Monday, October 12, 2026

TOP NEWS

पावागढ़ से अखंड ज्योत...

पावागढ़ से अखंड ज्योत लेकर मांडू पहुंचे श्रद्धालुः300 KM का सफर किया पैदल,...

दिल्ली प्रदर्शनों पर UN...

दिल्ली प्रदर्शनों और गिरफ्तारियों पर संयुक्त राष्ट्र (UN) के बयान को भारत सरकार ने पूरी तरह खारिज कर दिया है। विदेश मंत्रालय ने इसे देश के आंतरिक मामलों में अनुचित दखल बताते हुए UN पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया है। पूरी खबर पढ़ें।

नवरात्री महोत्सव के दौरान...

नवरात्री महोत्सव के दौरान हिन्दू चेतना मंच के द्वारा दिया जा रहा सामाजिक...

विद्युत कर्मचारी मांगे पूरी...

कलेक्टर कार्यालय पर सोपा ज्ञापनजितेन्द्र चौहान कि रिपोर्टअमझेरा।म.प्र बिजली कर्मचारी महासंघ, पॉवर इंजिनियर्स...
Homeमध्य प्रदेशझाबुआ में रिश्वतखोरी पर लोकायुक्त का शिकंजा, अधिकारी और सेल्समैन रंगे हाथों...

झाबुआ में रिश्वतखोरी पर लोकायुक्त का शिकंजा, अधिकारी और सेल्समैन रंगे हाथों पकड़े गए

एनटीवी टाइम न्यूज झाबुआ/लोकायुक्त की तेज कार्रवाई ने जिले के राशन विभाग में हलचल मचा दी है। महानिदेशक लोकायुक्त योगेश देशमुख के निर्देश पर इंदौर लोकायुक्त इकाई की टीम ने 25 सितंबर 2025 को जिला आपूर्ति अधिकारी कार्यालय में छापा मारकर प्रभारी जिला आपूर्ति अधिकारी आशीष आजाद और सहायक सेल्समैन जितेंद्र नायक को 50,000 रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया। दोनों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के तहत मामला दर्ज किया गया है और वे फिलहाल हिरासत में हैं।

मामले का सिलसिला: शिकायत से ट्रैप तक

यह पूरा घटनाक्रम ग्राम नेगड़िया (पोस्ट: अंतरवेलिया, तहसील झाबुआ) निवासी मनोज ताहेड़ से जुड़ा है, जो सरकारी उचित मूल्य की दुकान में सेल्समैन के रूप में काम करते थे। जानकारी के अनुसार 19 सितंबर 2025 को बिना पूर्व सूचना के प्रभारी जिला आपूर्ति अधिकारी आशीष आजाद ने मनोज की दुकान निलंबित कर दी और उसे किसी अन्य स्वयं सहायता समूह की दुकान से जोड़ा। इससे मनोज के परिवार पर आर्थिक दबाव बढ़ गया।

परेशानी के बाद मनोज कलेक्टर कार्यालय स्थित खाद्य विभाग पहुँचे, जहाँ सहायक सेल्समैन जितेंद्र नायक ने दुकान का निलंबन हटवाने और एफआईआर न कराने के एवज में कुल 1 लाख रुपये की रिश्वत की माँग की — 50 हजार रुपये पहली किस्त के रूप में तुरंत देने का दबाव बनाया गया। परेशान मनोज ने 21 सितंबर 2025 को इंदौर लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक राजेश सहाय को शिकायत दी। सत्यापन में शिकायत सही पाई जाने पर लोकायुक्त की टीम ने 25 सितंबर को फिल्ड पर ट्रैप कार्रवाई की।

ऑपरेशन के दौरान मनोज को फर्जी नोटों से भरी 50,000 रुपये की राशि आरोपियों से मिलने भेजा गया। जैसे ही आशीष आजाद और जितेंद्र नायक ने यह राशि स्वीकार की, लोकायुक्त की टीम ने कार्यालय में घुसकर दोनों को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई के वक्त आशीष ने पैसे को अपनी मेज़ के दराज में छिपाने की कोशिश की, जबकि जितेंद्र ने रकम अपनी जेब में डालने का प्रयास किया—दोनों सफल नहीं हो सके।

वर्तमान स्थिति

दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण कानून के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया गया है और उन्हें हिरासत में रखा गया है। लोकायुक्त की ओर से आगे की जांच जारी है तथा मामले की निष्पक्षता और पारदर्शिता पर बल दिया जा रहा है।

नारायण शर्मा
नारायण शर्मा
एन टी वी टाइम न्यूज में मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ के लिए काम करता हूं।
RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments