Thursday, October 15, 2026

TOP NEWS

BSA Gold Star 650...

BSA Gold Star 650 के दो नए स्पेशल एडिशन भारत में लॉन्च हो गए हैं। जानें बर्मिंघम ब्लू और ब्रुकलैंड्स ब्लैक लेगेसी वेरिएंट्स की नई कीमतें, 4 साल की वारंटी और दमदार स्पेसिफिकेशन्स की पूरी डिटेल।

SIR विवाद के बीच...

SIR विवाद के बीच चुनाव आयोग ने यूपी-एमपी समेत 17 राज्यों में वोटर लिस्ट अपडेट (SSR) करने का दिया आदेश. 1 जनवरी 2027 होगी कट-ऑफ तारीख, जानें क्या बदलेंगे नियम.

शाहपुरा जनपद के पंचायत...

डिंडौरी। जिला पंचायत डिंडौरी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा पंचायत सचिव मनोहर आर्मो...

वृद्धजन, निःशक्तजन व महिलाओं...

वृद्धजन, निःशक्तजन व महिलाओं को मिलेगी निःशुल्क परिवहन की सौगात।निःशुल्क परिवहन देने वाला...
Homeमध्य प्रदेशमंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने इंदौर में संभावित जल संकट से निपटने के...

मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने इंदौर में संभावित जल संकट से निपटने के लिए की बैठक

मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने इंदौर में संभावित जल संकट से निपटने के लिए की बैठक

महापौर, विधायक और एम.आई.सी. के साथ वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद

मालवा निमाड़ की बैठक में नगरीय निकायो को हर 15 दिन में जल प्रदाय की प्लानिंग कर रिपोर्ट देने के दिए निर्देश

श्री विजयवर्गीय ने सुबह ली समीक्षा बैठक शाम को गरबा मंडलों में दिला रहे हैं पानी की बचत की शपथ

जल के सदुपयोग को लेकर जागरुकता अभियान चलाया जाए – मंत्री कैलाश विजयवर्गीय

मैने महापौर जी से कहा हे कि नर्मदा जल से कार धोने पर तत्काल चालान बनाया जाए – मंत्री कैलाश विजयवर्गीय

जलसंकट से निपटने के लिए हमारे पास तीन योजनाएं हैं – तत्काल, मध्यकालीन और लंबे समय की योजना – मंत्री कैलाश विजयवर्गीय

इंदौर – कम वर्षा के चलते शहर में पानी की कमी की संभावना को देखते हुए नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने 15 अक्टूबर गुरुवार को जलसंकट की रोकथाम और प्रबंधन को लेकर एक बैठक का आयोजन किया। बैठक में उपस्थित जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि हमें अभी से जलसंकट की आहट सुनाई दे रही है और हम सभी को इससे निपटने के लिए एक जागरुकता अभियान चलाना चाहिये। घरों में किस तरह से पानी का सदुपयोग कर सकते हैं इसकी प्लानिंग अभी से हमें बनाना चाहिये।

