बालाघाट को ₹400 करोड़ की सौगात: बच्चों की मौत वाले क्षेत्रों में बनेंगे 20 नए हेल्थ सेंटर, बुनियादी ढांचे पर जोर
बालाघाट:
मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले के विकास और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए सरकार ने ₹400 करोड़ के बड़े बजट को मंजूरी दी है। इस महायोजना का सबसे बड़ा फोकस उन संवेदनशील इलाकों पर है, जहाँ हाल ही में बच्चों की असमय मौत के मामले सामने आए थे। स्वास्थ्य सुधारों के साथ-साथ जिले में सड़क और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं को भी रफ्तार दी जाएगी।
प्रभावित इलाकों में स्वास्थ्य नेटवर्क होगा मजबूत
शिशु मृत्यु दर पर अंकुश लगाने और ग्रामीणों तक तुरंत इलाज पहुँचाने के लिए जिले के चिन्हित क्षेत्रों में 20 नए हेल्थ सेंटर (स्वास्थ्य केंद्र) खोले जाएंगे। इन केंद्रों में आधुनिक चिकित्सा उपकरण और स्वास्थ्य कर्मियों की तैनाती की जाएगी, ताकि आपातकालीन स्थिति में बच्चों और गर्भवती महिलाओं को समय पर इलाज मिल सके और उन्हें दूर के अस्पतालों में न भागना पड़े।
सड़क कनेक्टिविटी और शुद्ध पेयजल पर मुख्य फोकस
₹400 करोड़ के इस कुल बजट में से एक बड़ा हिस्सा बुनियादी ढांचे (Infrastructure) को सुधारने में खर्च होगा:
- सड़कों का जाल: सुदूर ग्रामीण और आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों को मुख्य मार्गों से जोड़ने के लिए नई सड़कों का निर्माण और पुरानी सड़कों का सुदृढ़ीकरण किया जाएगा। इससे एम्बुलेंस और अन्य आवश्यक सेवाएं बिना किसी बाधा के गाँवों तक पहुँच सकेंगी।
- घर-घर पानी: शुद्ध पेयजल संकट से जूझ रहे इलाकों के लिए विशेष नल-जल योजनाएं शुरू की जा रही हैं, ताकि दूषित पानी से होने वाली बीमारियों पर रोक लगाई जा सके।
जमीनी स्तर पर निगरानी
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, इन सभी विकास कार्यों को समय सीमा के भीतर पूरा करने के लिए एक विशेष मॉनिटरिंग टीम बनाई जाएगी। मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से स्पष्ट निर्देश हैं कि काम की गुणवत्ता में कोई समझौता नहीं होना चाहिए, खासकर स्वास्थ्य केंद्रों के निर्माण में तेजी लाई जाए ताकि स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ जल्द से जल्द स्थानीय जनता को मिल सके।
