Wednesday, October 14, 2026

TOP NEWS

छात्राओं से कथित अनुचित...

छात्राओं से कथित अनुचित व्यवहार के आरोपों पर भाजपा महिला मोर्चा का प्रदर्शन,...

मालवा की वैष्णोदेवी मंदिर...

मालवा की वैष्णोदेवी मंदिर दिगठान पहुंची भव्य चुनरी कलश यात्राराहुल सेन मांडवमोप्रतिवर्ष...

भारत का पहला Flex-Fuel...

"भारत का पहला E85 फ्लेक्स-फ्यूल एडवेंचर मैक्सी-स्कूटर Honda ADV 160 लॉन्च हो गया है। ₹1.70 लाख की कीमत वाले इस स्कूटर के फीचर्स, इंजन और स्पेसिफिकेशन्स की पूरी खबर यहाँ पढ़ें।"

पिरान कलियर में कांग्रेस...

पिरान कलियर में कांग्रेस की मासिक बैठक संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत...
Homeमध्य प्रदेशइंदौर MGM मेडिकल कॉलेज मामला: PG डॉक्टर के सुसाइड प्रयास पर दिल्ली...

इंदौर MGM मेडिकल कॉलेज मामला: PG डॉक्टर के सुसाइड प्रयास पर दिल्ली तक हलचल; व्हाट्सएप चैट और एंटी-रैगिंग रिकॉर्ड की जांच शुरू

इंदौर। इंदौर के प्रतिष्ठित एमजीएम (MGM) मेडिकल कॉलेज में गायनोकोलॉजी (स्त्री रोग) विभाग की फर्स्ट ईयर पीजी छात्रा डॉ. सिम्मी यादव द्वारा कथित तौर पर रैगिंग और मानसिक प्रताड़ना से तंग आकर आत्महत्या की कोशिश का मामला अब दिल्ली तक पहुंच गया है। नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) के एंटी-रैगिंग सेल ने इस घटना का कड़ा संज्ञान लेते हुए कॉलेज प्रबंधन को ‘मोस्ट अर्जेंट’ नोटिस जारी किया है। NMC ने कॉलेज के डीन से 24 घंटे के भीतर ‘एक्शन टेकन रिपोर्ट’ (ATR) तलब की है।

💉 इंसुलिन का ओवरडोज लेकर की थी जान देने की कोशिश

डॉ. सिम्मी यादव (PG JR-1) ने अपने सीनियर्स के कथित टॉक्सिक व्यवहार से परेशान होकर भारी मात्रा में इंसुलिन का इंजेक्शन लगा लिया था। उन्हें गंभीर हालत में एमवाय (MY) अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया था। राहत की बात यह है कि समय पर इलाज मिलने से उनकी स्थिति में सुधार हुआ और सोमवार को उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। पुलिस ने अस्पताल में उनका आधिकारिक बयान दर्ज कर लिया है।

व्हाट्सएप चैट और ड्यूटी रोस्टर के रिकॉर्ड खंगालेगी कमेटी

NMC ने कॉलेज प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि वे आत्महत्या के प्रयास से ठीक पहले पीड़ित डॉक्टर द्वारा अपने भाई और दोस्तों को भेजे गए व्हाट्सएप चैट, उनके रोस्टर और पुराने एंटी-रैगिंग रिकॉर्ड की बारीकी से जांच करें। आरोपों के मुताबिक:

  • 392 घंटे की ड्यूटी: जूनियर डॉक्टरों के लिए तय 192 घंटे के मासिक रोस्टर के मुकाबले डॉ. सिम्मी से जबरन 392 घंटे तक काम कराया जा रहा था, जिसमें लगातार 36-36 घंटे की शिफ्ट शामिल थी।
  • सीनियर्स की प्रताड़ना: विभाग के तीन सीनियर रेजिडेंट डॉक्टरों (JR-2) पर छोटी-छोटी गलतियों पर सार्वजनिक रूप से अपमानित करने और करियर बर्बाद करने की धमकी देने का आरोप है।

गवाहों की गोपनीयता और पीड़ित की सुरक्षा के कड़े निर्देश

NMC ने अपने नोटिस में साफ किया है कि जांच में सहयोग करने वाले अन्य रेजिडेंट डॉक्टरों या छात्रों की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाए, ताकि वे बिना किसी डर के सच सामने ला सकें। साथ ही, कमीशन ने कॉलेज को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं कि भविष्य में पीड़ित डॉक्टर के खिलाफ कॉलेज या विभाग स्तर पर किसी भी तरह की प्रतिशोध की भावना (Retaliation) या अकादमिक रूप से नुकसान पहुंचाने की कोशिश न हो।

🔍 कॉलेज प्रशासन ने बनाई 3 जांच कमेटियां

एमजीएम मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. अरविंद घनघोरिया ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए तीन अलग-अलग जांच टीमें गठित की गई हैं। यह कमेटियां विभाग के डॉक्टरों, एचओडी और पीड़ित के सहकर्मियों के बयान दर्ज कर रही हैं। कमेटियों की अंतिम रिपोर्ट अगले 2 से 3 दिनों में आने की उम्मीद है, जिसके आधार पर दोषियों के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

इस घटना ने एक बार फिर देश के मेडिकल कॉलेजों में जूनियर डॉक्टरों पर काम के बेकाबू दबाव और रैगिंग की गंभीर समस्या को उजागर कर दिया है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments