Raebareli News Update: हेमराज मौर्य
उत्तर प्रदेश के रायबरेली कलेक्ट्रेट के बचत भवन में आयोजित जिला विकास समन्वय और निगरानी समिति (‘दिशा’) की बैठक में उस समय भारी गहमा-गहमी देखने को मिली, जब स्थानीय सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं की बदहाली का मुद्दा उठाया। बैठक के दौरान उन्होंने विशेष रूप से ग्रामीण इलाकों में सड़कों की दयनीय स्थिति को लेकर गहरी नाराजगी व्यक्त की।
भरी बैठक में दिखाईं जमीनी हकीकत की तस्वीरें
बैठक की अध्यक्षता कर रहे राहुल गांधी ने चर्चा के दौरान अचानक अपना मोबाइल फोन निकाला और वहां मौजूद मंत्रियों व प्रशासनिक अधिकारियों को बदहाल सड़कों की तस्वीरें दिखानी शुरू कर दीं। उन्होंने सोशल मीडिया और जमीनी स्तर पर सामने आईं गड्ढों से भरी सड़कों की तस्वीरें सीधे सामने रखीं। इस दौरान उनके पास उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री मनोज पांडेय और राज्य मंत्री दिनेश प्रताप सिंह भी मौजूद थे।
‘फंड जारी होने के बाद भी धरातल पर काम क्यों नहीं?’
सड़कों के निर्माण में लापरवाही को लेकर कांग्रेस सांसद ने जिला प्रशासन और लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिकारियों को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कड़े शब्दों में सवाल किया कि जब केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं के तहत बजट जारी किया जा रहा है, तो जमीनी स्तर पर सड़कों की हालत इतनी खराब क्यों है? उन्होंने अधिकारियों को हिदायत दी कि निर्माण कार्यों में पारदर्शिता लाई जाए और विभागवार जवाबदेही तय की जाए ताकि जनता को इस समस्या से राहत मिल सके।
प्रशासन ने दी सफाई, कहा- जल्द होगा सुधार
सांसद के तीखे सवालों के बाद जिलाधिकारी (DM) सरनीत कौर और संबंधित विभागों के अधिकारियों ने मोर्चा संभाला। उन्होंने स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि क्षेत्र में हुई अत्यधिक बारिश के चलते कुछ मुख्य मार्गों और ग्रामीण सड़कों को नुकसान पहुँचा है। प्रशासन ने भरोसा दिया कि लोक निर्माण विभाग और अन्य जिम्मेदार एजेंसियां युद्धस्तर पर काम कर रही हैं और बची हुई क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत का काम जल्द से जल्द पूरा कर लिया जाएगा।
कलेक्ट्रेट के बाहर विपक्ष का प्रदर्शन
इस महत्वपूर्ण बैठक के शुरू होने से पहले कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर सियासी पारा भी चढ़ गया था। समाजवादी पार्टी (सपा) के स्थानीय विधायकों ने क्षेत्र की विभिन्न जनसमस्याओं, बंद पड़े स्कूलों और बुनियादी सुविधाओं की कमी को लेकर हाथों में तख्तियां लेकर विरोध प्रदर्शन किया और प्रशासनिक रवैये पर असंतोष जताया।


