Monday, September 7, 2026

TOP NEWS

बंगाल में अष्टमी पर...

गौरव जोशीबंगाल में अष्टमी पर शराबबंदी का फैसला सराहनीय, क्या MP और...

आजादी के बाद पहली...

राहुल सेनआजादी के बाद पहली बार... MP के धार जिले में पहुंचेगी...

धूमधाम एवं श्रद्धाभाव से...

धूमधाम एवं श्रद्धाभाव से मनाया गया विश्व हिंदू परिषद का स्थापना दिवस एवं...

सेवा संकल्प अभियान के...

सेवा संकल्प अभियान के तहत भाजपा ग्रामीण धार की जिला कार्यशाला एवं जिला...
Homeदेशबंगाल में दुर्गा पूजा के नए नियम: महाअष्टमी पर शराब बिक्री बंद,...

बंगाल में दुर्गा पूजा के नए नियम: महाअष्टमी पर शराब बिक्री बंद, ममता बनर्जी द्वारा शुरू किया गया कार्निवल भी रद्द

बंगाल में दुर्गा पूजा के नए नियम: महाअष्टमी पर शराब बिक्री बंद, ममता बनर्जी द्वारा शुरू किया गया कार्निवल भी रद्द

कोलकाता (NTV TIME): पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने इस साल की दुर्गा पूजा को लेकर कई बड़े और ऐतिहासिक दिशा-निर्देशों की घोषणा की है। राज्य सरकार के नए फसलों के तहत इस बार महाअष्टमी के पावन अवसर पर पूरे राज्य में शराब की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। इसके साथ ही, पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के कार्यकाल के दौरान शुरू किया गया भव्य पोस्ट-पूजा कार्निवल (मेला) भी इस साल रद्द कर दिया गया है।

मिलन मेला प्रांगन में पूजा समितियों के साथ आयोजित एक समन्वय बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने इन कड़े प्रशासनिक सुधारों का एलान किया।

महाअष्टमी पर पूर्ण शराबबंदी (Dry Day)
बंगाल के इतिहास में यह पहली बार है जब किसी सरकार ने दुर्गा पूजा के उत्सव के दौरान शराब की बिक्री पर इस तरह का पूर्ण प्रतिबंध लगाया है।

  • दुकानें और बार रहेंगे बंद: मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने स्पष्ट किया कि महाअष्टमी के दिन, जब श्रद्धालु मां दुर्गा को अंजलि और पुष्पांजलि अर्पित करते हैं, उस पवित्र दिन राज्य भर की सभी शराब की दुकानें और बार पूरी तरह बंद रहेंगे।
  • ऐतिहासिक बदलाव: इससे पहले वामपंथी (Left) या तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सरकारों के दौरान पूजा के इन विशेष दिनों में शराब बिक्री पर कभी रोक नहीं लगाई गई थी।

ममता बनर्जी का शुरू किया हुआ ‘दुर्गा पूजा कार्निवल’ रद्द
प्रशासन ने विसर्जन के बाद रेड रोड पर होने वाले प्रसिद्ध ‘दुर्गा पूजा कार्निवल’ को इस साल आयोजित न करने का फैसला किया है।

  • क्या था कार्निवल: इस मेगा कार्निवल जुलूस की शुरुआत ममता बनर्जी ने अपने कार्यकाल में की थी, जिसमें राज्य की प्रमुख दुर्गा प्रतिमाओं और झांकियों का प्रदर्शन किया जाता था। यह आयोजन देश-विदेश के पर्यटकों के बीच काफी लोकप्रिय था, लेकिन कानून-व्यवस्था और परंपराओं को ध्यान में रखते हुए सुवेंदु सरकार ने इसे अब बंद करने का निर्णय लिया है।

डीजे (DJ) संगीत और विसर्जन पर कड़े नियम
त्योहार के दौरान अनुशासन और पारंपरिक गरिमा बनाए रखने के लिए सरकार ने कुछ और अहम पाबंदियां लगाई हैं:

  • डीजे पर टोटल बैन: मूर्ति विसर्जन जुलूसों या पूजा पंडालों के आसपास डीजे संगीत बजाने पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा।
  • धार्मिक भावनाएं: पूजा समितियों से अपील की गई है कि वे पंडाल या मूर्तियों की थीम तय करते समय सावधानी बरतें ताकि सनातन परंपराओं और धार्मिक भावनाओं को ठेस न पहुंचे।
  • हाईवे और रूट डायवर्जन: राष्ट्रीय राजमार्गों (National Highways) पर पूजा या जुलूस के कारण किसी भी तरह की बाधा डालने की अनुमति नहीं होगी। इसके अलावा, महालया से पहले किसी भी पूजा का उद्घाटन नहीं किया जा सकेगा।

पूजा समितियों को वित्तीय सहायता
भले ही नियमों को कड़ा किया गया है, लेकिन सरकार ने उत्सव के उत्साह को कम नहीं होने दिया है। सुवेंदु सरकार ने पूर्ववर्ती सरकार की तरह ही स्थानीय स्तर पर पूजा आयोजित करने वाले क्लबों को ₹1 लाख का अनुदान देने की घोषणा की है। इसके अलावा बिजली बिल और फायर सेफ्टी लाइसेंस के शुल्कों में भी विशेष छूट दी जाएगी।


RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments