इंदौर, मध्य प्रदेश के इंदौर शहर के एरोड्रम थाना क्षेत्र में रविवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ. मेट्रो रेल प्रोजेक्ट के तहत सड़क पर डायवर्सन के लिए रखे गए एक अस्थाई कंक्रीट डिवाइडर से टकराकर 44 वर्षीय व्यापारी कमल वाघेला की मौत हो गई. पुलिस ने इस मामले में मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए एमवाय (MY) अस्पताल भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है.
दोस्तों के साथ घूमकर लौट रहे थे घर
पुलिस से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, महावीर कृष्ण एवेन्यू के निवासी कमल वाघेला कमल हेयर कॉस्मेटिक और हस्तशिल्प का व्यापार करते थे. रविवार रात करीब 12 बजे वह अपने दोस्तों के साथ घूमकर बाइक से घर लौट रहे थे. घर के कुछ ही दूरी पहले उनके दोस्त दूसरी तरफ मुड़ गए, जिसके बाद कमल अकेले अपनी बाइक से आगे बढ़े और कुछ ही देर बाद हादसे का शिकार हो गए.
अंधेरे में बाइक सीधे अस्थायी डिवाइडर से टकराई
एरोड्रम पुलिस के मुताबिक, मेट्रो निर्माण कार्य के चलते ट्रैफिक डायवर्सन के लिए सड़क पर भारी कंक्रीट के अस्थाई डिवाइडर रखे गए हैं. रात के वक्त वहां पर पर्याप्त रोशनी और कोई संकेतक (रिफ्लेक्टर या साइन बोर्ड) नहीं होने के कारण कमल की बाइक सीधे इस भारी डिवाइडर से जा टकराई. टक्कर इतनी भीषण थी कि वह बाइक सहित सड़क पर गिर गए और उनके सिर पर गंभीर चोटें आईं.
अस्पताल में इलाज के दौरान तोड़ा दम
दुर्घटना के बाद मौके पर मौजूद राहगीरों और स्थानीय लोगों ने उन्हें गंभीर हालत में तुरंत एमवाय अस्पताल पहुंचाया. जहां डॉक्टरों ने उनके इलाज की कोशिश की, लेकिन गंभीर रूप से घायल कमल ने इलाज के दौरान ही दम तोड़ दिया. मृतक कमल वाघेला के परिवार में उनकी दो बेटियां और एक बेटा है.
परिजनों का आरोप और पुलिस की जांच
घटना के बाद मृतक के परिजनों ने मेट्रो प्रोजेक्ट प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं. परिजनों का कहना है कि डायवर्सन रूट पर न तो कोई रिफ्लेक्टर लगे थे और न ही दुर्घटना से बचने के लिए कोई चेतावनी बोर्ड लगाया गया था. फिलहाल पुलिस घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों के फुटेज खंगाल रही है, जिससे हादसे की असली वजह और स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सके.
