मोदी ने कहा, “डिजिटल गवर्नेंस के कारण हमने ₹5 लाख करोड़ से अधिक की बड़ी राशि को गलत हाथों में जाने से बचाया है। आज जब भ्रष्टाचार के सारे रास्ते बंद हो गए हैं, तो जिनकी मुफ्त की कमाई रुकी है, उनका मोदी पर गुस्सा होना लाजमी है।”
‘जेब में बैंक और मोबाइल में अस्पताल’
भारत की तेजी से बदलती लाइफस्टाइल का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि अब देश के नागरिकों को छोटी-छोटी सुविधाओं के लिए लंबी लाइनों में खड़े रहने की जरूरत नहीं है।
- डिजिटल बैंकिंग: UPI और JAM (जनधन-आधार-मोबाइल) ट्रिनिटी ने बैंकिंग सेवाओं को हर नागरिक के फोन तक पहुंचा दिया है।
- डिजिटल हेल्थ: आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन और टेलीमेडिसिन के जरिए अब देश के अस्पताल और डॉक्टरों की सलाह सीधे मोबाइल स्क्रीन पर उपलब्ध है।
100 देशों की भागीदारी के साथ IMC बना ग्लोबल हब
इंडिया मोबाइल कांग्रेस के सफर को रेखांकित करते हुए पीएम ने कहा कि जब इसकी शुरुआत हुई थी, तब इसमें सिर्फ भारत की भागीदारी थी। लेकिन आज इस 10वें एडिशन में 100 से अधिक देशों के प्रतिनिधि और वैश्विक कंपनियां हिस्सा ले रही हैं। यह इस बात का प्रमाण है कि भारत अब ग्लोबल डिजिटल स्पेस में एक उपभोक्ता (Consumer) नहीं, बल्कि एक लीडर और एक्सपोर्टर बनकर उभरा है।
8 रुपये प्रति GB डेटा और दुनिया का सबसे बड़ा 5G नेटवर्क
समारोह में भारत के टेलीकॉम सेक्टर की बेमिसाल ग्रोथ के आंकड़े भी सामने रखे गए:
- ₹8 में 1GB डेटा: साल 2014 में जहां 1GB मोबाइल डेटा के लिए औसतन ₹268 खर्च करने पड़ते थे, वहीं आज भारत में डेटा की कीमत घटकर सिर्फ ₹8 प्रति GB रह गई है।
- हर जिले में 5G: भारत में अब तक 5.5 लाख से ज्यादा 5G बेस स्टेशन एक्टिव हो चुके हैं, जिसने देश के हर एक जिले को हाई-स्पीड कनेक्टिविटी से जोड़ दिया है। इसके साथ ही अब भारत तेजी से 6G नेटवर्क के विज़न पर काम कर रहा है।
साइबर फ्रॉड और डीपफेक पर वैश्विक चिंता
तकनीक के फायदों के साथ-साथ पीएम मोदी ने इसके खतरों पर भी दुनिया को आगाह किया। उन्होंने साइबर धोखाधड़ी और डीपफेक (Deepfake) को मानवता और सुरक्षा के लिए एक बड़ा संकट बताया। पीएम मोदी ने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से अपील की कि साइबर अपराधियों से निपटने के लिए एक मजबूत वैश्विक फ्रेमवर्क (Global Mechanism) तैयार किया जाना चाहिए, क्योंकि डिजिटल क्राइम की कोई भौगोलिक सीमा नहीं होती।
इस कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया समेत टेलीकॉम जगत की कई नामचीन हस्तियां मौजूद रहीं, जिन्होंने भारत के इस बदलते टेक-इकोसिस्टम की जमकर तारीफ की।


