Explore the website

Looking for something?

Wednesday, April 15, 2026

Enjoy the benefits of exclusive reading

TOP NEWS

नगर परिषद् सभा कक्ष...

सोमवार को नगर परिषद् शहपुरा के सभा कक्ष में आयोजित नव नियुक्त मनोनीत...

एनएच-45 सड़क दुर्घटना :...

डिंडोरी जिले के बजाग तहसील अंतर्गत गाड़ासरई थाना क्षेत्र के किकरा तालाब गांव...

जिले में गेहूं उपार्जन...

डिंडोरी, 10 अप्रैल 2026 — जिले में आगामी 15 अप्रैल 2026 से प्रारंभ...

सोशल मीडिया पर प्राप्त...

डिंडोरी जिले के विकासखंड मेहंदवानी अंतर्गत ग्राम पंचायत बुल्दा के ग्राम अमरपुर में...
Homeमध्य प्रदेशजबलपुर : धर्मांतरण के संदेह पर विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल...

जबलपुर : धर्मांतरण के संदेह पर विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल का हंगामा, बस चालक से की मारपीट

  • बस में सवार लोगों ने बताया कि वो ईस्टर त्योहार से पहले जबलपुर के चर्चों का भ्रमण करने आए हैं. विश्व हिंदू परिषद ने बताया कि उनकी आईडी में आदिवासी बताया गया है, जबकि वो खुद को ईसाई बता रहे थे.

जबलपुर में रविवार को विश्व हिंदू परिषद (VHP) और बजरंग दल (Bajrang Dal) के कार्यकर्ताओं ने एक यात्री बस को रोककर हंगामा कर दिया. संगठन के कार्यकर्ताओं का आरोप था कि बस में सवार आदिवासी समुदाय के लोग धर्म परिवर्तन के लिए लाए गए हैं. घटना के बाद कार्यकर्ता बस को रांझी थाने लेकर पहुंचे, जहां पुलिस ने यात्रियों से पूछताछ शुरू की.

बस चालक हुआ फरार, कार्यकर्ताओं ने की मारपीट

जानकारी के अनुसार, जैसे ही हिंदूवादी संगठन के कार्यकर्ता भंवरताल पार्क पहुंचे, बस का चालक मौके से भाग निकला. कार्यकर्ताओं ने उसका पीछा कर उसे रांझी में पकड़ लिया और उसके साथ मारपीट भी की.

यात्री बोले- तीर्थ यात्रा पर आए

बस में सवार एक युवती ने बताया कि वे सभी तीर्थ यात्रा के लिए निकले थे और जबलपुर के चर्चों का भ्रमण करने जा रहे थे. उसने कहा, “हम अपनी मर्जी से यहां आए हैं, किसी ने हमें मजबूर नहीं किया. बस का किराया भी हमने खुद ही दिया है. हर यात्री ने 500-500 रुपये देकर यह यात्रा तय की थी.”

विश्व हिंदू परिषद का आरोप, पुलिस कर रही जांच

विश्व हिंदू परिषद के सदस्य संजय तिवारी ने कहा कि यात्रियों की आईडी में उन्हें आदिवासी बताया गया है, जबकि वे खुद को ईसाई बता रहे हैं. उन्होंने शक जताते हुए कहा कि कहीं यह जबरदस्ती धर्मांतरण का मामला तो नहीं है. तिवारी के मुताबिक, उन्हें सुबह 8:30 बजे सूचना मिली थी, जिसके बाद कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे.

पुलिस का बयान- जबरदस्ती धर्मांतरण की पुष्टि नहीं

थाना प्रभारी मानस द्विवेदी ने बताया कि बस में करीब 50 यात्री थे, जो महाराजपुर, मंडला के निवासी हैं और वहां के चर्च से जुड़े हुए हैं. वे ईस्टर त्योहार से पहले जबलपुर के चर्चों का भ्रमण करने आए थे. उनकी यात्रा का उद्देश्य धार्मिक स्थलों के दर्शन करना था और वे सदर होते हुए वापस लौटने वाले थे.

पुलिस ने अब तक जबरदस्ती धर्मांतरण की कोई पुष्टि नहीं की है. हालांकि, मामले की जांच जारी है और मंडला पुलिस से भी संपर्क किया जा रहा है. थाना प्रभारी द्विवेदी ने कहा, “जो भी वैधानिक कार्रवाई आवश्यक होगी, वह की जाएगी. अभी तक किसी भी यात्री ने जबरदस्ती धर्म परिवर्तन की शिकायत नहीं की है.”

नारायण शर्मा
एन टी वी टाइम न्यूज में मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ के लिए काम करता हूं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Exit mobile version