नई दिल्ली: अगर आप भी अपने कारोबार को बढ़ाने या ग्राहकों से जुड़ने के लिए WhatsApp Business API का इस्तेमाल करते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। सोशल मीडिया और मैसेजिंग जाइंट मेटा (Meta) ने वॉट्सऐप बिजनेस यूजर्स को एक बड़ा झटका दिया है। 1 अक्टूबर 2026 से कंपनी ने अपने बिलिंग नियमों में बड़ा बदलाव लागू कर दिया है, जिसके तहत अब सर्विस मैसेजेस भेजने के लिए कंपनियों को पैसे चुकाने होंगे।
मेटा के इस कदम से उन छोटे और बड़े व्यापारियों की जेब पर असर पड़ना तय है, जो ग्राहकों के सवालों के जवाब देने के लिए पूरी तरह वॉट्सऐप पर निर्भर हैं। आइए जानते हैं कि यह नया नियम क्या है और इससे क्या-क्या बदलने वाला है।
क्या है नया नियम और कितना लगेगा चार्ज?
अब तक के नियम के मुताबिक, जब कोई ग्राहक किसी कंपनी को मैसेज करता था, तो कंपनियां अगले 24 घंटे के भीतर बिना किसी एक्स्ट्रा चार्ज के (नॉन-टेम्पलेट सर्विस मैसेज के जरिए) जवाब दे सकती थीं। लेकिन नए अपडेट के बाद खेल पूरी तरह बदल गया है:
- 1,000 मैसेजेस ही मुफ्त: अब हर बिजनेस अकाउंट को हर महीने केवल 1,000 सर्विस मैसेज ही फ्री मिलेंगे।
- खत्म होगी फ्री कस्टमर सर्विस विंडो: जैसे ही यह 1,000 मैसेजेस का कोटा खत्म होगा, कंपनियों को हर एक रिप्लाई या मैसेज के लिए पैसे देने होंगे।
- भारत में कितना होगा खर्च: भारत में प्रति सर्विस मैसेज की बेस प्राइस लगभग 11.5 पैसे तय की गई है। इस पर 18% GST जुड़ने के बाद कंपनियों को करीब 14 पैसे प्रति मैसेज का भुगतान करना होगा।
- अकाउंट हो सकता है ब्लॉक: मेटा ने साफ निर्देश दिया है कि जिन बिजनेस यूजर्स या सॉल्यूशन प्रोवाइडर्स ने अपने अकाउंट में वैलिड पेमेंट मेथड लिंक नहीं किया है, उनके सर्विस मैसेजेस की डिलीवरी तुरंत रोक दी जाएगी।
आम जनता (Personal Accounts) पर क्या होगा असर?
इस खबर के सामने आने के बाद कई आम यूजर्स भी परेशान हैं कि क्या अब उन्हें भी वॉट्सऐप इस्तेमाल करने के लिए पैसे देने होंगे? तो आपको बता दें कि घबराने की बिल्कुल जरूरत नहीं है:
- पर्सनल वॉट्सऐप पूरी तरह फ्री: यह नया नियम सिर्फ और सिर्फ Business API यूजर्स के लिए है। आम लोग जो अपने दोस्तों या रिश्तेदारों को मैसेज भेजते हैं, उनके लिए वॉट्सऐप हमेशा की तरह 100% फ्री रहेगा।
- ग्राहकों के लिए कोई फीस नहीं: अगर आप एक ग्राहक के तौर पर किसी बैंक, जोमैटो, स्विगी या किसी दुकान के बिजनेस अकाउंट पर चैट करते हैं, तो आपसे कोई चार्ज नहीं लिया जाएगा। इसका पूरा खर्च सिर्फ उस कंपनी को उठाना होगा।
क्यों लिया मेटा ने यह फैसला
टेक एक्सपर्ट्स का मानना है कि मेटा अब वॉट्सऐप के जरिए अपनी कमाई (Monetization) को तेजी से बढ़ाना चाहता है। बिजनेस एपीआई का इस्तेमाल आज के समय में हर छोटी-बड़ी कंपनी कर रही है। ऐसे में फ्री विंडो को खत्म करके कंपनी भारी रेवेन्यू जेनरेट करने की तैयारी में है। हालांकि, इस फैसले से उन स्टार्टअप्स और छोटे व्यापारियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है, जिनका रोजाना का कस्टमर सपोर्ट वॉट्सऐप पर ही चलता है।
