इंदौर में यातायात नियमों में बड़ा बदलाव: बिना इंश्योरेंस नहीं मिलेगा ईंधन, हेलमेट-सीटबेल्ट पर प्रशासन सख्त
इंदौर। शहर की यातायात व्यवस्था को सुरक्षित और हाईटेक बनाने के लिए इंदौर प्रशासन अब तक का सबसे बड़ा कदम उठाने जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट की सड़क सुरक्षा समिति के दिशा-निर्देशों के बाद अब इंदौर में ‘नो इंश्योरेंस, नो पेट्रोल’ नीति को जमीन पर उतारने की तैयारी पूरी हो चुकी है। इस नए नियम के तहत, यदि आपके वाहन का बीमा (Third Party Insurance) खत्म हो चुका है, तो आपको शहर के किसी भी पेट्रोल पंप पर ईंधन नहीं दिया जाएगा।
ऑटोमैटिक सिस्टम से होगी जांच
इस पूरी व्यवस्था को पारदर्शी और डिजिटल बनाने के लिए इंदौर के पेट्रोल पंपों पर विशेष तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। ईंधन भराने आने वाले हर वाहन की नंबर प्लेट को वहां लगे हाईटेक कैमरों के जरिए स्कैन किया जाएगा। यह सिस्टम सीधे केंद्रीय ‘वाहन पोर्टल’ से जुड़ा होगा, जो पल भर में गाड़ी के इंश्योरेंस की स्थिति बता देगा। बीमा न होने पर पेट्रोल पंप मशीनें वाहन में ईंधन नहीं भरेंगी।
सुरक्षा नियमों पर ‘ज़ीरो टॉलरेंस’
सड़क सुरक्षा समिति के अध्यक्ष और पूर्व न्यायाधीश जस्टिस अभय मनोहर सप्रे की अगुवाई में हुई उच्च स्तरीय बैठक में सुरक्षा नियमों को लेकर कड़े निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन अब दोपहिया वाहनों के लिए हेलमेट और चार पहिया वाहनों के लिए सीटबेल्ट की अनिवार्यता को लेकर बेहद सख्त रुख अपनाने जा रहा है। लापरवाही बरतने वाले वाहन चालकों के साथ-साथ नियमों का उल्लंघन करने वाले पेट्रोल पंप संचालकों पर भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस बड़े फैसले के पीछे की वजह
- मुआवजे की समस्या: सड़कों पर चल रहे आधे से अधिक वाहनों का बीमा नहीं होता, जिससे दुर्घटना के समय पीड़ितों को हर्जाना मिलने में कानूनी अड़चनें आती हैं।
- सड़क हादसों पर लगाम: नगर निगम और पुलिस प्रशासन का मुख्य उद्देश्य इंदौर की सड़कों पर होने वाले जानलेवा हादसों के ग्राफ को नीचे लाना है।
- डिजिटल निगरानी: तकनीक के इस प्रयोग से लोग खुद ही समय पर अपने वाहनों का बीमा रीन्यू कराने और सुरक्षा नियमों का पालन करने के लिए जागरूक होंगे।
यह अनोखी पहल इंदौर को देश के सबसे सुरक्षित और व्यवस्थित शहरों की कतार में खड़ा करने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित हो सकती है।


