Saturday, October 17, 2026

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इंदौर में प्रशासन सख्त: अब केवल रजिस्टर्ड मेडिकल प्रैक्टिशनर के पर्चे पर ही मिलेंगी चिह्नित दवाएं, प्रतिबंधात्मक आदेश जारी

इंदौर में प्रशासन सख्त: अब केवल रजिस्टर्ड मेडिकल प्रैक्टिशनर के पर्चे पर ही मिलेंगी चिह्नित दवाएं, प्रतिबंधात्मक आदेश जारी

इंदौर। युवाओं में बढ़ती नशे की लत और प्रतिबंधित दवाओं के दुरुपयोग को रोकने के लिए इंदौर जिला प्रशासन ने एक बड़ा कदम उठाया है। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी द्वारा शहर में धारा 163 (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, BNSS) के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए गए हैं। इस आदेश के बाद अब शहर के सभी मेडिकल स्टोर्स पर चिह्नित (शेड्यूल-H, H1 और X श्रेणी की) दवाओं की बिक्री बिना वैध डॉक्टर के पर्चे (Prescription) के नहीं की जा सकेगी।

मुख्य बिंदु और नए नियम:

  • वैध पर्चा अनिवार्य: चिह्नित दवाएं केवल रजिस्टर्ड मेडिकल प्रैक्टिशनर (RMP) के मूल पर्चे को देखने के बाद ही दी जाएंगी।
  • पर्चे पर लगेगी सील: मेडिकल स्टोर संचालक को दवा देने के बाद डॉक्टर के पर्चे पर अपनी दुकान की सील लगानी होगी और तारीख लिखनी होगी, ताकि उसी पर्चे का दोबारा इस्तेमाल न हो सके।
  • रजिस्टर का रखरखाव: सभी मेडिकल स्टोर्स को इन दवाओं की खरीद-बिक्री का पूरा रिकॉर्ड (मरीज का नाम, डॉक्टर का नाम, दवा की मात्रा) एक अलग रजिस्टर में दर्ज करना होगा।
  • सीसीटीवी निगरानी: दवा दुकानों पर सीसीटीवी कैमरों का सुचारू संचालन अनिवार्य किया गया है, जिसकी फुटेज प्रशासन कभी भी जांच सकता है।

क्यों लिया गया यह फैसला?

प्रशासन को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ मेडिकल स्टोर्स से युवाओं और छात्रों को कफ सिरप, पेनकिलर्स और अन्य अवसादरोधी (Anti-depressant) दवाएं बिना डॉक्टर की सलाह के धड़ल्ले से बेची जा रही हैं। इन दवाओं का उपयोग नशे के विकल्प के रूप में किया जा रहा था। इस अवैध कारोबार पर पूरी तरह रोक लगाने और इंदौर को नशामुक्त बनाने के उद्देश्य से यह सख्त कदम उठाया गया है।

उल्लंघन करने पर होगी सख्त कार्रवाई

जारी आदेश के अनुसार, यदि कोई भी मेडिकल स्टोर संचालक बिना पर्चे के ये दवाएं बेचता हुआ पाया जाता है, या नियमों का उल्लंघन करता है, तो उसके खिलाफ कानूनन दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसके तहत दुकान का लाइसेंस निलंबित या निरस्त करने के साथ-साथ कानूनी मामला भी दर्ज हो सकता है।


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