Tuesday, October 13, 2026

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Homeविदेशअमेरिका से भी आगे निकला चीन, बनाया छठी पीढ़ी का लड़ाकू विमान!...

अमेरिका से भी आगे निकला चीन, बनाया छठी पीढ़ी का लड़ाकू विमान! भारत के सामने बन सकता बड़ी चुनौती

दीपक तिवारी
नई दिल्ली, जेएनएन। चीन लगातार अपनी सैन्य शक्ति मजबूत करने में जुटा है। इस बीच इंटरनेट मीडिया पर चीन के नए स्टेल्थ लड़ाकू विमान का वीडियो प्रसारित हो रहा है। इसे छठी पीढ़ी का फाइटर जेट बताया जा रहा है। इसको इस तरह डिजाइन किया गया है कि पारंपरिक रडार का उपयोग कर इसका पता लगाना लगभग असंभव होगा।

ये विमान भारत के लिए बड़ी चुनौती बन सकते हैं। इसलिए भारत को भी इससे निपटने के लिए जल्द से जल्द तैयारी शुरू करनी ही होगी। भारत के पास अभी कोई स्टेल्थ फाइटर जेट नहीं है।

पांचवीं पीढ़ी के विमान बनाने में जुटा भारत

मौजूदा वक्त में राफेल सबसे आधुनिक लड़ाकू विमान हैं। इसको 4.5 पीढ़ी का लड़ाकू विमान बताया जाता है। भारत पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान विकसित करने पर काम कर रहा है। सुरक्षा पर कैबिनेट समिति ने पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान एडवांस्ड मीडियम काम्बैट एयरक्राफ्ट को डिजाइन और विकसित करने के लिए 15 हजार करोड़ रुपये की परियोजना को मंजूरी दी थी।

किसी के पास नहीं छठी पीढ़ी का फाइटर जेट

चीन ने ऐसे समय में यह लड़ाकू विमान विकसित किया है जब दुनिया के किसी किसी देश के पास छठी पीढ़ी का लड़ाकू विमान नहीं है। अभी इस नए विमान के बारे में बहुत सारी जानकारी गोपनीय रखी गई है। रिपोर्ट के अनुसार चीन के छठी पीढ़ी के लड़ाकू विमान का नाम व्हाइट इंपरर (बैदी) बताया जा रहा है। इसमें कई अत्याधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया गया है।

एआई से लैस है विमान

यह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से लैस है। इससे बड़े पैमाने पर डाटा विश्लेषण में मदद मिलेगी। यह विमान आवाज की गति से तेज रफ्तार या हाइपरसोनिक मिसाइल दागने में सक्षम है। इसमें अगली पीढ़ी के एवियोनिक्स सिस्टम लगा है। वैसे चीन के पास कई स्टेल्थ लड़ाकू विमान हैं। इस बीच इस तरह की भी खबर है कि मई में उपग्रह चित्रों से पता चला था कि चीन ने सिक्किम में भारत के साथ सीमा से 150 किमी से भी कम दूरी पर पांचवीं पीढ़ी के अपने जे-20 स्टेल्थ लड़ाकू जेट को तैनात कर दिया है।

चीन ने तैनात कर रखे 250 स्टेल्थ विमान

भारत फ्रांस में बने 36 राफेल लड़ाकू विमानों के अपने बेड़े के साथ जे-20 का मुकाबला कर रहा है। गौरतलब है कि शिगात्से, जहां चीनी का जे-20 को देखा गया है, बंगाल के हासीमारा से 290 किलोमीटर से भी कम दूरी पर स्थित है। चेंगदू जे-20, जिसे माइटी ड्रैगन के नाम से भी जाना जाता है, दो इंजन वाला स्टेल्थ लड़ाकू विमान है। पता चला है कि चीन ने पहले से ही 250 से अधिक स्टेल्थ लड़ाकू विमानों को तैनात कर दिया है।

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