Tuesday, October 20, 2026

TOP NEWS

PM Modi Vijayadashami Speech ...

सत्य की जीत विजयादशमी पर प्रधानमंत्री का राष्ट्र के नाम विशेष संदेशनई दिल्ली:प्रधानमंत्री...

हनुमान चौक पर दशहरा...

उत्तराखंड के मंगलौर में दशहरे पर हिंदू-मुस्लिम एकता की अनोखी मिसाल दिखी। हनुमान चौक पर पूर्व विधायक स्वर्गीय हाजी सरवत करीम अंसारी के बेटों ने फूल-मालाओं और शॉल से दशहरा जुलूस का भव्य स्वागत किया।

मांडू में 51 फीट...

ऐतिहासिक पर्यटन नगरी मांडू में दशहरा पर्व धूमधाम से मनाया गया। श्रीराम जी के भव्य जुलूस और आकर्षक आतिशबाजी के बीच 51 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन कर बुराई पर अच्छाई की जीत का उत्सव मनाया गया।

रुड़की में 107वां दशहरा...

रुड़की में 107वां दशहरा महोत्सव धूमधाम से संपन्न हुआ। कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा ने इस अवसर पर शहरवासियों को भव्य राम द्वार के निर्माण और नेहरू स्टेडियम के कायाकल्प की दो बड़ी सौगातें दीं।
Homeमध्य प्रदेशदीपके बोले- हमारे आंदोलन की तुलना नेपाल-बांग्लादेश से न करें: CJP कार्यकर्ताओं...

दीपके बोले- हमारे आंदोलन की तुलना नेपाल-बांग्लादेश से न करें: CJP कार्यकर्ताओं का जेल जाना गांधीवादी सत्याग्रह, बाहर आकर फिर प्रदर्शन करेंगे

दीपके बोले- हमारे आंदोलन की तुलना नेपाल–बांग्लादेश से न करें: CJP कार्यकर्ताओं का जेल जाना गांधीवादी सत्याग्रह, बाहर आकर फिर प्रदर्शन करेंगे

नई दिल्ली:
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के राष्ट्रीय संयोजक अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो बयान जारी कर विरोधियों पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने देश में चल रहे युवा आंदोलनों की तुलना नेपाल और बांग्लादेश जैसे देशों में हुए हिंसक प्रदर्शनों से किए जाने पर कड़ी आपत्ति जताई है। दीपके ने स्पष्ट किया कि उनके संगठन का आंदोलन पूरी तरह से शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक है।

अभिजीत दीपके ने दिल्ली में हिरासत में लिए गए अपनी पार्टी के साथियों सौरव दास और आशुतोष रांका का जिक्र करते हुए कहा कि उनके कार्यकर्ता किसी भी प्रकार की हिंसा या देश विरोधी गतिविधि में शामिल नहीं हैं। उन्होंने कहा कि जो लोग भारतीय युवाओं के प्रदर्शनों को फ्रांस या बांग्लादेश जैसी हिंसक स्थिति से जोड़कर देख रहे हैं, उन्हें जमीनी हकीकत समझने की जरूरत है। भारत में युवा अपनी जायज मांगों के लिए खुशी-खुशी और शांति से जेल जा रहे हैं।

दीपके ने जोर देकर कहा कि CJP कार्यकर्ताओं का जेल जाना एक तरह का गांधीवादी सत्याग्रह है। जब कार्यकर्ताओं को पता था कि उन्हें हिरासत में लिया जा रहा है, तब भी उन्होंने कानून को हाथ में नहीं लिया बल्कि शांति और करुणा का मार्ग चुना। उन्होंने साफ किया कि इस आंदोलन का मकसद किसी भी तरह का हिंसक तख्तापलट या तोड़फोड़ करना नहीं है, बल्कि देश की व्यवस्था के भीतर पारदर्शिता की मांग करना है।

आगे की रणनीति स्पष्ट करते हुए दीपके ने कहा कि जेल में बंद कार्यकर्ताओं के बाहर आने के बाद संगठन कानूनी और संवैधानिक सीमाओं के भीतर रहकर अपना शांतिपूर्ण प्रदर्शन फिर से शुरू करेगा। इसके साथ ही उन्होंने आंदोलन से जुड़े युवाओं से अपील की कि वे आगामी त्योहारों के समय अपने परिवारों के साथ वक्त बिताएं, लेकिन इस संघर्ष में जेल गए अपने साथियों को भी याद रखें।

गौरतलब है कि हाल ही में प्रशासनिक और चुनावी पारदर्शिता से जुड़े मुद्दों को लेकर CJP ने दिल्ली में प्रदर्शन की योजना बनाई थी, जिसके बाद कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने अभिजीत दीपके और उनके साथियों को एहतियातन हिरासत में ले लिया था। दीपके की रिहाई के बाद अब उनके साथियों की न्यायिक हिरासत को लेकर संगठन लगातार आवाज उठा रहा है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments