वाराणसी डिजिटल डेस्क:
धर्म नगरी वाराणसी के कोतवाली इलाके से इंसानियत को शर्मसार करने वाली एक घटना सामने आई है। यहाँ रामघाट क्षेत्र की एक संकरी गली में बेजुबान गाय के साथ क्रूरता और अश्लील हरकत करने का सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है। गली में लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरे में कैद हुई इस घिनौनी वारदात का वीडियो जैसे ही सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, पुलिस महकमे में खलबली मच गई। वाराणसी पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए महज कुछ ही घंटों में मुख्य आरोपी को धर दबोचा।
गली के कैमरे ने खोला वारदात का राज
घटनाक्रम के अनुसार, यह पूरी वारदात 17 सितंबर की देर रात की बताई जा रही है। रामघाट की एक गली में लगे सीसीटीवी फुटेज में भगवा कुर्ता पहने एक अधेड़ उम्र का व्यक्ति सुनसान रास्ते पर खड़ी गाय के पास जाता हुआ दिखाई देता है। वह व्यक्ति पहले गाय को बेरहमी से थप्पड़ मारता है और फिर उसके साथ अमानवीय व बेहद आपत्तिजनक हरकत को अंजाम देता है।
सोशल मीडिया पर इस वीडियो के तैरते ही स्थानीय नागरिकों और हिंदूवादी संगठनों में तीव्र आक्रोश फैल गया। लोगों ने बेजुबान और पूजनीय गोवंश के साथ हुई इस बर्बरता को लेकर आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी की मांग शुरू कर दी।
घेराबंदी कर लक्सा इलाके से पकड़ा गया आरोपी
वीडियो का संज्ञान लेते हुए कोतवाली थाना पुलिस तुरंत एक्टिव हुई। पुलिस ने घटना स्थल के आसपास के खुफिया इनपुट खंगाले और आरोपी की पहचान के लिए मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया।
इसी बीच पुलिस को सूचना मिली कि वीडियो में दिख रहा शख्स लक्सा थाना क्षेत्र के पुराना पान दरीबा इलाके में छिपा हुआ है। पुलिस टीम ने बिना वक्त गंवाए मौके पर छापेमारी की और आरोपी को चारों तरफ से घेरकर हिरासत में ले लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम प्रदीप कुमार रावत (उर्फ प्रदीप बाबा) बताया है।
‘नशे की धुन में हो गई गलती’ – पुलिस के सामने कबूला गुनाह
पुलिस हिरासत में आने के बाद जब आरोपी से कड़ाई से पूछताछ की गई, तो उसने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। आरोपी प्रदीप ने पुलिस को बताया कि घटना वाली रात उसने अत्यधिक मात्रा में गांजे का नशा कर रखा था। नशे के अत्यधिक सुरूर में उसे सही-गलत का होश नहीं रहा और उसने इस शर्मनाक हरकत को अंजाम दे दिया। आरोपी ने अपनी इस विकृत हरकत पर पछतावा भी जताया है।
पशु क्रूरता अधिनियम के तहत कानूनी शिकंजा
वाराणसी पुलिस ने आरोपी प्रदीप कुमार रावत के खिलाफ पशु क्रूरता निवारण अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की गंभीर व सुसंगत धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया है। सीसीटीवी फुटेज को डिजिटल साक्ष्य के रूप में शामिल करते हुए पुलिस ने कानूनी औपचारिकताएं पूरी कीं और आरोपी को जेल भेज दिया है।
