इंदौर की 103 सालों से चली आ रही संस्कृति और विरासत की झांकियों का कारवां निकला सड़कों पर, कैलाश विजयवर्गीय ने गाए भजन, आकाश विजयवर्गीय भी रहे मौजूद
आकाश विजयवर्गीय ने देव से महादेव वेलफेयर सोसायटी के मंच से झांकियों का किया भव्य स्वागत
इंदौर – 25 सितंबर शुक्रवार को एक बार फिर इंदौर गौरवशाली पलों का साक्षी बना। अनन्त चतुर्दशी के अवसर पर शहर में निकलने वाली झांकियों का शहरवासियों ने रातभर जागकर दीदार किया। नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय इन झांकियों का हिस्सा बने और इस अवसर पर पूर्व विधायक आकाश विजयवर्गीय के नेतृत्व में देव से महादेव वेलफेयर सोसायटी के सौजन्य से एम जी रोड़ पर श्रीकृष्ण टॉकिज के पास मंच स्थापित कर झांकियों के भव्य चल समारोह का स्वागत किया गया।
मिलों और मिल क्षेत्र की गहराइयों से जुड़े कैलाश विजयवर्गीय का उत्साह और उमंग इस अवसर पर देखते ही बना। अपने पूरे जोश-खरोश के साथ वे इन पौराणिक और आधुनिकता का समावेश लिए झांकियों का हिस्सा लंबे समय से बनते आ रहे हैं। रात होने के साथ जैसे ही रोशनी मे नहाई झांकियां सड़कों पर आती है। कैलाश विजयवर्गीय इन झांकियों का हिस्सा बन जाते हैं और अपने सुमधुर भजनों के माध्यम से दर्शकों का भरपूर मनोरंजन करते हैं। इस अवसर पर वह अपने पुराने साथियों से मुलाकात करते हैं और शोर-शराबे की परवाह किए बगैर अपना गीत-संगीत का सफर जारी रखते हैं। जब मिलें चालू थी उस समय मजदूरों किस तरह पसीना बहाकर कम संसाधनों में बेहतर झांकिया बनाते थे, उस दौर को कैलाशजी ने काफी नजदीक से देखा है इसलिए आज भी जब अन्नत चतुर्दशी का पर्व आता है तो वे इस झांकियों का हिस्सा बनने से खुद को रोक नहीं पाते हैं। दर्शकों को भी उनकी भजन संध्या का बड़ी बेसब्री से इंतजार रहता है।
झांकियों से मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का भावात्मक संबंध है
इस अवसर पर बोलते हुए आकाश विजयवर्गीय ने कहा कि झांकियों के इस चल समारोह में हम माननीय मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के नेतृत्व में जाते हैं। यह समारोह कैलाश विजयवर्गीय जी के लिए काफी भावुक करने वाले क्षण हैं क्योंकि हमारे दादाजी मिल में मजदूरी करते थे और जब इंदौर में सभी मिले चालू थी और उस समय जब झांकियां निकलती थी तब मिल में काम करने वाले लोगों के लिए यह काफी गौरव का क्षण होता था। दूर-दूर से इन नयनाभिराम झांकियों को देखने के लिए उनके रिश्तेदार और परिचित आते थे। उस समय मिल से जुड़े लोग इन झांकियों को लेकर काफी गर्वित महसूस करते थे और अपने यहां पर आए मेहमानों को झांकियों को दिखाने के लिए ले जाते थे। इसलिए माननीय मंत्री कैलाश जी भी इन झांकियों से इमोशनली जुड़े हैं। वह आठ घंटे लगातार भजनों का गायन करते हैं। यह कार्यक्रम उनकी भावनाओं से जुड़ा हुआ है। हम लोग भी उनके साथ रहते हैं इन झांकियों से जुड़े मिल मजदूरों को बधाई देते हैं। मै इस अवसर पर सभी लोगों को अनन्त चतुर्दशी की शुभकामना देता हूं।