संकट के इस दौर में पानी का सदुपयोग करे दुरुपयोग नहीं

मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि इस बार बारिश औसत से 40 प्रतिशत कम हैं इसलिए भविष्य में जलसंकट की संभावना है और अभी से हमें उसकी तैयारी करना होगी। इसके लिए हमने जिन जिलों में बारिश कम हुई है वहां पर जल संकट के समाधान के लिए बैठक करना प्रारंभ कर दिया है। वर्तमान में जब मैं शहर के गरबा मंडलों में जा रहा हूं तो जल संकट की शिकायतें आ रही है। इसके लिए हमने संबंधित विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर चर्चा की और इंदौर शहर के लिए हमारे पास तीन प्रकार की योजनाएं हैं। पहली तत्काल, दूसरी मध्यकालीन और तीसरी लंबे समय की योजना। लंबे समय की योजना में 2029 में नर्मदा का चौथा चरण आ रहा है। इसमें 2050 तक का पर्याप्त पानी हमारे पास रहेगा। अभी भी शहर के 17 प्रतिशत हिस्से में नर्मदा जल नहीं पहुंचता है। वहां पर पेयजल की आपूर्ति बोरवेल और टैंकरों के द्वारा की जाती है। इस साल बोरिंग के सूखने की संभावना है। उन क्षेत्रों में पानी कैसे पहुंचाया जाए इस पर चर्चा की गई। बोरिंग अगर खराब होते हैं तो उनको तत्काल सुधरवाया जाए। पाइप कम है तो बढ़ाए जाएं। मेरा मीडिया के माध्यम से अनुरोध है कि जल के सदुपयोग को लेकर जागरुकता अभियान चलाया जाए। शावर की बजाय बाल्टी में पानी भरकर स्नान करें। आर ओ के वेस्ट वाटर का उपयोग घर की साफ-सफाई में करें अर्थात हमारे पास उपलब्ध पानी का ज्यादा से ज्यादा सदुपयोग करें। यदि कोई पाइप लगाकर कार धोता है तो मैने महापौर जी से कहा कि उसका तत्काल चालान बनाएं यह इतना महंगा पानी कार धोने के लिए नहीं है। नए कनेक्शन देने और बोरवेल पर प्रतिबंध को लेकर उन्होंने कहा कि अभी इस तरह का कोई फैसला नहीं लिया गया है, लेकिन जनहित में आगे जैसी जरूरत होगी निर्णय लिया जाएगा। पानी को लेकर आपातकाल लगाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि आपातकाल नहीं, लेकिन कलेक्टर के अधिकार क्षेत्र में यह आता है कि यदि आपातकालीन स्थिति है तो वे किसी के भी बोरिंग का अधिग्रहण कर सकते हैं। यदि संकट की स्थिति में कोई पानी बेच रहा है और जनता के पास पानी नहीं है तो उसका अधिग्रहण कर सकते हैं। जब मंत्री कैलाश विजयवर्गीय से पूछा गया कि जलसंकट से निपटने के लिए 50 करोड़ की मांग की गई है तो उन्होंने कहा कि जरूरत पढ़ने पर 100 करोड़ भी देंगे। इंदौर स्वच्छता में नंबर वन शहर के प्रबुद्ध नागरिकों की बदौलत आया है और आज शहर में स्वच्छता संस्कार हो गया है। यह संस्कार देश में किसी शहर के नहीं हैं। इसको व्यवहार में लेने में 10 से 15 सालों का समय लगा और हमने शहर की बड़ी हस्तियों का इसमें सहयोग लिया। इसी तरह पानी के लिए भी हमें शहर के प्रबुद्धजनों के साथ एक वातावरण बनाना है कि हम पानी का सदुपयोग करें ना की दुरुपयोग करें। उपचारित पानी के भी ज्यादा से ज्यादा उपयोग की उन्होंने बात कही।

दोपहर 2 बजे से मालवा निमाड़ के जिलों में जलसंकट को लेकर बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में मंत्री विजयवर्गीय ने उपस्थित नगरीय निकायों के अधिकारियों से जिलों में विभिन्न स्थानों पर वर्तमान में जलप्रदाय की स्थिति की जानकारी ली और भविष्य में हर 15 दिन में जल प्रदाय की हर संभावना और आ रही समस्या पर प्लानिंग बना कर कंक्रीट रिपोर्ट सबमिट करे , जल संकट से निपटने के लिए कानून में कुछ बदलाव करना आवश्यक हो तो हम भोपाल से उसे करेंगे।

गरबा मंडलों के माध्यम से जल के सदुपयोग का संदेश

मंत्री कैलाश विजयवर्गीय इन दिनों जलसंकट को लेकर जनता के बीच जाकर जागरुकता अभियान चला रहे हैं। इसके लिए वे नवरात्रि के अवसर पर गरबा मंडलों का सहारा ले रहे हैं। गरबा मंडलों में जाकर कैलाश विजयवर्गीय वर्तमान में कम वर्षा की स्थिति में लोगों को भविष्य में जल के सदुपयोग की सीख दे रहे हैं। गरबा पंडालों में लोगों को पानी की बचत की शपथ दिलवा रहे हैं और यह बता रहे हैं कि कैसे वे कम से कम पानी में अपनी दिनचर्या का संचालन कर सकते हैं। संकट के इस दौर में पानी की एक-एक बूंद कीमती है इसलिए पानी व्यर्थ ना बहाएं। कम पानी में अपनी दैनिक जरूरतों को पूरी करें और आर ओ से निकलने वाले वेस्ट पानी का उपयोग घर के दूसरे कार्यों में लें। यदि हमने अभी अपनी आदतों में सुधार किया तो यह आदतें हमें भविष्य के जलसंकट से निकालने में सहायक होगी।

