Tuesday, October 13, 2026

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बालाघाट में 30 बच्चों की मौत पर राहुल गांधी का सरकार पर बड़ा हमला, कहा- ‘यह पूरी तरह प्रशासनिक विफलता’

मप्र: बालाघाट में 30 बच्चों की मौत पर राहुल गांधी का सरकार पर बड़ा हमला, कहा- ‘यह पूरी तरह प्रशासनिक विफलता’

भोपाल/नई दिल्ली: मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले से आई बेहद दर्दनाक खबर पर सियासत पूरी तरह गरमा गई है। बालाघाट के आदिवासी बहुल इलाकों में पिछले कुछ समय में करीब 30 मासूम बच्चों की मौत का मामला अब राष्ट्रीय स्तर पर पहुंच चुका है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष (LoP) राहुल गांधी ने इस त्रासदी को लेकर मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार पर तीखा हमला बोला है। राहुल गांधी ने इसे स्वास्थ्य और प्रशासनिक व्यवस्था की ‘पूर्ण विफलता’ करार दिया है।

बुनियादी सुविधाओं पर राहुल गांधी ने उठाए गंभीर सवाल

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि वनांचल क्षेत्रों में पीने के साफ पानी, सही पोषण और समय पर सही इलाज जैसी बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी है। इसी कमी के कारण मासूम बच्चों को अपनी जान गंवानी पड़ रही है। उन्होंने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव से इस मामले में सीधे हस्तक्षेप की मांग की है। राहुल गांधी ने कहा कि मुख्यमंत्री स्वयं इस संकट का समाधान करें, प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल हाई-स्तरीय जांच करवाएं और पीड़ित परिवारों को उचित चिकित्सा और राहत सामग्री उपलब्ध कराएं। उन्होंने साफ लफ्जों में कहा कि बच्चों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ कतई बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।

आखिर क्यों जा रही है मासूमों की जान?

स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बालाघाट जिले के बैहर और बिरसा ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले सुदूर आदिवासी गांवों में यह संकट गहराया हुआ है। इन क्षेत्रों में रहने वाले विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (PVTG) ‘बैगा’ समुदाय के बच्चे सबसे ज्यादा प्रभावित हैं।

बताया जा रहा है कि गांवों में फैले दूषित पानी और भीषण कुपोषण के चलते बच्चे डायरिया, खसरा और मलेरिया जैसी गंभीर संक्रामक बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। समय पर एम्बुलेंस न मिलने और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों की कमी के कारण बच्चों को सही समय पर इलाज नहीं मिल पाया, जिससे मौतों का आंकड़ा बढ़ता चला गया। स्थिति से नाराज आदिवासी संगठनों ने क्षेत्र में विरोध प्रदर्शन भी किया था।

प्रशासनिक कार्रवाई और सरकार का पक्ष

विपक्ष के चौतरफा हमलों के बीच मध्य प्रदेश सरकार और स्वास्थ्य विभाग की टीमें अलर्ट पर हैं। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने खुद प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर हालात का जायजा लिया था और पीड़ित परिवारों को 2-2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। केंद्रीय और राज्य स्वास्थ्य मंत्रालय की टीमें प्रभावित गांवों में लगातार कैंप लगाकर बच्चों की स्क्रीनिंग, जांच और इलाज कर रही हैं। हालांकि, मौतों की सही संख्या और दावों को लेकर प्रशासन और विपक्षी दलों के बीच लगातार तकरार जारी है।

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