सागर। सागर पुलिस ने अंतरराज्यीय आईपीएल सट्टेबाजी और फर्जी बैंकिंग नेटवर्क के जरिए चलाए जा रहे एक बड़े ऑनलाइन साइबर फ्रॉड सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है। मकरोनिया थाना पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त कार्रवाई में 2 करोड़ 69 लाख 42 हजार 700 रुपए नकद, करीब 30 लाख रुपए मूल्य के सोने-चांदी के आभूषण, नोट गिनने की मशीन और भारी मात्रा में फर्जी बैंकिंग दस्तावेज बरामद किए गए हैं।
टायर पंचर वाले की शिकायत से खुला राज
मामले की शुरुआत 13 अगस्त को मकरोनिया थाने में दर्ज हुई एक एफआईआर से हुई। शिकायतकर्ता रोहित पटेल (टायर पंचर सुधारने वाले) ने शिकायत दर्ज कराई थी कि परिचितों ने सरकारी योजना और कमीशन का लालच देकर उसके नाम से फर्जी फर्म (‘ग्लैमर इंटरप्राइजेस’) और बैंक खाते खुलवाए। जब पुलिस ने मकरोनिया थाना प्रभारी और साइबर टीम के नेतृत्व में जांच आगे बढ़ाई, तो मुंबई और भोपाल तक फैले एक विशाल म्यूल-अकाउंट नेटवर्क का खुलासा हुआ।
30 से ज्यादा शेल कंपनियां और टेलीग्राम नेटवर्क
एसपी अनुराग सुजानिया ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि गिरोह बेरोजगार युवाओं और छोटे व्यापारियों के दस्तावेजों का इस्तेमाल कर फर्जी फर्में रजिस्टर्ड कराता था। जांच में ‘ग्लैमर इंटरप्राइजेस’, ‘भूपेंद्र इंटरप्राइजेस’, ‘सूर इंटरप्राइजेस’ और ‘समृद्धि टूर एंड ट्रैवल्स’ जैसी 30 से अधिक फर्जी फर्मों का पता चला है। इन खातों के जरिए आईपीएल मैचों में बैटिंग और ऑनलाइन गेमिंग का काला धन ठिकाने लगाया जा रहा था। वित्तीय विश्लेषण में इन खातों में ₹5.50 करोड़ से अधिक का संदिग्ध लेन-देन मिला है।
भोपाल से पकड़े गए मुख्य सरगना
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी ऋषभ पटेल और अमित विश्वकर्मा को भोपाल से गिरफ्तार किया। ऋषभ पटेल (जो कॉलेज के समय से सट्टेबाजी से जुड़ा था) के ठिकाने से ₹2.69 करोड़ नकदी, सोना और कैश काउंटिंग मशीन जब्त की गई। मामले में अब तक 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि 2 आरोपी फरार हैं। गिरफ्तार आरोपियों को 8 दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया है।
सागर में ₹5.50 करोड़ के सट्टा और साइबर रैकेट का पर्दाफाश, ₹2.69 करोड़ नकद और सोना जब्त
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