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इंदौर में मिलावटी घी का भंडाफोड़: 96 में से 28 सैंपल असुरक्षित, लैब टेस्ट में सीसे (Lead) की मात्रा तय सीमा से 10 गुना अधिक

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इंदौर: अगर आप भी बाजार से डिब्बाबंद या पैक्ड घी खरीदकर खा रहे हैं, तो सावधान हो जाइए। इंदौर में खाद्य सुरक्षा विभाग (Food Safety Department) की एक बड़ी कार्रवाई में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। शहर के अलग-अलग इलाकों से लिए गए पैक्ड घी के 96 सैंपलों में से 28 सैंपल पूरी तरह फेल पाए गए हैं। सबसे डराने वाली बात यह है कि इन सैंपलों में सीसे (Lead) की मात्रा तय कानूनी सीमा से 10 गुना तक अधिक मिली है, जो मानव शरीर के लिए बेहद खतरनाक और एक धीमे जहर की तरह है।

गुजरात और महाराष्ट्र से जुड़ा है सप्लायरों का नेटवर्क

खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार, यह पूरी कार्रवाई जुलाई से सितंबर के बीच इंदौर के सियागंज, पालदा और लसूड़िया जैसे प्रमुख व्यापारिक इलाकों में की गई थी। लैब से आई फाइनल रिपोर्ट में जिन ब्रांड्स के घी असुरक्षित (Unsafe) पाए गए हैं, उनमें से अधिकांश का कनेक्शन गुजरात और महाराष्ट्र के सप्लायरों से है। इन बाहरी राज्यों से भारी मात्रा में अमानक और मिलावटी घी इंदौर के बाजारों में खपाया जा रहा था।

बाजार में बिक चुका है 3400 लीटर से ज्यादा ‘असुरक्षित घी’

रिपोर्ट्स के मुताबिक, जब तक विभाग ने सैंपलों की जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई शुरू की, तब तक करीब 3,400 लीटर से अधिक असुरक्षित और अमानक घी बाजार के जरिए आम जनता की रसोई तक पहुंच चुका था। विभाग अब उन सभी लॉट्स और स्टॉक को ट्रैक कर रहा है ताकि इसे आगे बेचने से रोका जा सके।

सीसे (Lead) से सेहत को क्या है खतरा?

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, भोजन में सीसे (Lead) की इतनी अधिक मात्रा शरीर के अंगों को गंभीर नुकसान पहुंचा सकती:

  • किडनी और लिवर पर असर: यह धीरे-धीरे किडनी और लिवर को डैमेज कर सकता है।
  • दिमागी विकास में रुकावट: बच्चों के मानसिक और शारीरिक विकास पर इसका सबसे बुरा असर पड़ता है।
  • धीमा जहर: शरीर में लेड की लगातार मौजूदगी हाई ब्लड प्रेशर और नर्वस सिस्टम से जुड़ी गंभीर बीमारियों का कारण बनती है।

घर बैठे मिनटों में ऐसे करें असली और नकली घी की पहचान (Ghee Purity Test)

बाजार में बिक रहे इस मिलावटी और खतरनाक घी से खुद को बचाने के लिए खाद्य सुरक्षा विशेषज्ञों ने घर पर ही शुद्धता जांचने के कुछ बेहद आसान तरीके बताए हैं:

  • हाथ पर पिघलाना (Palm Test): थोड़ा सा घी अपनी हथेली पर रखें। अगर घी असली होगा, तो वह शरीर की प्राकृतिक गर्मी से ही तुरंत हथेली पर पिघलना शुरू हो जाएगा। अगर वह नकली या डालडा मिश्रित है, तो उसे पिघलने में समय लगेगा और वह जमा रहेगा।
  • आयोडीन टेस्ट (Iodine Test): एक बर्तन में दो चम्मच घी पिघलाएं और उसमें दो बूंद आयोडीन सॉल्यूशन (Iodine Solution) मिला दें। यदि घी का रंग बदलकर नीला (Blue) हो जाता है, तो समझ लें कि घी में उबले हुए आलू, शकरकंद या स्टार्च की मिलावट की गई है।
  • नमक का टेस्ट (Salt Test): एक कांच के बर्तन में एक चम्मच पिघला हुआ घी लें। इसमें आधा चम्मच नमक और थोड़ा सा हाइड्रोक्लोरिक एसिड (HCl) मिलाएं। इसे अच्छी तरह हिलाकर 5 मिनट के लिए छोड़ दें। अगर नीचे की परत का रंग लाल या गहरा गुलाबी हो जाता है, तो घी में खतरनाक केमिकल या वनस्पति की मिलावट है।
  • उबालकर चेक करना (Boiling Test): एक बर्तन में एक चम्मच घी गर्म करें। अगर घी तुरंत पिघलकर गहरे भूरे (Dark Brown) रंग का हो जाता है, तो वह शुद्ध है। लेकिन अगर वह पिघलने में समय लेता है और उसका रंग हल्का पीला ही रहता है, तो उसमें मिलावट की प्रबल संभावना है।

प्रशासन की सख्त तैयारी, दर्ज होंगे केस

खाद्य सुरक्षा विभाग ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सभी फेल और असुरक्षित सैंपलों के सप्लायरों और संबंधित ब्रांड्स के खिलाफ अपर कलेक्टर कोर्ट (एडीएम कोर्ट) में केस दर्ज करने की तैयारी कर ली है। मिलावटखोरों पर भारी जुर्माने के साथ-साथ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी ताकि त्योहारों के इस सीजन में आम जनता की सेहत के साथ खिलवाड़ रोका जा सके।


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