Home बॉलीवुड चेक बाउंस मामले में सुप्रीम कोर्ट की राजपाल यादव को कड़ी फटकार,...

चेक बाउंस मामले में सुप्रीम कोर्ट की राजपाल यादव को कड़ी फटकार, कहा— ‘आपकी जगह जेल में है, घमंड को सही जगह दिखानी होगी’

0

उच्चतम न्यायालय (Supreme Court) ने चेक बाउंस के सात मामलों में घिरे बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता राजपाल यादव (Rajpal Yadav) को सोमवार को कड़ी फटकार लगाई है। कोर्ट के आदेशों के बावजूद तय की गई रकम जमा न करने पर अदालत ने सख्त नाराजगी व्यक्त की। मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन जजों की बेंच ने अभिनेता के रवैये को आड़े हाथों लिया।

“हम इस घमंड का इलाज जानते हैं” – सुप्रीम कोर्ट

सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची ने अभिनेता के काउंसिल को बेहद कड़े लहजे में टोकते हुए कहा—

“इस घमंड को सही जगह दिखाना ज़रूरी है। आपको पता होना चाहिए कि कब मुंह खोलना है। आपकी जगह जेल में है।”

जस्टिस बागची ने आगे कहा कि अदालत उनके व्यवहार को नज़रअंदाज़ कर केवल शिकायतकर्ता (लेंडर) के पैसों को सुरक्षित कराने की कोशिश कर रही थी। उन्होंने बेहद तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा, “हम दिल से उनकी इस याचिका को खारिज करना चाहते हैं। हमें लगता है कि उनके लिए सबसे सही जगह जेल ही है। लेकिन हम चाहते हैं कि शिकायतकर्ता को उसकी डूबी हुई रकम मिल सके।”

₹5 करोड़ जमा करने का मिला आखिरी मौका

अभिनेता राजपाल यादव के वकील ने अदालत से एक और मौका देने की गुहार लगाई, जिस पर अदालत ने चेतावनी देते हुए भुगतान करने का अंतिम अवसर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया है कि बकाया राशि हर हाल में कल तक रजिस्ट्री में जमा कराई जाए, अन्यथा याचिका को सीधे खारिज कर दिया जाएगा।

क्या है पूरा मामला?

यह पूरा विवाद साल 2010 से जुड़ा हुआ है। राजपाल यादव ने अपनी एक फिल्म ‘अता, पता, लापता’ के निर्माण के लिए दिल्ली की एक निजी कंपनी ‘मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड’ से करीब 5 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर असफल रही, जिसके बाद वह यह कर्ज चुकाने में असमर्थ रहे। इस मामले से जुड़े चेक बाउंस होने के बाद मामला कानूनी विवाद में बदल गया। इससे पहले दिल्ली हाई कोर्ट भी उन्हें 3 महीने की सजा सुना चुका है और यह मामला कुल मिलाकर 7.5 करोड़ रुपये की देनदारी तक पहुंच चुका है।

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Exit mobile version