हनुमान खड़े-भक्त अड़े: 9 दिन से प्रशासन की परीक्षा, बैरिकेडिंग के बीच मंगलवार शाम को महाआरती; सोशल मीडिया पर ‘चमत्कार’ वायरल
उज्जैन: धर्मनगरी उज्जैन में सिंहस्थ महाकुंभ 2028 की तैयारियों के तहत चल रहे सड़क चौड़ीकरण प्रोजेक्ट में एक अभूतपूर्व गतिरोध देखने को मिल रहा है। कंठाल चौराहे से छत्री चौक (सती गेट) के बीच स्थित लगभग 170 साल पुराने ऐतिहासिक श्री खड़े हनुमान मंदिर को हटाने की प्रशासनिक मुहिम पिछले 9 दिनों से पूरी तरह थमी हुई है। हालत यह है कि ‘हनुमान खड़े और भक्त अड़े’ की स्थिति के बीच मंगलवार शाम को भारी पुलिस बैरिकेडिंग के अंदर ही हजारों श्रद्धालुओं ने एकजुट होकर महाआरती की, जिसका वीडियो अब देश-दुनिया में तेजी से वायरल हो रहा है।
शुरुआत से अब तक: कब क्या हुआ?
- 4-5 सितंबर (हथौड़ा चला और विरोध शुरू): नगर निगम की टीम मदनलाल शर्मा मार्ग पर सड़क चौड़ीकरण के लिए मंदिर के पास पहुंची। प्रशासन ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में मंदिर के ऊपरी ढांचे, शिखर और पक्के निर्माण को तो ध्वस्त कर दिया, लेकिन जैसे ही मुख्य प्रतिमा को हटाने की बारी आई, साधु-संतों और हिंदूवादी संगठनों का उग्र विरोध शुरू हो गया।
- मशीनें फेल, क्रेनें हारीं: प्रशासन ने भारी क्रेन, जेसीबी और हाइड्रोलिक मशीनों के जरिए प्रतिमा को शिफ्ट करने की कोशिश की। करीब 40 घंटे से अधिक समय तक कई चरणों में प्रयास किए गए। इंदौर से आए विशेष इंजीनियरों और तकनीकी विशेषज्ञों ने पूरी ताकत लगा दी, लेकिन लगभग 8 फीट ऊंची यह प्रतिमा अपनी जगह से एक इंच भी टस से मस नहीं हुई।
- पुरातत्व विभाग की चेतावनी: इसी बीच पुरातत्व विशेषज्ञों की टीम ने हस्तक्षेप किया। विशेषज्ञों ने साफ तौर पर चेतावनी दी कि अगर प्रतिमा को जबरन खींचने या मशीनों से हटाने का प्रयास किया गया, तो इसमें गहरी दरारें आ सकती हैं और यह पूरी तरह खंडित हो सकती है। इस चेतावनी के बाद प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए और कार्रवाई को बीच में ही रोकना पड़ा।
- प्रशासन ने खोदा गड्ढा, मांगी लिखित गारंटी: प्रतिमा का आधार और गहराई जांचने के लिए अधिकारियों ने नीचे करीब डेढ़ फीट गहरा गड्ढा भी खोदा। हालांकि, मंदिर के पुजारी सुलभ शांतनु शर्मा और समिति के सदस्यों ने दो टूक कह दिया कि जब सड़क के दोनों ओर पर्याप्त रास्ता है तो मंदिर क्यों हटाया जा रहा है? उन्होंने मांग की कि प्रशासन पहले लिखित में गारंटी दे कि प्रतिमा बिना किसी क्षति के सुरक्षित शिफ्ट होगी, अन्यथा वे हाथ भी नहीं लगाने देंगे।
सोशल मीडिया पर कैसे वायरल हुआ यह ‘चमत्कार’?
जैसे ही यह खबर फैली कि भारी-भरकम आधुनिक मशीनें भी खड़े हनुमान जी की प्रतिमा को नहीं हिला पा रही हैं, यह मामला सोशल मीडिया की सुर्खियों में आ गया। इंटरनेट पर इसे एक साक्षात ‘दैवीय चमत्कार’ के रूप में देखा जा रहा है।
- ‘हनुमान अंश’ फिल्म के डायलॉग्स के साथ वीडियो वायरल: इंस्टाग्राम, फेसबुक और यूट्यूब पर इस घटना के सैकड़ों रील्स और वीडियो ट्रेंड कर रहे हैं। लोग इस घटना की तुलना प्रसिद्ध फिल्म ‘हनुमान अंश’ के उस दृश्य से कर रहे हैं जहां गाड़ी को खुद बजरंगबली रोक देते हैं। सोशल मीडिया पर लोग लिख रहे हैं— “प्रशासन ने तो हाथ खड़े कर दिए, लेकिन भक्तों ने हाथ जोड़ लिए।”
- ‘वानर सेना’ का पहरा और महाआरती: मंगलवार शाम को मंदिर के चारों तरफ लगाई गई ऊंची लोहे की बैरिकेडिंग के बीच जब भक्तों ने झांझ-मंजीरे और शंखनाद के साथ महाआरती की, तो सोशल मीडिया पर यूज़र्स ने लिखा कि ऐसा लग रहा है मानो हनुमान जी की ‘वानर सेना’ एक बार फिर अपने प्रभु की रक्षा के लिए चारों तरफ जुट गई है।
तकनीक और सुरक्षा पर टिका मामला, प्रशासन की परीक्षा जारी
कार्रवाई रुकने के बाद अब प्रशासन इस संवेदनशील मामले में फूंक-फूंक कर कदम रख रहा है। नगर निगम और जिला प्रशासन के अधिकारियों के मुताबिक, भक्तों की भावनाओं और पुरातत्व विभाग की चेतावनी को देखते हुए अब बिना किसी जल्दबाजी के काम किया जाएगा। फिलहाल प्रतिमा की आधुनिक तकनीक से स्कैनिंग कराने की तैयारी की जा रही है, ताकि इसकी वैज्ञानिक और जमीनी बनावट को समझकर ही कोई अगला सुरक्षित कदम उठाया जा सके। तब तक मौके पर भक्तों की आस्था का पहरा और प्रशासन की परीक्षा लगातार जारी है।


