Thursday, April 16, 2026

TOP NEWS

नगर परिषद् सभा कक्ष...

सोमवार को नगर परिषद् शहपुरा के सभा कक्ष में आयोजित नव नियुक्त मनोनीत...

एनएच-45 सड़क दुर्घटना :...

डिंडोरी जिले के बजाग तहसील अंतर्गत गाड़ासरई थाना क्षेत्र के किकरा तालाब गांव...

जिले में गेहूं उपार्जन...

डिंडोरी, 10 अप्रैल 2026 — जिले में आगामी 15 अप्रैल 2026 से प्रारंभ...

सोशल मीडिया पर प्राप्त...

डिंडोरी जिले के विकासखंड मेहंदवानी अंतर्गत ग्राम पंचायत बुल्दा के ग्राम अमरपुर में...
HomeUncategorizedशौचालय में बन रहा आंगनवाड़ी के बच्चों का भोजन, जिम्मेदारों की घोर...

शौचालय में बन रहा आंगनवाड़ी के बच्चों का भोजन, जिम्मेदारों की घोर लापरवाही उजागर

डिंडोरी जिले के शहपुरा जनपद क्षेत्र से एक बेहद गंभीर और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां आंगनवाड़ी में पढ़ने आने वाले मासूम बच्चों का भोजन शौचालय भवन के अंदर तैयार किया जा रहा है। यह मामला ग्राम पंचायत देवगांव के पोषक ग्राम डोमदादर का है, जिसने महिला एवं बाल विकास विभाग की कार्यप्रणाली और निगरानी व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

Vo – जानकारी के मुताबिक आंगनवाड़ी केंद्र में बच्चों के लिए भोजन बनाने हेतु कोई किचन शेड उपलब्ध नहीं है। हैरानी की बात यह है कि इस गंभीर समस्या के समाधान के बजाय वर्षों से शौचालय भवन को ही रसोई के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। स्वच्छता और पोषण जैसी मूलभूत जरूरतों की अनदेखी करते हुए बच्चों के स्वास्थ्य के साथ खुला खिलवाड़ किया जा रहा है।
ग्रामीणों का आरोप है कि इस संबंध में कई बार संबंधित अधिकारियों और विभाग को शिकायत की गई, लेकिन अब तक न तो स्थायी व्यवस्था की गई और न ही किसी जिम्मेदार पर कार्रवाई हुई। इससे यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या अधिकारियों ने कभी मौके पर पहुंचकर निरीक्षण करने की जरूरत ही नहीं समझी, या फिर पूरे मामले को जानबूझकर नजरअंदाज किया जाता रहा। जब इस मामले में महिला एवं बाल विकास विभाग के परियोजना अधिकारी विपिन डेहरिया,शहपुरा से बात की गई तो उन्होंने जांच कराने की बात कही है। हालांकि अब यह देखना अहम होगा कि जांच सिर्फ कागजों तक सीमित रहती है या फिर बच्चों के स्वास्थ्य और भविष्य के साथ हो रहे इस खिलवाड़ को रोकने के लिए जमीनी स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई भी होती है।

फिलहाल यह मामला प्रशासनिक लापरवाही और विभागीय उदासीनता की बड़ी तस्वीर पेश कर रहा है। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि जिम्मेदार अधिकारी कब तक इस गंभीर मुद्दे को संज्ञान में लेकर व्यवस्था सुधारने की दिशा में कदम उठाते हैं।

डिंडोरी से लीलाराम साहू कि रिपोर्ट

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments