इंदौर (Indore) में अवैध नशे के बढ़ते कारोबार को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता और प्रख्यात राष्ट्रीय कवि सत्यनारायण सत्तन (सत्तन गुरु) ने अपनी ही सरकार की कानून व्यवस्था और पुलिस प्रशासन को आड़े हाथों लिया है। इस गंभीर मुद्दे को लेकर सत्तन गुरु के तीखे तेवर और पुलिस की विफलता पर दिया गया बयान मध्य प्रदेश के राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में काफी चर्चा बटोर रहा है।
डीसीपी से सीधे शिकायत
इंदौर के विधानसभा क्षेत्र क्रमांक-1 के अंतर्गत आने वाले कंदीलपुरा, मल्हारगंज और उसके आसपास के विभिन्न इलाकों में बड़े पैमाने पर अवैध मादक पदार्थों और भांग की कथित बिक्री हो रही है। इस अवैध नेटवर्क से परेशान होकर स्थानीय रहवासियों और वार्ड पार्षद मनोज मिश्रा के साथ, बीजेपी के वरिष्ठ नेता सत्यनारायण सत्तन खुद जोन-1 के पुलिस उपायुक्त (DCP) नरेंद्र रावत से मुलाकात करने पहुंचे। उन्होंने पुलिस अधिकारी के सामने क्षेत्र की जमीनी स्थिति रखी और अवैध धंधों पर तुरंत नियंत्रण लगाने की मांग की।
“पुलिस फेल और सरकार जिम्मेदार” — सत्तन गुरु का बड़ा बयान
सत्तन गुरु अपने बेबाक और स्पष्ट बयानों के लिए जाने जाते हैं। डीसीपी कार्यालय में मीडिया और अधिकारियों के सामने उन्होंने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गहरा असंतोष व्यक्त करते हुए कहा:
- पुलिस प्रशासन पूरी तरह विफल है: जिस तरह से रिहायशी इलाकों में खुलेआम नशे का कारोबार चल रहा है, उससे साफ है कि स्थानीय पुलिस इस नेटवर्क को रोकने और तस्करों पर लगाम लगाने में पूरी तरह विफल (fail) साबित हो रही है।
- अपनी ही सरकार को घेरा: सत्तन गुरु ने इस दौरान सीधे अपनी ही पार्टी की सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने तीखे लहजे में कहा कि “सरकार खुद नशा बिकवा रही है, जिसके चलते नशा बेचने वालों के हौसले बुलंद हैं”।
शहर में हड़कंप और असमंजस की स्थिति
सत्तन गुरु का यह हमला ऐसे समय पर आया है जब इंदौर पुलिस कमिश्नरेट द्वारा शहर में बड़े पैमाने पर ‘नशे से दूरी है जरूरी 2.0’ अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस लगातार ड्रग डिटेक्शन किट्स के इस्तेमाल और तस्करों की धरपकड़ का दावा कर रही है। ऐसे में सत्ताधारी दल के ही एक इतने वरिष्ठ और मार्गदर्शक स्तर के नेता द्वारा पुलिस को फेल बताना और सीधे तौर पर प्रशासनिक संरक्षण के आरोप लगाना, इंदौर पुलिस की मुस्तैदी और दावों पर बड़े सवाल खड़े करता है।
डीसीपी नरेंद्र रावत ने इस शिकायत पर संज्ञान लेते हुए स्थानीय थाना प्रभारियों को संबंधित क्षेत्रों में सख्त सर्चिंग करने और अवैध रूप से नशा बेचने वालों के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।



