Saturday, October 24, 2026

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11 सितंबर को देशव्यापी बैंक हड़ताल: इंदौर समेत देश भर में ठप रहेगा कामकाज, जानें क्या हैं मांगें और आप पर असर

इंदौर।
अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों ने एक बार फिर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के बैनर तले आगामी 11 सितंबर को एक दिवसीय राष्ट्रव्यापी बैंक हड़ताल का ऐलान किया गया है। इस हड़ताल के कारण इंदौर सहित पूरे मध्य प्रदेश और देश भर के सरकारी व क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों में कामकाज पूरी तरह ठप रहने की आशंका है।

इंदौर के स्थानीय बैंक कर्मचारी संगठनों ने भी इस हड़ताल को पूरी तरह सफल बनाने की तैयारी कर ली है। शहर की मुख्य बैंक शाखाओं के बाहर लगातार विरोध प्रदर्शन और गेट मीटिंग्स का दौर जारी है, जिसमें महिला कर्मचारियों सहित बड़ी संख्या में बैंक कर्मी हिस्सा ले रहे हैं।

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किन मांगों को लेकर हो रहा है आंदोलन?

बैंक यूनियनों ने सरकार और बैंक प्रबंधन के सामने अपनी तीन मुख्य मांगें रखी हैं:

  • 5-डे बैंकिंग लागू करना: बैंक कर्मचारियों की सबसे पुरानी और प्रमुख मांग है कि सभी शनिवारों को सार्वजनिक अवकाश घोषित कर 5 दिनों का कार्य सप्ताह (Working Week) लागू किया जाए। इस पर पहले सहमति बन चुकी है, लेकिन सरकार ने अभी तक इसकी आधिकारिक अधिसूचना (Notification) जारी नहीं की है।
  • PLI स्कीम की विसंगतियां दूर करना: कर्मचारियों का आरोप है कि संशोधित परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) का नया फॉर्मूला पूरी तरह भेदभावपूर्ण है। इसमें उच्च अधिकारियों को भारी इंसेंटिव दिया जा रहा है, जबकि स्केल-3 तक के जूनियर अधिकारियों और क्लर्क/कैशियर स्तर के कर्मचारियों के इंसेंटिव में भारी कटौती की गई है।
  • पेंशन अपडेशन और ओपीएस: पुरानी पेंशन योजना (OPS) का विकल्प देने और पेंशनर्स के लिए एक समान महंगाई भत्ता (DA) फॉर्मूला लागू करने की मांग भी इस आंदोलन में शामिल है।

अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी

यूनियन नेताओं ने साफ कर दिया है कि 11 सितंबर की यह हड़ताल केवल एक शुरुआत है। यदि सरकार ने उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं लिया, तो आने वाले दिनों में आंदोलन और उग्र होगा। इसके तहत 28 से 30 सितंबर तक तीन दिवसीय देशव्यापी हड़ताल की जाएगी, और यदि फिर भी गतिरोध नहीं टूटा, तो 26 अक्टूबर से बैंक कर्मी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे।

आम जनता और कारोबार पर असर

11 सितंबर को शुक्रवार होने के कारण बैंक शाखाएं बंद रहेंगी, जिससे चेक क्लीयरेंस, नया लोन अप्रूवल, आरटीजीएस/एनईएफटी (ऑफ़लाइन) और ड्राफ्ट जैसे काम अटक जाएंगे। इसके अगले दो दिन शनिवार और रविवार होने के कारण बैंक लगातार तीन दिन बंद रहेंगे, जिससे इंदौर के कपड़ा बाजार, सराफा और सियागंज जैसे बड़े व्यापारिक केंद्रों में करोड़ों रुपये का लेन-देन प्रभावित हो सकता है।

हालांकि, उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए एटीएम (ATM), यूपीआई (UPI), मोबाइल बैंकिंग और इंटरनेट बैंकिंग सेवाएं इस दौरान चालू रहेंगी। ग्राहकों को सलाह दी गई है कि वे अपने कैश और बैंक शाखा से जुड़े जरूरी काम समय रहते निपटा लें।


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