पानी के सदुपयोग के लिए पब्लिक अवेयरनेस का कैंपेन चलाया जाएगा

महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि अल्पवर्षा की स्थिति में बारिश का दौर खत्म होने के साथ ही इंदौर नगर निगम ने भविष्य की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए तैयारी शुरु कर दी है। हर वार्ड का मास्टर प्लान, संकट में सभी तक पानी पहुंचे इसकी तैयारी इसको लेकर जागरुकता का काम हम शुरु कर चुके हैं। इस संबंध में मुख्यमंत्री मोहन यादव जी से भी मिलकर उनको अवगत करवा चुका हूं। मैं नगरीय प्रशासन मंत्री जी को धन्यवाद देता हूं कि उन्होंने इस संबंध सें संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से चर्चा की। इसमें दो-तीन बाते हमने विशेष रूप से तय की है। पानी के सप्लाई को लेकर पर्याप्त हाईड्रेंट बनाकर क्लोरिनेट कर टैंकर भरने की व्यवस्था हम करें। हाईड्रेंट तालाब या ऐसी जगह पर हो जहां पर्याप्त पानी हो और गर्मी में मिलता रहे। दूसरा पानी सप्लाई के लिए टैंकरों की जरूरत होगी इसलिए टैंकर खरीदना और उनका सुव्यवस्थित संचालन करना, जो जीपीएस ऑपरेटेड हो इसकी मांग प्रदेश सरकार से भी की गई है और माननीय मंत्री जी ने भी इसके निर्देश दिए हैं। तीसरा नर्मदा जल सप्लाई में जहां पर लीकेज हैं उनको ठीक करना। बिलावली और यशवंत सागर तालाब को दिसंबर में पुन: भरने के लिए एनवीडीए से अनुमति मिल जाए और वे भर जाए इसकी भी योजना हमने बनाई है। इस जल संकट से हम जनभागीदारी से, जनता की जागरुकता से और जनता के सहयोग से ही निपट सकते हैं। पहला लोग पानी का सदुपयोग करें, दूसरा अवैध रूप से जो बोरिंग संचालन कर रहे हैं, पानी का दुरुपयोग कर रहे हैं उनके ऊपर कार्रवाई का प्रावधान करना। इस बात पर भी चर्चा हुई है कि यदि कोई सरकार की सूचना और निर्द्श के बाद भी मोटर लगाकर पानी खिंचता है तो उस पर चालानी और पुलिस कार्रवाई क्या हो सकती है उसके भी निर्देश प्राप्त करने का आग्रह हमने किया है। पानी के सदुपयोग के लिए पब्लिक अवेयरनेस का कैंपेन चले, जिसमें इन्फ्लूएंसर्स, समाज के प्रतिष्ठित लोग, उद्योगपति, कारोबारी, शिक्षा जगत से जुड़े लोग इस विषय को जनता का विषय बनाएं। उपचारित पानी को लेकर उन्होंने कहा कि दो तरह का उपचारित पानी होता है एक सेकंडरी ट्रीटेड और दूसरा टर्शरी ट्रीटेड। टर्शरी ट्रीटेड पानी निर्माण से लेकर पीने तक के उपयोग में लाया जाता है, लेकिन इंदौर में सेकेंडरी ट्रीटेड हो रहा है। एसटीपी पर संबंधित कंपनी के सही से कार्य नहीं करने पर उन्होने कहा कि हम एसटीपी की लगातार जांच करेंगे और कार्य में गड़बड़ी होने पर कार्रवाई करेंगे। हमने जलसंकट से निपटने के लिए 50 करोड़ की राशि की मांग की है। इसलिए हमने मुख्यमत्री जी से भी निवेदन किया है और आज की बैठक में भी यह बात रखी गई है। बिना अनुमति के चिल्ड वाटर का कारोबार करने वालों पर कार्रवाई के लिए मैने कलेक्टर को कहा है।

इस अवसर पर विधायक रमेश मेंदोला, मधु वर्मा, महेन्द्र हार्डिया, जनकार्य समिति के अध्यक्ष राजेंद्र राठौर, जलकार्य समिति के अध्यक्ष अभिषेक बबलू शर्मा ने जलसंकट को लेकर अपनी बात रखी। बैठक में नगर निगम कमिश्नर क्षितिज सिंघल, नगरीय प्रशासन एवं विकास कमिश्नर संकेत भोंडवे, सहित प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments