Explore the website

Looking for something?

Sunday, February 15, 2026

Enjoy the benefits of exclusive reading

TOP NEWS

मेहंदवानी में ‘संपूर्णता अभियान...

कलेक्टर, जिला डिंडोरी के निर्देशानुसार मेहंदवानी (आकांक्षी विकासखंड) में ‘संपूर्णता अभियान 2.0’ के...

कटनी में मंगेतर पर...

( कटनी सवाददाता मोहम्मद एज़ाज़ ) युवती ने पुलिस को बताया कि उसने युवक...

रतलाम में ग्रामीण और...

रतलाम के लुनेरा स्थित प्राचीन पंचमुखी हनुमान मंदिर की पहाड़ी पर खनन का...

महाराष्ट्र में डिप्टी सीएम...

एनटीवी टाइम न्यूज/ महाराष्ट्र के बारामती में आज एक विमान दुर्घटना हुई, जिसमें...
Homeमध्य प्रदेशबड़गांव में संरक्षण को तरस रहीं ऐतिहासिक विरासतें

बड़गांव में संरक्षण को तरस रहीं ऐतिहासिक विरासतें

बड़गांव में संरक्षण को तरस रहीं ऐतिहासिक विरासतें

रिपोर्टर सतेंद्र जैन

कटनी जिले की रीठी तहसील अंर्तगत आने वाली ग्राम पंचायत बड़गांव में पुरातात्विक मंदिर और पुरातात्विक धरोहर अपनी पहचान खोते जा रहे हैं। पुरातन काल में राजा महाराजा यहां अपना सम्राज्य फैलाए हुए थे। बड़गांव में खंडहर हो चुके राजदरबार और उनके शासनकाल में पत्थरों पर उकेरी गई अद्भुत कलाकृतियां भी अपनी पहचान खो रहीं हैंकटनी जिले की बड़गांव उपतहसील अंर्तगत आने वाली ग्राम पंचायत बड़गांव में पुरातात्विक मंदिर और पुरातात्विक धरोहर अपनी पहचान खोते जा रहे हैं। पुरातन काल में राजा महाराजा यहां अपना सम्राज्य फैलाए हुए थे। बड़गांव में खंडहर हो चुके राजदरबार और उनके शासनकाल में पत्थरों पर उकेरी गई अद्भुत कलाकृतियां भी अपनी पहचान खो रहीं हैं। पुरातत्व की उपेक्षा के कारण इस ऐतिहासिक धरोहर की जानकारी को लोगों तक पहुंचाने के लिए प्रशासन द्वारा किसी प्रकार की कोई कोशिश नहीं की गई, फलस्वरूप आज इस ऐतिहासिक पुरातत्व मंदिर के बारे में कम लोग ही जानते हैं।
का निर्माण कराया था। इन मंदिरों के अलावा यहां अनेक मठ एवं सती स्मृतियां मौजूद हैं। अद्भुत शिल्पकला और नक्काशी को दर्शाते अनेक स्तंभ और मूर्तियां चारों तरफ देखने को मिलती हैं। इसके बावजूद विकास संबंधी योजना को संचालित करने में विभाग के अधिकारियों को कोई दिलचस्पी नजर नहीं आ रही हैबिखरे पड़े हैं पत्थरों के अवशेष

पुरातात्विक नगरी बड़गांव में पुरातत्व विभाग ने सिर्फ दो जगहों को चि-ति कर उन्हें अपने संरक्षण में लिया है। अबकि गांव के आसपास अनेकों जगह पुरातन काल की मूर्तियां और उनके अवशेष लावारिस हालात में बिखरे हुए हैं। सूत्रों के अनुसार कुछ लोग पुराने धन की लालच में इन पत्थरों के नीचे खुदाई कर रहे हैं, जिन पर विभाग ध्यान तक देने मुनासिब नहीं समझ रहा है। पर्यटक कभी पुरातत्व विभाग के सोमनाथ मठ और विष्णु मंदिर शिवलिंग आदि के दर्शन किए और पत्थरों पर खूबसूरत कलाकृति और नक्काशी को देख दंग रह जाते हैं। नागरिकों ने बताया कि पुरातत्व विभाग द्वारा मंदिर के आस-पास के रहवासियों से पहले ही उनके मकान खाली करवाकर उन्हें मुआवजा दिया गया था। गिराए गए मकानों व विभाग की खाली पड़ी जमीन में लोग पुनः कब्जा कर रहे हैं। अवैध कब्जा को लेकर कई बार अधिकारियों से शिकायतें भी की गईं लेकिन अधिकारियों ने इस ओर ध्यान देना जरूरी नहीं समझा लिहाजा दिन-प्रतिदिन अवैध कब्जा बढ़ता जा रहा है।

शासन प्रशासन से ग्रामीणों ने विभाग के अधिकारीयों से सोमनाथ मठ और विष्णु मंदिर सहित अन्य पुरातात्विक धरोहरों को सहेज कर उन्हें संरक्षित करने और प्रचार-प्रसार के माध्यम से लोगों को इन कला कृतियों के बारे में जानकारी दिए जाने की मांग की है। इससे क्षेत्र का समुचित विकास हो सके।

मनोज दिलीप मिथलेश पटेल राहुल रितेश दुर्गेश सुनील मुकेश

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Exit mobile version