प्राइमरी मार्केट में महा-धमाका! अगले हफ्ते खुलने जा रहे हैं 11 मेनबोर्ड IPO, जुटाए जाएंगे ₹7,055 करोड़; जानें पूरा विश्लेषण
नई दिल्ली, 6 सितम्बर 2026:
भारतीय प्राइमरी मार्केट (Primary Market) के लिए आने वाला हफ्ता (7 सितंबर से 15 सितंबर 2026) ऐतिहासिक और बेहद व्यस्त होने जा रहा है। बाज़ार में एक साथ 11 मेनबोर्ड आईपीओ (Mainboard IPOs) सब्सक्रिप्शन के लिए खुलने जा रहे हैं, जिनके ज़रिए कंपनियाँ करीब ₹7,055 करोड़ की पूंजी जुटाने का लक्ष्य रख रही हैं। इस भारी-भरकम भीड़ की मुख्य वजह यह है कि लिस्टिंग के समय इन सभी 11 कंपनियों का मार्केट कैप 1 बिलियन डॉलर (करीब ₹8,400 करोड़) से कम रहने का अनुमान है, जिससे छोटे और मिड-साइज सेगमेंट में निवेशकों को शुरुआती ग्रोथ का फायदा मिल सके।
प्रमुख IPO की लिस्ट, तारीख और प्राइस बैंड (Key IPO Calendar)
इस हफ्ते आने वाले 11 IPO में से सबसे बड़े और चर्चित नाम इस प्रकार हैं:
- Rentomojo IPO (9-11 सितंबर): यह इस हफ्ते का सबसे बड़ा आईपीओ है, जिसका इश्यू साइज करीब ₹1,256 करोड़ है। ऑनलाइन रेंटल सर्विस देने वाली इस न्यू-एज टेक कंपनी का प्राइस बैंड ₹384 से ₹404 प्रति शेयर तय किया गया है।
- Kanohar Electricals IPO (8-10 सितंबर): इंफ्रास्ट्रक्चर और इलेक्ट्रिकल सेगमेंट की इस कंपनी का इश्यू साइज ₹1,056 करोड़ है। इसका प्राइस बैंड ₹601 से ₹632 प्रति शेयर रखा गया है।
- Karamtara Engineering IPO (9-11 सितंबर): इंजीनियरिंग और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की इस कंपनी का इश्यू साइज करीब ₹875 करोड़ है।
- Pranav Constructions IPO (7-9 सितंबर): यह आईपीओ कल यानी सोमवार से ही खुल रहा है। ₹351 करोड़ के इस इश्यू का प्राइस बैंड ₹118 से ₹124 है, जिसमें रिटेल निवेशकों के लिए एक लॉट (120 शेयर) की न्यूनतम कीमत ₹14,880 होगी।
- Prasol Chemicals IPO (8-10 सितंबर): स्पेशलिटी केमिकल्स बनाने वाली इस कंपनी का प्राइस बैंड ₹643 से ₹676 तय किया गया है।
- Glass Wall Systems IPO (8-10 सितंबर): बिल्डिंग सॉल्यूशंस सेक्टर की इस कंपनी का प्राइस बैंड ₹172 से ₹182 है।
- अन्य प्रमुख इश्यू: इनके अलावा Manipal Payment and Identity Solutions (फिनटेक/पेमेंट), Asset Reconstruction Company, LCC Projects, Steamhouse India और Veegaland Developers (स्मॉल-कैप रियल एस्टेट) के आईपीओ भी इसी हफ्ते कतार में हैं।
📈 बाजार का विश्लेषण (IPO Market Analysis)
- फ्रेश इश्यू बनाम ओएफएस (Fresh Issue vs OFS): इस हफ्ते जुटने वाले ₹7,055 करोड़ में से लगभग 39% हिस्सा प्राइमरी (Fresh Issue) है, यानी यह पैसा सीधे कंपनियों के पास बिजनेस विस्तार, कर्ज चुकाने और वर्किंग Kapitel के लिए जाएगा। बाकी 61% हिस्सा ऑफर फॉर सेल (OFS) है, जहाँ पुराने निवेशक अपनी हिस्सेदारी बेचकर बाहर निकल रहे हैं।
- सेक्टर डायवर्सिफिकेशन: बाज़ार में केवल पारंपरिक मैन्युफैक्चरिंग कंपनियां ही नहीं आ रही हैं, बल्कि Rentomojo (ऑनलाइन रेंटल्स) और Manipal Payments (फिनटेक) जैसी न्यू-एज टेक कंपनियाँ भी शामिल हैं, जिससे निवेशकों को अपने पोर्टफोलियो को डायवर्सिफाई करने का अच्छा मौका मिलेगा।
- मजबूत लिक्विडिटी का सहारा: जुलाई और अगस्त के महीनों में आए आईपीओ को निवेशकों का तगड़ा रिस्पॉन्स मिला था। उदाहरण के लिए, हाल ही में बंद हुए ‘Rays of Belief’ आईपीओ को 107 गुना और ‘Deepa Jewellers’ को 43 गुना से ज्यादा सब्सक्रिप्शन मिला है। यही मजबूत डोमेस्टिक लिक्विडिटी इन 11 कंपनियों को बाज़ार में उतरने का हौसला दे रही है।
निवेशकों के लिए बड़ी चेतावनी (Risk Factors)
जहाँ एक तरफ प्राइमरी मार्केट में बहार है, वहीं अंतरराष्ट्रीय मोर्चे पर अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के कारण कच्चे तेल (Brent Crude) की कीमतें 95 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल चुकी हैं।
एक्सपर्ट्स की सलाह: जियोपॉलिटिकल तनाव के कारण इस हफ्ते सेकेंडरी मार्केट (शेयर बाजार) में भारी उतार-चढ़ाव (Volatility) देखने को मिल सकता है। इसलिए, किसी भी आईपीओ में पैसा लगाने से पहले कंपनी के रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (RHP), उसके कर्ज की स्थिति (Debt) और ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) की जांच ज़रूर कर लें। अंधाधुंध हर आईपीओ में पैसा लगाने के बजाय चुनिंदा और मजबूत फंडामेंटल वाली कंपनियों पर ही दांव लगाएं।


