Saturday, August 8, 2026

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महू में बनेगी भारत की फ्यूचरिस्टिक वॉरफेयर स्ट्रैटेजी, पहली बार जल, थल और वायुसेना एक मंच पर

( संवाददाता आशीष जवखेड़कर )

ऑपरेशन सिंदूर के बाद महू में तीनों सेनाओं का संयुक्त रण संवाद. रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और सीडीएस संग तीनों सेना प्रमुख भारत की फ्यूचर वॉरफेयर रणनीति करेंगे तैयार.

एनटीवी टाइम न्यूज महू/मध्य प्रदेश के लिए मंगलवार का दिन ऐतिहासिक होने जा रहा है. भारत के इतिहास में ऐसा नजारा पहली बार देखने को मिलेगा, जब थल सेना, जल सेना और वायुसेना एक ही मंच पर रणनीति और युद्ध पद्धति को लेकर चर्चा करेंगी. महू सैन्य छावनी में तीनों सेनाओं का संयुक्त रण संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया है. कार्यक्रम में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और सीडीएस के साथ तीनों सेनाओं के प्रमुख शामिल होंगे. इसे देश की सुरक्षा और भविष्य की युद्ध रणनीति को लेकर एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है.

रक्षामंत्री के साथ सीडीएस और तीनों सेना प्रमुख रहेंगे मौजूद

महू के आर्मी वार कॉलेज में सेना द्वारा 2 दिवसीय ‘रण संवाद 2025’ का आयोजन 26 और 27 अगस्त को किया गया है. इस आयोजन में मुख्य अतिथि के तौर पर केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह शामिल होंगे. राजनाथ सिंह मंगलवार देर शाम महू पहुंचेंगे. सीडीएस अनिल चौहान सोमवार की शाम को ही महू पहुंच गए थे. इसके अलावा थल सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी, नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी और वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल अमरप्रीत सिंह भी इस कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे.

2 दिनों के लिए महू नो फ्लाई जोन घोषित

रण संवाद के चलते महू में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं. आंतरिक तौर पर सेना द्वारा सुरक्षा व्यवस्था संभाली जाएगी. वहीं बाहरी तौर पर स्थानीय पुलिस बल तैनात किया गया है. 26 से 28 अगस्त तक महू और इसके आसपास का इलाका नो-फ्लाई जोन घोषित कर दिया गया है. इस दौरान यहां कोई भी ड्रोन या हवाई गतिविधि की अनुमति नहीं होगी. यानि पूरा इलाका सेना के नियंत्रण में होगा और एक तरह से हाई अलर्ट पर रहेगा.

सैन्य शक्ति और संभावनाओं पर होगी चर्चा

रण संवाद 2025 में तीनों सेनाओं द्वारा विभिन्न ऑपरेशन के दौरान लिए गए अनुभव के साथ संयुक्त योजना और नवाचारी गतिविधियों को लेकर चर्चा की जाएगी. इस आयोजन में केवल भारतीय सेनाओं के अधिकारी ही नहीं, बल्कि रक्षा उद्योग के विशेषज्ञ, शिक्षाविद और अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधि भी शामिल होंगे. यहां सैन्य शक्ति और संभावनाओं पर भी चर्चा होगी. वहीं अन्य मुद्दों को लेकर भी इस संवाद के दौरान चर्चा की जाएगी. दरअसल देश में यह पहला मौका है जब रण को लेकर तीनों सेनाओं का सामूहिक संवाद आयोजन किया जा रहा है.

ऑपरेशन सिंदूर के बाद महू में क्यों बन रही फ्यूचरिस्टिक वॉरफेयर रणनीति

मई के महीने में सफल ऑपरेशन सिंदूर के बाद देश फ्यूचर वॉरफेयर के लिए खुद को तैयार कर रहा है. यह पहला मौका है जब तीनों सेना एक साथ ऑपरेशन सिंदूर को लेकर एक मंच पर चर्चा करेगी और भविष्य के ऑपरेशन्स में स्ट्रैटेजिक बदलावों पर विमर्श होगा. तीनों सेनाओं के प्रमुख के साथ सीडीएस अनिल चौहान और रक्षामंत्री राजनाथ सिंह पहली बार एक साथ महू में अहम मीटिंग कर रहे हैं. यह मीटिंग देश के सुरक्षा प्रतिष्ठान मिलिट्री हेडक्वार्टर ऑफ वॉरफेयर में होने का कारण देश को भविष्य के खतरों से निपटने लिए तैयार करना है. महू भारतीय सेना के आधुनिकीकरण और नई नई रणनीति को तैयार करने के लिए काफी अहम प्रतिष्ठान है. अगले दो दिनों के लिए महू को नो फ्लाई जोन बनाया गया है.

नारायण शर्मा
नारायण शर्मा
एन टी वी टाइम न्यूज में मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ के लिए काम करता हूं।
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