Explore the website

Looking for something?

Sunday, May 31, 2026

Enjoy the benefits of exclusive reading

TOP NEWS

इंदौर में पानी वितरण...

(संवाददाता आशीष जवखेड़कर) गर्मी में हुए जल संकट और चक्काजाम के बाद नगर निगम...

खंडवा के बढ़िया तुला...

एनटीवी टाइम न्यूज खंडवा/ बकरीद के दूसरे दिन खंडवा से करीब 7 किमी...

दिल्ली में पाकिस्तानी खुफिया...

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में सुरक्षा एजेंसियों को एक बड़ी सफलता हाथ लगी...

यूपी-बिहार में आंधी-बारिश का...

नई दिल्ली/लखनऊ/पटना: उत्तर भारत के कई राज्यों में मौसम ने अचानक करवट ली...
Homeमध्य प्रदेशमहू : बाबा साहब की यादों के अलावा यहां और भी है...

महू : बाबा साहब की यादों के अलावा यहां और भी है बहुत कुछ, जानिए महू क्यों हैं खास

( संवाददाता प्रकाश सिसोदिया )

  • मध्य प्रदेश के महू की पहचान सैन्य छावनी के रूप में की जाती है. परंतु यहां ऐसी अनेक चीजें मौजूद हैं जिनके कारण इसकी पहचान देश भर में है.

महू का शाब्दिक अर्थ है मिलिट्री हेडक्वार्टर ऑफ वार. इंदौर से 20 किलोमीटर दूर स्थित महू देश भर में अपनी एक अलग पहचान रखता है. महू की पहचान डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की विशेष तौर पर जन्मस्थली के रूप में होती है. उनकी जन्मस्थली स्मारक को डॉ. भीमराव अंबेडकर के पंच तीर्थ में सम्मिलित किया गया है. इससे अलावा सैन्य छावनी के रूप में पहचाने जाने वाले महू में थल सेना का एक बड़ा स्टेशन है

महू वैसे तो सैन्य छावनी के रूप में पहचाना जाता है. सीमित सिविल एरिया को छोड़कर अधिकांश हिस्सा सैन्य क्षेत्र में सम्मिलित है. महू निवासी राम चौरसिया के अनुसार महू सेना के प्रशिक्षण केंद्र सहित अन्य स्थानों के चलते देश भर में विख्यात है. थल सेना में शामिल देश भर के सैनिक अपनी नौकरी के दौरान एक बार यहां जरूर आते हैं. वही प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण होने की वजह यह पर्यटकों के आक्रषण का केंद्र भी है.

महू से करीब 40 किलोमीटर के दायरे में कई मनमोहक पर्यटन स्थल मौजूद

महू से करीब 40 किलोमीटर के दायरे में कई पर्यटन स्थल मौजूद हैं जो देश भर में अपनी प्राकृतिक सुंदरता और अलौकिक खूबसूरती के लिए पहचाने जाते हैं. जिनमें मुख्य तौर पर पातालपानी, जाम गेट, तींछा फाल, कजलीगढ़, चोरल डैम सहित अन्य पर्यटन स्थल मौजूद हैं.

महू के समीप स्थित है जानापाव भगवान परशुराम की जन्मस्थली

महू के ख्यात पंडित कपिल शर्मा (काशी महाराज) के अनुसार “सैन्य छावनी और डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की जन्मस्थली के साथ-साथ महू की एक अलग पहचान भी है. महू के समीप स्थित जानापाव भगवान परशुराम की जन्मस्थली है. भगवान परशुराम की जन्मस्थली होने के कारण जानापाव धार्मिक दृष्टिकोण से भी बेहद महत्वपूर्ण है. परशुराम जयंती पर हर साल वर्ष बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं. यहां से निकलने वाली सात नदियां भी क्षेत्र की जीवन रेखा मानी जाती है.”

पातालपानी– पातालपानी एक झरना है, इसलिए इसकी यात्रा के दौरान आप आसपास की प्राकृतिक सुंदरता का आनंद ले सकते हैं और शांतिपूर्ण वातावरण में प्रकृति के करीब कुछ समय बिता सकते हैं.

जाम गेट– मध्य प्रदेश के महू-मंडलेश्वर रोड (अब खरगोन-इंदौर राज्य राजमार्ग क्रमांक 1) पर स्थित एक मनमोहकर पर्यटक स्थल है. यह इंदौर से लगभग 50 किमी दूर है. जाम दरवाजा मालवा-निमाड़ का प्रवेश द्वार है.

तिंछा फॉल– तिंछा झरना इंदौर जिले के तिल्लोर में स्थित है . आमतौर पर जुलाई के बाद पानी का प्रवाह सबसे अधिक होता है. टिंचा के आसपास का क्षेत्र एक लोकप्रिय पिकनिक और ट्रेकिंग स्थल है.

चोरल डैम- चोरल डैम भी महू में स्थित है. यह डैम एक छिपा हुआ खजाना है जो शांत वातावरण के साथ इसे आराम या पिकनिक के लिए उपयुक्त स्थान बनाता है. नर्मदा नदी के बैकवाटर के आसपास बना चोरल डैम ठंडे और साफ पानी से भरा हुआ है.

नारायण शर्मा
एन टी वी टाइम न्यूज में मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ के लिए काम करता हूं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Exit mobile version