- पीने का पानी नहीं मिलने से परेशान किसान ने किया अनोखा विरोध प्रदर्शन, 100 आवेदनों की पूछ लगाकर पहुंचा कमिश्नर कार्यालय.
भोपाल : राजधानी भोपाल से कुछ किसानों के विरोध की अनोखी तस्वीर सामने आई है. यहां के बिशनखेड़ी गांव में जल संकट और दूसरी शिकायतों को लेकर किसानों ने कुछ ऐसा किया कि लोग देखते रह गए. दरअसल, बिशनखेड़ी गांव के कुछ किसान भोपाल कमिश्नर ऑफिस शिकायतों की पूछ लेकर पहुंचे. इसमें से एक किसान शिकायतों की पूंछ लगाकर घुटनों के बल रेंगते हुए कमिश्नर कार्यालय तक पहुंचा. किसान ने आरोप लगाया कि उसने ग्राम पंचायतों में नल कूप खनन कराए जाने को लेकर कई बार आवेदन दिया लेकिन विभाग ने कोई कार्रवाई नहीं की.

किसान ने कहा कि नल कूप खनन न किए जाने से गांव में पानी का संकट पैदा हो गया है. किसान ने आरोप लगाया कि पूर्व में जो नलकूप खनन क्षेत्र में हुआ उसपर सरपंच पति का कब्जा है और गांव वालों को उसका उपयोग नहीं करने दिया जा रहा है.
100 से ज्यादा आवेदनों की पूंछ
बिशनखेड़ी के रहने वाले किसान बजरंगी नागर तकरीबन 100 से ज्यादा आवेदनों की पूंछ बनाकर रेंगते हुए भोपाल कमिश्नर ऑफिस पहुंचे. उनके साथ बिशनखेड़ी गांव के ग्रामीण भी साथ थे. किसान ने भोपाल कमिश्नर संजीव सिंह के नाम ज्ञापन सौंपते हुए कहा, ” लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने बिशनखेड़ी गांव के धाकड़ मोहल्ला मुरलीधर बाड़े के पास नलकूप खनन कराने के आदेश दिए हैं. इसके बाद भी सरपंच पति दवाब डालकर नलकूप खनन नहीं कराने दे रहा. एक बार तो सीहोर तहसीलदार ने ही फोन लगाकर नलकूप का खनन रोक दिया था. नलकूप खनन न होने से लोगों को पीने के पानी के लिए परेशान होना पड़ रहा है.”

20 हैंडपंप, लेकिन सिर्फ 2 ही चालू
किसान ने कमिश्नर कार्यालय में शिकायत करते हुए आगे कहा, ” बिशनखेड़ी गांव की आबादी तकरीबन 2 हजार है. गांव में 20 हैंडपंप हैं, लेकिन इनमें से जलापूर्ति सिर्फ दो हैंडपंप से ही हो रही है. बाकी हैंडपंप सूख चुके हैं. इसकी वजह से लोगों को 2 किलोमीटर दूर से पानी लाना पड़ रहा है. पानी की समस्या को लेकर सीएम हेल्पलाइन से लेकर मुख्यमंत्री के नाम तक शिकायत भेजी जा चुकी है, लेकिन अब तक शिकायत का समाधान नहीं हो सका. उधर भोपाल कमिश्नर ने शिकायत पर कार्रवाई करने के भरोसा दिलाया है.”