Home मध्य प्रदेश दीपके बोले- हमारे आंदोलन की तुलना नेपाल-बांग्लादेश से न करें: CJP कार्यकर्ताओं...

दीपके बोले- हमारे आंदोलन की तुलना नेपाल-बांग्लादेश से न करें: CJP कार्यकर्ताओं का जेल जाना गांधीवादी सत्याग्रह, बाहर आकर फिर प्रदर्शन करेंगे

0

दीपके बोले- हमारे आंदोलन की तुलना नेपाल–बांग्लादेश से न करें: CJP कार्यकर्ताओं का जेल जाना गांधीवादी सत्याग्रह, बाहर आकर फिर प्रदर्शन करेंगे

नई दिल्ली:
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के राष्ट्रीय संयोजक अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो बयान जारी कर विरोधियों पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने देश में चल रहे युवा आंदोलनों की तुलना नेपाल और बांग्लादेश जैसे देशों में हुए हिंसक प्रदर्शनों से किए जाने पर कड़ी आपत्ति जताई है। दीपके ने स्पष्ट किया कि उनके संगठन का आंदोलन पूरी तरह से शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक है।

अभिजीत दीपके ने दिल्ली में हिरासत में लिए गए अपनी पार्टी के साथियों सौरव दास और आशुतोष रांका का जिक्र करते हुए कहा कि उनके कार्यकर्ता किसी भी प्रकार की हिंसा या देश विरोधी गतिविधि में शामिल नहीं हैं। उन्होंने कहा कि जो लोग भारतीय युवाओं के प्रदर्शनों को फ्रांस या बांग्लादेश जैसी हिंसक स्थिति से जोड़कर देख रहे हैं, उन्हें जमीनी हकीकत समझने की जरूरत है। भारत में युवा अपनी जायज मांगों के लिए खुशी-खुशी और शांति से जेल जा रहे हैं।

दीपके ने जोर देकर कहा कि CJP कार्यकर्ताओं का जेल जाना एक तरह का गांधीवादी सत्याग्रह है। जब कार्यकर्ताओं को पता था कि उन्हें हिरासत में लिया जा रहा है, तब भी उन्होंने कानून को हाथ में नहीं लिया बल्कि शांति और करुणा का मार्ग चुना। उन्होंने साफ किया कि इस आंदोलन का मकसद किसी भी तरह का हिंसक तख्तापलट या तोड़फोड़ करना नहीं है, बल्कि देश की व्यवस्था के भीतर पारदर्शिता की मांग करना है।

आगे की रणनीति स्पष्ट करते हुए दीपके ने कहा कि जेल में बंद कार्यकर्ताओं के बाहर आने के बाद संगठन कानूनी और संवैधानिक सीमाओं के भीतर रहकर अपना शांतिपूर्ण प्रदर्शन फिर से शुरू करेगा। इसके साथ ही उन्होंने आंदोलन से जुड़े युवाओं से अपील की कि वे आगामी त्योहारों के समय अपने परिवारों के साथ वक्त बिताएं, लेकिन इस संघर्ष में जेल गए अपने साथियों को भी याद रखें।

गौरतलब है कि हाल ही में प्रशासनिक और चुनावी पारदर्शिता से जुड़े मुद्दों को लेकर CJP ने दिल्ली में प्रदर्शन की योजना बनाई थी, जिसके बाद कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने अभिजीत दीपके और उनके साथियों को एहतियातन हिरासत में ले लिया था। दीपके की रिहाई के बाद अब उनके साथियों की न्यायिक हिरासत को लेकर संगठन लगातार आवाज उठा रहा है।

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Exit mobile version