Home मध्य प्रदेश BHOPAL : जनता को अवैध कॉलोनियों से बचाने कॉलोनाइजरों की सूची जारी

BHOPAL : जनता को अवैध कॉलोनियों से बचाने कॉलोनाइजरों की सूची जारी

प्रदेश में अवैध कॉलोनियों (Illegal colonies) से लोगों को बचाने और उन्हें सही निवेश के लिए जागरूक करने के उद्देश्य से सरकार (Government) ने प्रदेश में रजिस्टर्ड कॉलोनाइजरों (Registered Colonizers) की सूची (List) जारी की है। इस सूची में कॉलोनाइजरों के नाम, रजिस्ट्रेशन नंबर और कार्यालय का पता भी शामिल किया गया है, ताकि लोग अवैध कॉलोनियों से बच सकें। साथ ही, निकायों को निर्देश दिए गए हैं कि वे लगातार सर्वेक्षण करें और अवैध कॉलोनियों के बनने पर त्वरित कार्रवाई करें। पूर्व में कॉलोनाइजरों के रजिस्ट्रेशन सिर्फ उसी जिले में होते थे, जहां वे अपना प्रोजेक्ट शुरू करते थे। इसका फायदा उठाकर कई कॉलोनाइजर एक जिले में रजिस्ट्रेशन कराने के बाद दूसरे जिले में उसी रजिस्ट्रेशन से अवैध कॉलोनियां बना लेते थे। अब सरकार ने कॉलोनाइजरों के रजिस्ट्रेशन को प्रदेश स्तर पर कर दिया है, जिससे वे किसी भी जिले में प्रोजेक्ट शुरू कर सकते हैं, लेकिन उनके पास रजिस्ट्रेशन का प्रमाण होना जरूरी होगा।

प्रदेश में आठ हजार अवैध कॉलोनियां

प्रदेश में अब तक लगभग आठ हजार अवैध कॉलोनियां चिन्हित की जा चुकी हैं। इनमें से 600 से अधिक कॉलोनाइजरों पर एफआईआर दर्ज की गई है। हालांकि, निकाय अधिकारियों की ओर से अभी तक इस मुद्दे पर कार्रवाई अपेक्षाकृत धीमी रही है। सरकार अब कड़े नियम और कानून बनाने की तैयारी कर रही है, ताकि अवैध कॉलोनियों पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सके। इसके लिए वार्ड प्रभारी को जिम्मेदारी दी जाएगी कि वे अवैध कॉलोनियों के निर्माण होते ही उन पर कार्रवाई करें।

अवैध कॉलोनियों के खिलाफ सजा और जुर्माने का प्रस्ताव

सरकार अवैध कॉलोनियों के खिलाफ कड़े कानूनी प्रावधान बनाने जा रही है। इसके तहत अवैध कॉलोनियों के निर्माण पर कॉलोनाइजरों के खिलाफ जुर्माना और सजा का प्रावधान किया जाएगा। जुर्माना 50 लाख रुपये तक हो सकता है, जबकि कॉलोनाइजर को 10 साल तक की सजा भी हो सकती है। हालांकि, इन दंड और सजा के प्रावधानों पर अंतिम निर्णय कैबिनेट द्वारा लिया जाएगा। प्रदेश के बड़े शहरों में अवैध कॉलोनियों का निर्माण सबसे अधिक भोपाल, इंदौर और ग्वालियर में हुआ है। इंदौर में 200 से अधिक कॉलोनाइजरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई हैं, जबकि भोपाल और ग्वालियर में भी इस समस्या का सामना किया जा रहा है। हाल ही में नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने अवैध कॉलोनियों के खिलाफ कार्यवाही की समीक्षा की और निकायों से इस मुद्दे पर सख्त कार्रवाई करने की बात कही। मंत्री ने कहा कि अवैध कॉलोनियों के खिलाफ मुहिम चलाकर साइन बोर्ड लगाए जाएं, ताकि लोग इन कॉलोनियों से बच सकें और बिना जानकारी के इन क्षेत्रों में निवेश न करें।

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