इंदौर। स्वच्छता में लगातार देश का सिरमौर रहने वाले इंदौर शहर में आज एक बड़ा हंगामा देखने को मिला। इंदौर नगर निगम (IMC) मुख्यालय पर बड़ी संख्या में सफाई कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर मोर्चा खोल दिया। कर्मचारियों ने निगम परिसर में प्रवेश कर अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की, जिससे काफी देर तक वहां अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
इन प्रमुख मांगों को लेकर अड़े कर्मचारी
सफाई कर्मचारी संगठनों के नेतृत्व में जुटे प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे लंबे समय से अपनी जायज मांगों को लेकर प्रशासन को अवगत करा रहे हैं, लेकिन हर बार उन्हें सिर्फ आश्वासन ही मिलता है। कर्मचारियों की मुख्य मांगें निम्नलिखित हैं:
- कर्मचारियों का नियमितीकरण: वर्षों से दैनिक वेतनभोगी और ठेका प्रथा के तहत काम कर रहे सफाई कर्मियों को स्थाई (नियमित) किया जाए।
- समय पर वेतन और भत्ते: हर महीने निश्चित तारीख पर वेतन का भुगतान हो और बकाया भत्तों को तुरंत जारी किया जाए।
- सुरक्षा उपकरण और सुविधाएं: फील्ड पर काम करने वाले सफाई मित्रों को उच्च गुणवत्ता वाले ग्लव्स, मास्क, जूते और अन्य सुरक्षा उपकरण नियमित रूप से दिए जाएं।
- अनुकंपा नियुक्ति: सेवाकाल के दौरान दिवंगत हुए कर्मचारियों के परिजनों को तुरंत अनुकंपा नियुक्ति का लाभ मिले।
परिसर में जोरदार हंगामा और नारेबाजी
प्रदर्शन के दौरान माहौल उस समय और गरमा गया जब कर्मचारियों ने नगर निगम परिसर के भीतर ही धरना दे दिया। ‘हमारी मांगें पूरी करो’ और ‘नगर निगम प्रशासन होश में आओ’ जैसे नारों से पूरा परिसर गूंज उठा। प्रदर्शनकारियों का साफ कहना है कि इंदौर को नंबर वन बनाने में दिन-रात एक करने वाले सफाई कर्मचारियों के हितों की अनदेखी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम, अधिकारी समझाइश में जुटे
हंगामे की सूचना मिलते ही नगर निगम के आला अधिकारी और स्थानीय पुलिस बल मौके पर पहुंचे। अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए परिसर में सुरक्षा बढ़ा दी गई। खबर लिखे जाने तक, निगम के वरिष्ठ अधिकारी प्रदर्शनकारी कर्मचारी नेताओं से बातचीत कर रहे हैं ताकि उन्हें शांत कराया जा सके और काम पर लौटने के लिए राजी किया जा सके। कर्मचारी नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर ठोस और लिखित आश्वासन नहीं मिला, तो वे आने वाले दिनों में उग्र आंदोलन और काम बंद करने पर मजबूर होंगे।
